पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है: क्योंकि उसके दोस्तों को मिलती है, क्या इतने छोटे बच्चे को पैसे देना ठीक है?

क्या पॉकेट मनी से बच्चों को जिम्मेदारी की भावना आएगी?

10 साल के बच्चे ने अपने दोस्तों से पॉकेट मनी मांगनी शुरू कर दी है। इसकी वजह यह है कि उनके कई दोस्त स्कूल में 10, 20, 50 या कभी-कभी 100 रुपए तक लेकर आते हैं और कैंटीन या दुकानों से चीजें खरीदते हैं। जब बच्चा उन्हें पैसे खर्च करते देखता है तो उसे भी वैसा ही करने की इच्छा होती है। लेकिन क्या इतने छोटे बच्चों को पॉकेट मनी देना ठीक है?
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही गड़बड़ है 🤔। मैंने अपने ब्रॉमर स्कूल के छात्रों को पॉकेट मनी दिया होता, लेकिन कभी-कभी मेरे साथी छात्र कुछ भी खरीदने लगे और सब कुछ खराब हो जाता। इससे हमें नहीं पता चलता कि हमारे परिवार पैसे कहाँ से दे रहे हैं या हमारे लिए क्या उपयोगी है?

मुझे लगता है कि बच्चों को अपने स्कूल की किताबें खरीदने और खेल खेलने के लिए पैसे देना चाहिए, न कि दोस्तों से। इससे हमें अपने लक्ष्यों पर ध्यान देने में मदद मिलेगी।
 
यह तो बहुत अजीब बात है! मुझे लगता है कि हमें अपने बच्चों को आर्थिक समझदारी के बारे में सिखाना चाहिए, लेकिन इतनी जल्दी पॉकेट मनी देना ठीक नहीं है। पहले उन्हें अपने परिवार के व्यय पर शिक्षित करना चाहिए और फिर समझाएं कि पैसे कैसे साथी होते हैं। 10 साल की उम्र में बच्चों को जिम्मेदारी की भावना नहीं मिलेगी, बल्कि हम उन्हें सही रास्ता दिखाना चाहिए।
 
मुझे लगने का मक्का है कि हमारे बच्चों को जिम्मेदारी की भावना सिखाने के लिए उन्हें पैसे देना सही नहीं है। ये एक तरह की आसानी है, जहां वे अपने दोस्तों से पैसे मांग सकते हैं और फिर खुश रह सकते हैं। लेकिन इससे उनको सच्ची जिम्मेदारी सिखने का मौका नहीं मिलता।
 
मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विचार नहीं है। अगर हम अपने बच्चों को पॉकेट मनी देते हैं तो उन्हें समझाएं, कि इसका उपयोग करना ठीक नहीं है, लेकिन अगर हम उन्हें नियमित रूप से पैसे देते हैं तो वे जिम्मेदारी की भावना से परेशान होंगे। 🤔

इसके अलावा, यह एक अच्छा अवसर है कि हम अपने बच्चों को धनविभाजन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षित करें। हम उन्हें समझाएं, कि पैसे से जुड़ी जिम्मेदारियां और उनकी देयताओं का प्रबंधन करना। 👦

अगर हम अपने बच्चों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करेंगे कि वे जिम्मेदारी की भावना को विकसित करें, तो यह एक अच्छा काम होगा। 😊
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है... 🤔 10 साल के बच्चों को पॉकेट मनी देने से उनकी जिम्मेदारी की भावना नहीं बनती है, बल्कि उन्हें सामाजिक दबाव और अपने दोस्तों के व्यवहार को नकल करने का मौका मिलता है... 🤷‍♂️ अगर हम बच्चों को जिम्मेदारी की भावना देना चाहते हैं, तो उन्हें पर्याप्त जिम्मेदारियाँ सौंपनी चाहिए, जैसे कि अपने खुद के बिस्तर बनाना, खुद को उठाना, या कोई छोटा सा नौकरी का काम करना। 🏠💪 फिर उन्हें जिम्मेदारियों का अनुभव करने दें, ताकि वे समझ सकें कि पैसे कितनी मूल्यवान हैं और उनका संग्रहण ठीक से करना क्यों जरूरी है... 🏦💸
 
मुझे लगता है कि हमारे देश में बचपन से ही जिम्मेदारी की भावना नहीं आती, बस धन की। जब ये 10 साल के बच्चे पॉकेट मनी मांगने लगे तो मुझे लगता है कि यह एक अच्छा लक्ष्य है। अगर हम उन्हें जिम्मेदारी की भावना सिखाते हैं तो वे बड़े होकर अच्छे नागरिक बनेंगे। लेकिन हमें अपने बच्चों को पैसे देने से पहले उनसे समझौता करना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि इस खिलौने के खेल से हमारे बच्चों को पहले से ही बहुत जिम्मेदारी की भावना मिलती है। ये एक अच्छा तरीका है उन्हें आर्थिक समझौतों के बारे में सीखने में मदद कर रहा है। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि 10 साल की उम्र में बच्चों को पर्याप्त पैसे देना और उन्हें इस तरह के खेल में मदद करना चाहिए।
 
यह बच्चों की जिम्मेदारी सीखने का समय नहीं है! 🤔 वे पहले खेलते हैं, फिर पढ़ते हैं और फिर जिम्मेदारी लेते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि अब उनकी दोस्तें उन्हें पैसे मांगने लगी हैं ताकि वे अपनी दोस्तों को मना न करें। यह बच्चों को सीखने का समय नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता को।
 
मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा मिसाल है। पॉकेट मनी से बच्चों को जिम्मेदारी की भावना आएगी नहीं, बल्कि उन्हें बिना किसी सोच-विचार के नुकसान पहुंचाएगा। जब हम उनको रुपये देते हैं तो उनके पास यह समझने का मौका नहीं मिलता कि रुपये क्यों और कैसे काम करते हैं। इससे वे सिर्फ दिखावे बनाते रहेंगे, लेकिन वास्तविक जिम्मेदारी की भावना कभी नहीं पाएगें। 🤔

क्या हमें अपने बच्चों को शिक्षा और मूल्यों की शिक्षा देनी चाहिए? नहीं, हम उन्हें रुपये देकर उन्हें जिम्मेदार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इससे कुछ नहीं होगा। हमें अपने बच्चों को सिखाना चाहिए कि सच्ची जिम्मेदारी कैसे मिलेगी, न कि रुपये। 🙏
 
मुझे लगता है कि ये बहुत अच्छा विचार है कि स्कूल में जिम्मेदारी की भावना आ गई, लेकिन फिर भी थोड़ा सोच-समझकर करना चाहिए, न कि रोजमर्रा की चीजों में पैसे देने की आदत बनाना। 🤔 अगर बच्चों को पैसे दिया जाए तो वे जरूर उसे खर्च कर लेंगे, और फिर से स्कूल में वे ही विकसित होने लगेंगे। लेकिन याद रखें, छोटे बच्चों को बहुत जिम्मेदारियां नहीं देनी चाहिए, उनकी शिक्षा और खेलों में अधिक ध्यान देना चाहिए। 🏫
 
मुझे लगता है कि ये बहुत जिम्मेदारी वाली बात है 🤔। जब बच्चों को पैसे मिलें तो उनकी समझ में नहीं आता कि वह पैसे कैसे सुरक्षित रखें और कैसे अच्छी चीजें खरीदें। लेकिन अगर हम उन्हें सिखाते हैं कि पैसे का सही उपयोग करने का महत्व, तो फिर यह बहुत अच्छा है 💸। मुझे लगता है कि बच्चों को शिक्षित करने के लिए हमें अपने स्कूलों और घरों में जिम्मेदारी की दृष्टि से खेलने वाले खिलौने रखने चाहिए। इससे उन्हें समझ में आएगा कि पैसे कितना महत्वपूर्ण है 💡
 
मैं समझता हूँ कि बहुत से माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों को पॉकेट मनी देना चाहते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक गलत तरीका है। बच्चों को जिम्मेदारी की भावना सिखाने के लिए हमें उन्हें अपने कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों को समझने देना चाहिए, न कि उन्हें पैसे देकर। पॉकेट मनी बच्चों को आर्थिक जिम्मेदारी की भावना से दूर ले सकता है और उन्हें व्यावसायिकता की बात नहीं समझने देता। इसके बजाय, हमें अपने बच्चों को काम करने, बचत करने और पैसे प्रबंधित करने के तरीके सिखाने चाहिए।
 
अरे, ये एक अच्छा सवाल है... मुझे लगता है कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम बच्चों को सिखाने की बजाय उन्हें जिम्मेदारी की भावना देने के लिए पॉकेट मनी देने की जरूरत नहीं है। हमें उन्हें अपने संसाधनों के बारे में जागरूक करना चाहिए और उनको समझाना चाहिए कि अगर वे सावधानी से खर्च करते हैं तो वे कितनी अच्छी चीजें प्राप्त कर सकते हैं।

मुझे लगता है कि हमें बच्चों को अपने सपनों को देखने और उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उन्हें पैसे मांगने के लिए। हमें उन्हें सिखाना चाहिए कि अगर वे अपना समय और प्रयास लगाते हैं तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं।
 
मेरी राय है कि यह कुछ अच्छी बात भी हो सकती है, परंतु कुछ इस तरह से नहीं तो जरूर नुकसान होगा। यारों बच्चों को जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करने के लिए कुछ और तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे कि उन्हें पैसा कमाने के लिए कोई छोटी सी नौकरी देनी, या फिर उनको खेलों में भाग लेने के लिए पैसा देना। यह बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने की जिज्ञासा और कोशिश करने की इच्छा के बारे में सिखाएगा।
 
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