भैरव, रुद्र, शक्ति बाण और दिव्यास्त्र... चीन और पाकिस्तान से निपटेंगी ये भारतीय सेना की बटालियन

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर और सेना को लेकर कई अहम जानकारी देश के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सटीक, संतुलित और दृढ़ प्रतिक्रिया ने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की तैयारी, दृढ़ निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक कौशल को स्पष्ट तौर पर दिखाया है।

इसके अलावा, जनरल द्विवेदी ने सेना में शामिल होने वाले नए बटालियनों के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हम भारतीय सेना में 25 भैरव बटालियनों को शामिल करने वाले हैं। इसके साथ, शक्ति बाण की 15 बटालियन शुरुआती तौर पर भारतीय सेना में शामिल किए जाएंगी। इसके बाद शक्ति बाण की 11 और बटालियनों को सेना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, भारतीय सेना में 34 दिव्यास्त्र बैटरीज को भी शामिल किया जाएगा।

जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि हम रुद्र ब्रिगेड में भी 7 और बटालियन का इंडक्शन करने वाले हैं। सेना प्रमुख ने कहा भारतीय सेना में रूद्र ब्रिगेड के दो बटालियन पहले से शामिल हैं। इसके बाद दूसरे फेज में चार और बटालियनों को कमीशन किया जाएगा।

इसके अलावा, जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो टर्निंग पॉइंट्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकी ठिकानों पर 22 मिनट के हमले को अंजाम दिया। इसमें पहला टर्निंग पॉइंट ये था कि भारतीय सेना के कार्रवाई से उनके फैसले लेने के सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ा गया था और उन्हें यह समझने में काफी वक्त लग गया कि क्या हो रहा है।

वहीं, दूसरे टर्निंग पॉइंट का जिक्र करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि 10 मई, 2025 की सुबह तीनों सेनाओं के प्रमुखों को कुछ ऐसे निर्देश दे दिए गए थे कि अगर यह युद्ध आगे बढ़ता है, तो इसके बाद क्या किया जाएगा।
 
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता 🙌 सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई। जनरल द्विवेदी जी ने ऑपरेशन के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दी है, जैसे कि हमारी सेना को कहाँ और क्या करने की आवश्यकता है। यह भी अच्छी खबर है कि हम 25 भैरव बटालियनों को शामिल करेंगे, शक्ति बाण की 15 बटालियन शुरू में शामिल किए जाएंगे और फिर 11 और। यह दिखाता है कि हमारी सेना मजबूत होकर आगे बढ़ रही है।

लेकिन, जनरल द्विवेदी जी ने यह भी कहा है कि हमें अपनी सेना को विकसित करने और उसकी ताकत बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। यह एक अच्छा प्रयास है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सेना न केवल शक्तिशाली हो, बल्कि उसकी सटीकता, संतुलन और रणनीतिक कौशल भी हो।
 
मेरी चिंता यह है कि हमारी सेना में विस्तार करने से पहले हमें अपने अस्त्र-शस्त्रों और तकनीकी समर्थन पर भी ध्यान देना होगा। शक्ति बाण जैसी नई टेक्नोलॉजी को लेकर, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास इसके पूर्ण उपयोग की सुविधा हो। 🤔

और रुद्र ब्रिगेड में भी विस्तार करने से पहले, हमें अपनी टीमिंग और यूनिट्स की एक्टिविटी पर भी ध्यान देना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास हर स्थिति में सही व्यक्तियों को अलग कर सकें।

इसके अलावा, हमें अपनी रणनीतिक योजनाओं पर भी ध्यान देना होगा। ऑपरेशन सिंदूर जैसे बड़े अभियानों में, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास हर चरण में सही फैसले लिए जाएं। 📈
 
ऑपरेशन सिंदूर सुनकर मुझे 1999 के काबुल टैक्सी चोरी मामले की याद आ गई। उस समय भी हमारी सेना ने विदेशी हाथों को धूम में लाने के लिए बहुत प्रयास किया था। और आज भी यही खेल जारी है। लेकिन जनरल द्विवेदी जी की बात सुनते हुए मुझे लगता है कि हमें अपने नेताओं को फिर से सिखाने की जरूरत है। उनके निर्देशों को समझने में हमें बहुत वक्त लग रहा है। और अगर युद्ध आगे बढ़ता है तो इसके बाद क्या किया जाएगा, यह भी स्पष्ट नहीं है। शायद हमें अपने नेताओं को फिर से शिक्षित करने की जरूरत है। 🤔
 
ऐसी बातें सुनकर मन में खुशी हो गई 🙌, हमारी सेना देश की रक्षा के लिए तैयार है। जनरल द्विवेदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दी है, यह सुनकर लगता है कि हमारी सेना वास्तव में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तैयार है। 🤝
 
ऐसा लगता है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी की बातें सुनने से हमें यह एहसास करने में मदद मिलेगी कि भारतीय सेना में भी कुछ गड़बड़ी है। 25 भैरव बटालियनों और शक्ति बाण की 15 बटालियनों को शामिल करने की बात बहुत अच्छी लगती, लेकिन यह सवाल उठता है कि इन सब से हमें वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में मदद मिलेगी या नहीं। और जनरल द्विवेदी ने कहा कि रुद्र ब्रिगेड में भी 7 और बटालियन का इंडक्शन करने वाले हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि इन सब से हमारी सेना में सुधार कैसे होगा। 🤔
 
ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई प्रकट हुई! जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कहा है कि हमारी सेना तैयार और मजबूत हो रही है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियाँ विरोधी में हैं 🚀
 
मैंने सुना है ऑपरेशन सिंदूर बहुत अच्छी तरह से चला, लेकिन मुझे लगता है कि जनरल द्विवेदी ने भारतीय सेना की चोटें छुपाई हैं। वास्तव में, हमारी सेना को और भी ज्यादा तैयारी करनी चाहिए, नहीं तो आतंकवादी सिर्फ़ मजाक कर रहे होंगे।
 
ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी सुनकर मैं खुश हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना और रणनीति को और भी मजबूत बनाने की जरूरत है। जनरल द्विवेदी ने बताया है कि हम 25 भैरव बटालियनों और शक्ति बाण की 15 बटालियन शामिल करेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने रणनीतिक कौशल को और भी सुधारने की जरूरत है।

इसके अलावा, जनरल द्विवेदी ने बताया है कि हम रुद्र ब्रिगेड में 7 और बटालियन का इंडक्शन करने वाले हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना को और भी तैयार करने की जरूरत है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो टर्निंग पॉइंट्स का जिक्र करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा है कि हमें अपने फैसले लेने के सिस्टम को और भी सुधारने की जरूरत है, ताकि हमें यह समझने में आसानी हो।

मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना और रणनीति को और भी मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि हम आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत खड़े रह सकें। 🚀
 
भारतीय सेना के जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। उनकी बात से यह साफ होता है कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में बहुत अच्छा काम किया है। 25 भैरव बटालियनों और शक्ति बाण की 15 बटालियनों को शामिल करने से हमारी सेना की ताकत और प्रभावशीलता बढ़ जाएगी। और रुद्र ब्रिगेड में भी 7 और बटालियन का इंडक्शन करने से हमारी सेना की गहराई और विस्तार बढ़ेगा। 🙌
 
ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है 🙌, लेकिन यह भी सच है कि युद्ध में कभी नहीं पता चलता कि यहाँ क्या होगा। जनरल द्विवेदी जी ने बताया है कि हमारी सेना को बहुत तैयारी और रणनीतिक कौशल की जरूरत है, लेकिन यह भी सच है कि कभी-कभी तो सब कुछ बहुत जल्दी हो सकता है। मुझे लगता है कि हमें अपनी सेना की ताकत और कमजोरियों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, और यह भी कि हमारे नेताओं को अपने फैसलों को धीरे-धीरे लेने की जरूरत हो।
 
नहीं मानो, जनरल उपेंद्र द्विवेदी की बात सुनकर लगता है कि भारतीय सेना को तैयार करने वाली सरकार वास्तव में सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है। लेकिन दो सवाल उठते हैं... 1) ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी कहां से मिली? 2) रुद्र ब्रिगेड में शामिल होने वाले 7 और बटालियनों का क्या मतलब है? और 25 भैरव बटालियनों को शामिल करने का यह तय होने का क्या कारण है? 🤔💡
 
🤔 इस ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी सुनकर मुझे लगता है कि सरकार ने फिर से भारतीय सेना को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया है। लेकिन यह सवाल उठता है कि इससे हमारी नागरिक सुरक्षा और आर्थिक विकास पर कितना प्रभाव पड़ेगा? 🤝

जनरल द्विवेदी जी ने कहा है कि हमें 25 भैरव बटालियनों और शक्ति बाण की 15 बटालियन शामिल करने की योजना बनाई गई है, लेकिन इसके लिए हमें अपने राष्ट्रीय विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। 📈

और जब बात करते हैं रुद्र ब्रिगेड में शामिल 7 और बटालियन, तो यह सवाल उठता है कि हम अपनी सेना को मजबूत बनाने पर इतने पैसे खर्च कर रहे हैं कि इससे हमारे गरीब नागरिकों को फायदा नहीं होगा। 🤑

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो टर्निंग पॉइंट्स की बात करते हुए, यह सवाल उठता है कि हम अपनी सेना को मजबूत बनाने पर इतने अधिक समय और पैसा खर्च कर रहे हैं कि इससे हमारे देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 🤔
 
बोलते हैं जनरल उपेंद्र द्विवेदी की बात, तो मुझे लगने लगा कि भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ बहुत बड़ा फैसला लिया है। 25 भैरव बटालियनों और शक्ति बाण की 15 बटालियनों को शामिल करने वाले यह निर्णय हमारी सेना की ताकत को और भी बढ़ाएगा। और रुद्र ब्रिगेड में जाने वाले 7 और बटालियन, ये सब हमारी सुरक्षा को और मजबूत बनाएगे।

लेकिन जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान टर्निंग पॉइंट्स क्या थे, तो मुझे लगने लगा कि हमें अपनी सेना की तैयारी और रणनीति में भी बहुत सुधार करने की जरूरत है।

और 34 दिव्यास्त्र बैटरीज को शामिल करने वाला यह निर्णय, तो हमारी सेना की शक्ति को और भी बढ़ाएगा।

मुझे लगता है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी की बात सुनकर हमें बहुत प्यारा और गर्व महसूस होता है। 🙌
 
ऐसी सोचता हूँ कि हमारी सेना में नए बटालियनों को शामिल करने से हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए और भी ताकत मिलेगी। शक्ति बाण की 15 बटालियन को शामिल होने से निश्चित रूप से हमारी रक्षा तंत्र मजबूत होगा। 🌟

लेकिन, जनरल द्विवेदी जी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में 22 मिनट के हमले में भी कई मुश्किलें आईं। यह बताता है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए और भी सावधानी बरतनी चाहिए। हमें अपने फैसले लेने के प्रणाली में सुधार करने की जरूरत है, ताकि हम एक अच्छी तरह से योजनाबद्ध और अनुशासनित सेना बन सकें। 👍
 
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