ज़रूर, सोने की राशि बढ़ाने की बात में तो सब सहमत हैं, लेकिन पांचतंत्र के अंतर्गत इसमें क्या बदलाव किया जाना चाहिए? यह देखना दिलचस्प होगा कि कैसे सरकार नीति बनाती है और लोगों को सोना बेचने के लिए कहती है। पांचतंत्र में तो यह सब होता है, लेकिन हमेशा से लोगों को पता नहीं था कि इससे कितना नुकसान हो रहा है।
मुझे लगता है कि सरकार को यह समझनी चाहिए कि लोगों की ज़रूरतें भी बदलती रहती हैं और हमेशा से एक ही राशि बढ़ाते रहना आसान नहीं है। तो फिर, पांचतंत्र में बदलाव करना चाहिए, लेकिन यह बदलाव इतना बड़ा न हो कि लोगों को परेशान कर दे।