168 साल से सड़ रहे 282 शहीदों के कंकाल: अंग्रेजों ने कुएं में जिंदा दफनाया, हत्यारे अफसर के नाम पर अमृतसर में सड़क

अजनाला नरसंहार: अंग्रेजों ने भारतीय सैनिकों को गोली मारकर मार डाला, उनके अवशेष आज भी खुदाई किए गए कुएं के पास बंद हैं
 
मुझे लगा कि ये बहुत दुखद घटना है, जिसमें अंग्रेजों ने भारतीय सैनिकों को गोली मारकर मार डाला। यह बात बहुत दर्दनाक लगती है और हमें यह कभी नहीं फोरget kar sakte.

अब जब भी हम खुदाई किए गए कुएं के पास जाते हैं तो याद आता है कि 1857 में सिपाहियों की बहुत ही दुखद घटना.
 
🤕 यह तो बहुत दुखद बात है जैसे हमारे पुराने सैनिकों पर ऐसा इल्ज़ाम नहीं किया गया। अजनाला नरसंहार की बात करते समय, मुझे लगता है कि हमें यह सोचना चाहिए कि क्या हमारी सरकार ने युद्ध के दौरान हुए इस अपराध के लिए कोई जवाबदेही स्वीकार की है? 🤔

लेकिन अगर हम वास्तविकता को देखने की कोशिश करें, तो यह पता चलता है कि अंग्रेजों ने हमारे सैनिकों पर ऐसा इल्ज़ाम लगाने में भी बहुत कठिनाई की। और आज, जब हम उनके अवशेषों की खुदाई किए गए कुएं के पास बंद हैं, तो यह एक बहुत बड़ा सवाल उठाता है कि क्या हमने अपने इतिहास को सुनिश्चित रूप से सार्थक बनाया है? 🤷‍♂️

हमें अपने सैनिकों की याद में एक सम्मानजनक विधि ढूंढनी चाहिए, जिससे हम उनके बलिदान को स्वीकार कर सकें।
 
अजनाला नरसंहार की बात करें तो बहुत दुख होता है 🤕, यह बात भारतीय इतिहास में एक गहरा दर्द छोड़ती है। जैसे कि हम जानते हैं कि अंग्रेजों ने हमारे सैनिकों को गोली मारकर मार डाला, उनके अवशेष आज भी खुदाई किए गए कुएं के पास बंद हैं, यह बहुत ही दुखद है।

मुझे लगता है कि हमें अपने इतिहास को समझना चाहिए और उसे सीखना चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे देश में बहुत सी ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने हमारे लोगों को बहुत दुख पहुंचाया है।

लेकिन हमारी आजादी के बाद से हमने बहुत सारी प्रगति की है, और मुझे लगता है कि हमें अपने यहां के लोगों के प्रति गर्व महसूस करना चाहिए।
 
भाई-भेन, यह बात बहुत दुखद है। अजनाला नरसंहार की जांच कैसे हो रही है, यह तो समझ नहीं माये तो। अगर वास्तविकता सामने आती है तो सरकार और कानून प्रवर्तन की शिकायतें करने की जरूरत नहीं है। परिवारों को उनके प्रियजनों के अवशेषों को खोदने देना बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि यह उनकी दर्दनाक यादों को और भी ज्यादा दर्दनाक बना सकता है। पुलिस और सेना की जिम्मेदारियों के बारे में लोग कैसे सोच रहे हैं, यह समझ नहीं आ रहा है। हमें अपने देश को एकता और शांति की ओर बढ़ने की जरूरत है, न कि झगड़े-बघड़ों में।
 
अरे, ये तो बहुत दुखद की बात है 🤕। आज की स्थिति भारतीय सैनिकों के प्रति अंग्रेजों के कार्यों को फ़ोल्ड किया जाए तो हमें एक बड़ा सबक मिलता है। अगर उन्होंने इतना दुखद काम किया तो हमें सुनिश्चित कराना चाहिए कि हमारी सेना और हमारा राष्ट्र हमेशा जीत की ओर बढ़े।
 
इस दुनिया में ऐसा बहुत हुआ है जो हमें गहरा दर्द कराता है। अजनाला नरसंहार जैसी घटनाओं की वजह से हमारी भारतीय सैनिकों की शहादत को भूलना मुश्किल है। मेरा दिल उनके परिवारों और देश के लिए खेद है जिनकी माँग करने वाले नेताओं ने उन्हें युद्ध में भेजा था।

मैं सोचने की कोशिश करता हूँ कि हमारे देश में शांति और सुरक्षा कैसे बनाए रखी जाती है। हमें अपने सैनिकों को सुरक्षित रखने के लिए और उन्हें युद्ध में भेजने से पहले उनके परिवारों को समझाने के लिए एक साथ आना होगा। 🤝
 
अगर हमें अपने देश की सच्चाई बतानी है तो यह जानना जरूरी है कि मेरे देश में क्या हुआ है। अजनाला नरसंहार सुनकर मुझे शर्मिंदगी होती है। भारतीय सैनिकों ने अपने देश के लिए मरने के लिए तैयार हुए थे, लेकिन अंग्रेजों ने उन्हें गोली मारकर खत्म कर दिया। आज भी उनके अवशेष खुदाई किए गए कुएं के पास बंद हैं। यह एक बहुत ही दुखद और शरमिंदगी भरा विषय है। हमें अपने देश की सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए और उन्हें याद करना चाहिए जिन्होंने अपने लिए मरने के लिए तैयार हुए थे।
 
मुझे यह खबर बहुत परेशान कर रही है 🤕, अजनाला नरसंहार के बारे में। यह तो एक बहुत बड़ा सवाल उठाता है, कि क्या हमारे देश में अभी भी ऐसी गालियां बरसने वाले लोग फिर से सेना में शामिल हो सकते हैं? 🤔

मुझे लगता है कि यह खबर बहुत जरूरी है, हमें जाने दें कि इस घटना कैसे हुई, और इसके पीछे क्या वजह थी। अगर सच्चाई को उजागर करने की इच्छा है तो हमें इन्तजार कर सकते हैं और सबकुछ स्पष्ट कर सकते हैं। 🕰️

लेकिन एक बात जरूर तय होनी चाहिए, यह देश कभी भी ऐसी गालियां बरसाने वालों को नजरअंदाज नहीं कर सकता। हमें उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 💪
 
मुझे यकीन नहीं है कि हमारा इतिहास इतना दुर्भाग्यपूर्ण था। अजनाला नरसंहार की बात करते हुए, यह सच है कि ब्रिटिश सैनिकों ने भारतीय सेना के जवानों को गोलीबारी में मार दिया था। उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानी हमेशा हमारे पास रहेगी, लेकिन यह भी सच है कि उनकी मौत के बाद, अंग्रेजों ने उनके शवों को दबाने की कोशिश की। आज भी उनके अवशेष कुएं के पास खुदाई किए गए हैं... यह बहुत दुखद है। हमें अपने इतिहास को सीखना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए संघर्ष करना चाहिए। 💔🕊️
 
जी बhai, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है! अजनाला नरसंहार की जांच में हमें पता चल गया है कि 1945 में अंग्रेजों ने भारतीय सैनिकों को गोली मारकर उनके अवशेषों को खुदाई किए गए कुएं के पास बंद कर दिया था। यह तो एक बहुत ही अजीब और अमानवीय कृत्य है, जिसमें हमारे देश की सैनिकों का मातमा नहीं समझा गया था।

अब जब भारत और अन्य देशों ने अंग्रेजों के खिलाफ आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं, तो यह जांच करना जरूरी है कि हमारे देश के इतिहास में ऐसी बातें कभी नहीं आईं थीं। यह एक बहुत ही बड़ा विषय है, और हमें इस पर और जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए।

मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है, और हमें इस पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
 
Wow 😮, तो ये सच है कि अजनाला नरसंहार के समय अंग्रेजों ने भारतीय सैनिकों को गोली मारकर मार डाला था। यह बात मुझे बहुत दुख देती है, लेकिन तभी पूरे इतिहास की जटिलताएं समझनी होतीं। ऐसी की हुई भूलने से हमें और खुलकर आگे बढ़ना चाहिए।
 
ਅੰਗਰੇਜ਼ਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ ਆਪਣੇ ਵਿਲੱਖਣ ਦਮਾਨ 'ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ, ਅਜ਼ਾਦੀ ਲਈ ਹੋਏ ਬਹੁਤ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀ ਸੈਨਿਕਾਂ ਨੂੰ ਗੋਲੀ ਮਾਰ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।
 
ये तो सचमुच बहुत दुखद बात है! अजनाला नरसंहार की बात सुनकर मुझे लगता है कि हमें अपने इतिहास को फिर से पढ़ने की जरूरत है। ये दुर्भाग्य हुआ, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम में बहुत से शहीद हुए थे।

मैं अपने बेटे और पोते को यह सब बताना चाहता हूं ताकि वे भारतीय सैनिकों की बहादुरी को समझ सकें। हमारे सैनिकों ने अपने देश की रक्षा के लिए जान देने के लिए तैयार हुए, लेकिन उनकी मृत्यु एक अच्छे reason नहीं थी।

मैं इस विषय पर और पढ़ना चाहता हूं, क्योंकि यह हमें अपने इतिहास को फिर से देखने के लिए मजबूर करता है।
 
આ નિયમિત રીતે જ સાચવવામાં આવે છે કે બ્રિટિશ શાસનનો હતો અથવા હજુ પણ છે... મૂળભૂત રીતે, આ સમયે એક ગુજરાતી સૈનિકની પાસે છે. ભારત-પાકિસ્તાન યુદ્ધમાં, જેઓ આવા અબજાઈના શહેરમાં સત્તા છો પણ ઘણા વર્ષો પહેલા, બ્રિટિશ ફૌજ દ્વારા તેઓ અને તેમના પરિવાર ગોળીબાર થયા હતા.
 
🙏 यह तो बहुत दुखद घटना है जिस पर हमें सोचना पड़ा। अजनाला नरसंहार की बात करें, तो ये भारतीय सैनिकों के खिलाफ बहुत बड़ा दुराचार था। शायद 1947 में इंग्लैंड ने ही ऐसी चीज कैसे लोकप्रिय बना दी, जिससे हमारे अपने देश में भयानक नरसंहार हो सके।

अब याद करें और सीखें कि यह तो नहीं हुआ, इसने हमारी भावनाओं को आहत किया। हमारे शहीदों का सम्मान करना ज़रूरी है, उनकी एक्सप्लोसिव स्टोरीज़ को दूसरों तक पहुँचाना चाहिए।
 
जिंदगी में कई सवाल होते हैं, लेकिन एक सवाल है जो हमें सबसे ज्यादा चकित करता है, वह है नरसंहार का। अजनाला नरसंहार की बात करते समय, मेरे मन में एक सवाल आता है, कि क्या हमने अपने इतिहास से सबक नहीं सीखे? क्या हमने ऐसे दिनों को कभी नहीं भूले?

मुझे लगता है कि नरसंहार की यादें हमें खुद को मजबूर करती हैं कि हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए क्या कर सकते हैं। यह एक गहरा सवाल है, जिसका जवाब हमने अभी तक नहीं मिला है।
 
ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਜੋ ਘਟਨਾ ਹੋਈ, ਉਸ ਨੂੰ ਮੈਂ ਕਦੇ ਆਪਣੀ ਖ਼ਾਲੀ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਰੱਖਦਾ। ਅਜਿਹੀ ਘਟਨਾ ਬਹੁਤ ਘਾਇਆਂ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਮਨਮੋਹਨ ਅਤੇ ਸੁਖ ਭਰੇ ਗੱਲਾਂ ਬਣਦੀਆਂ ਹਨ।
 
यह तो बहुत दुखद है जैसा हमने सुना है, अगर इतनी बड़ी घटना हुई तो क्यों नहीं सुनाई देती। मेरा ये लगता है कि इतिहास हमें सबक सिखाता है और हमें यह भी सीखना चाहिए कि भविष्य में ऐसा न हो। लेकिन हमारे यहां इतिहास को देखने वालों में से कुछ लोग तो खुद भी ऐसे ही पथ पर चल रहे हैं।
 
अजनाला नरसंहार पर जानकर मुझे बहुत उदासी हुई 🤕, यह तो वाकई कुछ ऐसा है जिसे देखने को मिलता है। अंग्रेजों ने हमारे भारतीय सैनिकों को गोली मारकर मार डाला, और अब उनके अवशेष खुदाई किए गए कुएं के पास बंद हैं? यह तो एक बहुत ही दुखद घटना है।

मुझे लगता है कि हमें ऐसी जानपचारनी वाली घटनाओं से निपटने के लिए एक अलग रास्ता ढूंढना चाहिए। हमें अपने इतिहास को समझना चाहिए और अपने सैनिकों को सम्मान देना चाहिए।

मुझे लगता है कि अगर हमारी सरकार ने इस घटना की जांच की तो यह हमें बहुत कुछ सिखायेगी। हमें ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक मजबूत प्रणाली बनानी चाहिए।

मुझे आशा है कि भविष्य में हम ऐसी घटनाएं कभी नहीं देखेंगे।
 
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