दिल्ली दंगों के मामले में मेरा विचार है कि इंदिरा गांधी, जिन्हें लोकप्रिय तौर पर भारत की "बापू" के नाम से जाना जाता है, उनकी सरकार में एक्सप्रेस पैस को रोकने वाले कानून बनाया गया था। लेकिन, फिर भी, मैं सोचता हूँ कि यह कानून अच्छा नहीं था, क्योंकि वह उन लोगों की आजादी पर प्रतिबंध लगा सकता था जो अपने विचार व्यक्त करना चाहते थे।