पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा से जुड़े नए प्लान का समर्थन किया है. 22 जनवरी 2026 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में वर्ल्ड बोर्ड ऑफ पीस का चार्टर लॉन्च किया. इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा में युद्ध रोकने, सीजफायर लागू करने, मानवीय सहायता बढ़ाने और गाजा के पुनर्निर्माण की व्यवस्था करना है.
शहबाज शरीफ ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने बोर्ड में शामिल होने की घोषणा की. अब भारत इनमें शामिल नहीं हो पाया. वास्तविकता यह रही है कि 5 साल पहले शरीफ ने ट्रंप का 'पीस टू प्रॉस्पेरिटी' प्लान का कड़ा विरोध किया था.
अब उनके बयान में एक उलटफेर देखा गया है. ट्रंप ने कहा है कि गाजा का युद्ध 'अब वाकई खत्म हो रहा है' और हमास को हथियार डालने होंगे. इस बदलाव पर भारतीय राजनेताओं से चर्चा नहीं हुई.
इस फैसले से पूरे देश में विरोध हुआ है. मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा, 'पाकिस्तान सरकार के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का फैसला नकारती है. इस फैसले को पारदर्शी बनाया जाए और सभी पक्षों से सलाह ली, इसके अलावा यह UN सिस्टम को मजबूत करें, न कि नया समानांतर ढांचा बनाए.
शहबाज शरीफ ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने बोर्ड में शामिल होने की घोषणा की. अब भारत इनमें शामिल नहीं हो पाया. वास्तविकता यह रही है कि 5 साल पहले शरीफ ने ट्रंप का 'पीस टू प्रॉस्पेरिटी' प्लान का कड़ा विरोध किया था.
अब उनके बयान में एक उलटफेर देखा गया है. ट्रंप ने कहा है कि गाजा का युद्ध 'अब वाकई खत्म हो रहा है' और हमास को हथियार डालने होंगे. इस बदलाव पर भारतीय राजनेताओं से चर्चा नहीं हुई.
इस फैसले से पूरे देश में विरोध हुआ है. मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा, 'पाकिस्तान सरकार के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का फैसला नकारती है. इस फैसले को पारदर्शी बनाया जाए और सभी पक्षों से सलाह ली, इसके अलावा यह UN सिस्टम को मजबूत करें, न कि नया समानांतर ढांचा बनाए.