सिगार पन्नास की दरें तो बढ़ गई हैं, लेकिन दारू में शुल्क नहीं बढ़ाया गया, तो कैसे? यह तो देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। हमारे देश में चिकित्सा विशेषज्ञों को सिगार पन्नास के खिलाफ लड़ने के लिए अपने समय को निकालना होगा, तभी हम उनकी बात सुन सकते हैं।
क्या सरकार को अपने देश में सिगार पन्नास पर रोक लगाने की नीति बनानी चाहिए? या फिर हमें खुद अपने जीवन में बदलाव लाना पड़ेगा, इससे ही हम अपने स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
मुझे लगता है कि हमारे पास अब अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छा अवसर मिल गया है।