अरे दोस्त, रामेश चेंनिथला की थोड़ी सी बात करो तो वाह... उनका काम अच्छा है लेकिन मुझे लगता है कि भारत में प्रतिपक्ष नेताओं के काम की तरह विदेशों में नहीं होता। वहाँ बहुत सारे देश हैं जहां प्रतिपक्ष नेताओं को अपने मतदाताओं को आकर्षित करने और उन्हें सक्रिय रहने के लिए कई रणनीतियों की आवश्यकता होती है, जैसे कि सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाना, टूर्स और सभाओं में भाग लेना, और अपने विचारों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए नए माध्यमों की खोज करना। हमारे देश में, प्रतिपक्ष नेता अक्सर अपने मतदाताओं को आकर्षित करने और उन्हें सक्रिय रखने के लिए एक विस्तृत रणनीति की आवश्यकता होती है, जिसमें सोशल मीडिया, टूर्स, सभाएँ, और प्रचार शामिल हैं।