अगर तुमने 2001-2003 की बात करी, तो मेरा मानना है कि वेदांत की शेयर लिस्टिंग लंदन स्टॉक एक्सचेंज में बहुत ही रोमांचक थी। इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में तेजी आई, और विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित हुआ। लेकिन अब जब मैं इस बात पर विचार करता हूँ, तो मेरे विचार है कि यह तेजी बहुत ही अस्थिर थी। क्योंकि इसमें कई ऐसे निवेशक भी शामिल थे जिनकी ज्ञान और अनुभव सीमित थे।