जी बhai, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है! अजनाला नरसंहार की जांच में हमें पता चल गया है कि 1945 में अंग्रेजों ने भारतीय सैनिकों को गोली मारकर उनके अवशेषों को खुदाई किए गए कुएं के पास बंद कर दिया था। यह तो एक बहुत ही अजीब और अमानवीय कृत्य है, जिसमें हमारे देश की सैनिकों का मातमा नहीं समझा गया था।
अब जब भारत और अन्य देशों ने अंग्रेजों के खिलाफ आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं, तो यह जांच करना जरूरी है कि हमारे देश के इतिहास में ऐसी बातें कभी नहीं आईं थीं। यह एक बहुत ही बड़ा विषय है, और हमें इस पर और जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए।
मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है, और हमें इस पर अधिक ध्यान देना चाहिए।