उत्तराखंड में बद्रीकाश्रम ज्योतिषपीठ पर शंकराचार्य पद के विवाद को लेकर आज भी चर्चा जारी है। प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सवाल किया है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर 'शंकराचार्य' के आगे अपना नाम लिखा है या नहीं। यह सवाल प्रशासन द्वारा प्रयागराज माघ मेला प्रशासन के नोटिस के बाद उठाया गया है।
चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। उन्होंने कहा, 'माफी मांगे योगी सरकार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर पुलिस-प्रशासन का व्यवहार अशोभनीय रहा।'
इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। उन्होंने कहा, 'माफी मांगे योगी सरकार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर पुलिस-प्रशासन का व्यवहार अशोभनीय रहा।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर व्यवस्था होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
अध्यक्ष सेमवाल ने कहा, 'हमें माफी मांगनी पड़ेगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपने कार्यों से माफी मांगनी चाहिए।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर व्यवस्था होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
अध्यक्ष सेमवाल ने कहा, 'हमें माफी मांगनी पड़ेगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपने कार्यों से माफी मांगनी चाहिए।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है।
चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। उन्होंने कहा, 'माफी मांगे योगी सरकार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर पुलिस-प्रशासन का व्यवहार अशोभनीय रहा।'
इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि इस घटना से उत्तराखंड का संत समाज नाराज है। उन्होंने कहा, 'माफी मांगे योगी सरकार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर पुलिस-प्रशासन का व्यवहार अशोभनीय रहा।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर व्यवस्था होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
अध्यक्ष सेमवाल ने कहा, 'हमें माफी मांगनी पड़ेगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपने कार्यों से माफी मांगनी चाहिए।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा हुई घटना पर व्यवस्था होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
अध्यक्ष सेमवाल ने कहा, 'हमें माफी मांगनी पड़ेगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपने कार्यों से माफी मांगनी चाहिए।'
इस घटना ने उत्तराखंड के संत समाज को बहुत आघात पहुंचाया है।