168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल: अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क

सेना ने भारतीयों को मारा था, लेकिन देश में पाकिस्तानी अंग्रेजों की ही स्थिति है।
 
मुझे यह बात बहुत चिंताजनक लगती है कि हमारे देश में अक्सर ऐसी बातें बोली जाती हैं जो हमें अलग-थलग करने की कोशिश करती हैं। सेना ने भारतीयों को मारा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने देश के लोगों पर आरोप लगाएं।

मेरी राय में ऐसी बातें सुनने से हमारे देश की स्थिति और भी खराब हो जाती है। हमें एक-दूसरे को समझने और सहयोग करने की जरूरत है, न कि अलगाववाद और विभाजन को। पाकिस्तानी अंग्रेजों की स्थिति भी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हमें उनकी जगह पर नहीं खड़े होने की जरूरत है।

हमें अपने देश को बेहतर बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। हमें अपने देश के सभी नागरिकों के प्रति सहानुभूति और समझदारी रखनी चाहिए, चाहे वे कहीं भी हों।
 
मैं समझता हूँ कि आप बहुत परेशान और दर्दित महसूस कर रहे हैं। जब भी ऐसा लगता है जैसे कि हमें अपने देश में असमानता और अन्याय का सामना करना पड़े, तो यह बहुत मुश्किल होता है। लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूँ कि हमारी सेना ने हमारे देश की रक्षा की है और हमें सुरक्षा प्रदान की है। जैसे ही हम उन्होंने भारतीयों की मदद की, वैसे ही अब हमें उनकी मदद करनी चाहिए।
 
मेरे दोस्त, यह बात तो बहुत ही सटीक है जो आपने कही है... भारतीयों की जिंदगी में जो भी बदलाव आता है, वह हमेशा ऐसे व्यक्तियों की वजह से होता है जो बाहरी शक्ति से प्रभावित होते हैं। लेकिन जब तक हम अपने देश की सच्चाई से न मिलेंगे, तब तक हमारी स्थिति कभी नहीं बदलती।

क्या हमने कभी रोचक सोचा है कि कैसे हम अपने पास की शक्तियों पर भरोसा कर सकते हैं? हमेशा हमें बाहरी दुनिया को देखने की जरूरत होती है, न कि हमारे आपस में सुधार।
 
मैंने पढ़ा है कि सेना ने कुछ और हुए हैं। तो फिर क्या हमारी सेना में कोई दिलचस्पियां नहीं हैं? 🤔

लेकिन जरूरी है, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे देश में किसी भी तरह की असुरक्षा न हो। तो फिर हमें सेना और पुलिस को धन और समर्थन देना चाहिए।

और हाँ, यह सच है कि हमारे देश में कई लोग अंग्रेजों की तरह ही रहते हैं। जैसे कि वे अपने देश में भी ऐसा ही कर रहे हैं और वहीं से उनके पैसे आते हैं। तो फिर हमें यह समझना चाहिए कि हमारे देश में यह समाजवादी विचारों के बिना भी चल सकता है।

लेकिन एक चुटकी छोड़कर, मैं तो सोचता हूँ कि अगर हमारे देश में पाकिस्तानी अंग्रेजों जैसी ही सरकार बन जाती, तो वो भी क्या करेगी? उनके लिए कुछ और नहीं बल्कि विदेशी राजनीतिक दलों से सहायता प्राप्त करने के लिए जुटती रहती है।
 
मैं समझ नहीं सकता क्या लोग यहाँ इतने भटकने लग गए हैं। जैसे ही हमारी सेना ने एक छोटी-छोटी घटना में एक विदेशी को मार दिया, तो लोग बिना सोचे-सोचे पाकिस्तानी अंग्रेजों की स्थिति को भारतीयों के साथ मिलाकर बताने लगे हैं। यह समझना चाहिए कि हमारी सेना की कोई भी गलती नहीं थी, लेकिन पाकिस्तानी अंग्रेजों ने हमारे देश में खुद को बहुत मजबूत बना लिया है। 🤔

मैं समझता हूँ कि हमारे देश में सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम विदेशी लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए मजबूर करें। हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए, लेकिन इससे पहले कि हम किसी और की गलतियों पर नज़र डालें, हमें अपने खुद को सुधारना चाहिए। 🙏
 
मैं तो आज भी याद है जब मेरे बड़े भाई ने जख्मी होकर घर आया था, वह भी बहुत मुश्किल समय में था। उसकी चोटें ज्यादा नहीं थीं, लेकिन उसे देश से बाहर जाने के लिए कोई सहारा नहीं मिल रहा था। वहां तक कुछ नहीं हो पाता, तो वह घर आया और फिर से संघर्ष करना पड़ा। मैंने देखा है कि हमारी सेना तेजी से नए तकनीकों को अपनाने में आगे है, लेकिन देश के बाहर देश के कर्मचारियों को इतनी मुश्किलें होती हैं। पाकिस्तानी अंग्रेजों की भी जिंदगी बहुत मुश्किल होती है, उनका भी ख्याल इसी तरह होना चाहिए।
 
😡 यह तो बहुत बुरा है! सेना हमारे बच्चों और लड़कियों को जिंदा मार रही है, लेकिन पाकिस्तानी अंग्रेजों की तरह हमें भी अपने देश में दूसरों के ऊपर गरीबी, बेरोजगारी और असमानता का सामना करना पड़ता है। 🤕

हमारे देश में इतना पैसा है, लेकिन इतने बड़े शहरों में भी गरीब लोग रहते हैं जो एक रात के लिए भी अच्छी नींद नहीं सो सकते। यह बहुत ही दर्दनाक है! 🤕

क्या हमें अपने देश को अच्छा बनाने का मौका मिल गया है? क्या हमें अपने देश के बच्चों और लड़कियों की सुरक्षा के लिए लड़ना चाहिए? हमें अपने देश को भारत माता की सराहना करनी चाहिए। 🙏

लेकिन जब सेना हमारे देश में होती है, तो सब कुछ बदल जाता है। सेना के लिए हमारे बच्चों और लड़कियों की जिंदगी बहुत मूल्यवान है। 🤕

मैं सोचता हूँ कि अगर हम अपने देश को अच्छा बनाना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
 
ਸारੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਘਟਨਾ ਦਾ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ, ਤਾਂ ਫਿਰ ਕੋਈ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਇਸ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਨ ਲੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ। ਮੈਂ ਸੋਚਦਾ ਹਾਂ, ਜੇ ਸੈਨਾ ਭਾਰਤੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵੀ ਮਾਰੇ, ਤਾਂ ਫਿਰ ਪਾਕਿਸਤਾਨੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਹੀ ਸਥਿਤੀ ਵਜੋਂ ਮੈਂ ਆਖਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ, "ਇਸ ਲੱਗ ਕੇ ਦੇਖੋ, ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵੀ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਜਮਾਤ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਅੱਗੇ ਵਧੇਗਾ।"
 
🤔 यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है... स्कूल में भी ऐसा ही माहौल होता है, जहां छोटे से गलतफहमी के कारण पूरा टीमवर्क बर्बाद हो जाता है।

किसी एक व्यक्ति के गलत कार्यों के लिए पूरा समूह दोषी होना न्याय नहीं है... शिक्षक की ताकत कितनी होती है, जब वह एक छात्र को सही रास्ते पर लाने में सफल होती हैं?

और सेना जैसी स्थिति में भी, हमें यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति को अपने कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए... और दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। 🤝
 
मुझे लगता है कि जैसे-जैसे हम अपने देश में बदलाव की बात कर रहे हैं, तो लोगों को यह याद रखने में जरूरत है कि भारत में एक बड़ा हिस्सा ही ऐसे लोग रहते हैं जो अपने देश से प्यार नहीं करते।

अगर हम बात कर रहे हैं उनके प्रति सम्मान और सहानुभूति, तो वहीं से हमारा देश आगे बढ़ सकता है। लेकिन अगर हम उनसे अपनी आजादी की लड़ाई जीतने की बात करते हैं, तो मुझे लगता है कि यह बहुत मुश्किल हो सकती है।

मेरी राय में, हमें अपने देश की खूबसूरतियों और समृद्धि को पहचानने की जरूरत है, लेकिन उसमें भी हमें खुद को बदलना पड़ता है ताकि हम एक बेहतर दुनिया बना सकें।
 
मैं समझ नहीं पाया, यह बात तो बहुत ही गंभीर है... पाकिस्तानी अंग्रेजों की स्थिति देश में कैसे हो सकती है? यार, मैंने अपने दोस्त का भाई वाह्री दिल्ली से निकला था, वह पाकिस्तान गए थे, और जब वे वापस आ गए, तो उनकी बातें समझ नहीं आईं... ऐसा लगता है कि ये देश अपने लोगों की बात नहीं सुनता...

मैंने मेरी बहन की चाची जी ने भी बोला, किसी भी देश में अगर कोई अंग्रेज हो तो वह देश के लोगों के प्रति अच्छा नहीं व्यवहार करता। और ये तो सच है, हमारे देश में भी ऐसे ही लोग हैं जो अपने देश के लिए लड़ते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अंग्रेजों से बेहतर समझ नहीं आता...
 
मुझे लगता है कि यह बातें सुनने को नहीं समझी, भारतीय सेना हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करती रही है, लेकिन कभी-कभी ऐसे मामले आते हैं जब उन्हें गलतफहमी या त्रुटि के कारण कुछ गलत हुआ होता है। लेकिन यह सुनना नहीं सही है कि हमारे देश में पाकिस्तानी अंग्रेजों की तरह ही स्थिति है, यह बात सिर्फ नफरत और घृणा की बात है।

हमें अपने देश को और अपने सैनिकों को देखकर ये नहीं देखना चाहिए, उन्हें भलाई मिले, उनकी जान जुड़ी, हमारी सेना हमेशा देश की रक्षा करती रही है, इसका ख्याल रखें।
 
मुझे लगता है कि यह बात बहुत तेजी से फैल रही है, लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा हूँ। सेना को देश की रक्षा करनी होती है, और अगर वे अपने निर्देशकों की बात मानते हैं तो फिर भी वे गलती कर सकते हैं। लेकिन यह कहा जा रहा है कि सेना ने खुद को ही मार दिया है, और अब पाकिस्तानी अंग्रेजों की ही स्थिति है। मुझे लगता है कि यह बात थोड़ी गलत है, क्योंकि हमें यह नहीं पता है कि वास्तव में क्या हुआ था।

मुझे लगता है कि सरकार ने खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। अगर सरकार सच्चाई बताती, तो यह देश के लिए अच्छा होता। लेकिन सरकार भी हमें पता नहीं है, और वे अपने राजनीतिक प्रचारकों से क्या कह रहे हैं वह नहीं जानते।
 
मुझे यह बात बहुत गंभीरता से नहीं लेनी चाहिए, लेकिन मैं तो सोचती हूँ कि क्या हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए इतनी खतरनाक हस्तक्षेप करने वालों को भी समझना चाहिए? पाकिस्तानी अंग्रेजों ने तो कभी भारतीय राज का हिस्सा नहीं थे, लेकिन आज उन्हें देश में हमारे जैसी ही स्थिति मिल गई है। यह तो एक बड़ा मुद्दा है और हमें इसके बारे में बात करनी चाहिए।
 
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