5 जनवरी से मिलेंगे गणतंत्र दिवस परेड-2026 के टिकट: कीमत ₹20 से ₹100; पहली बार दो कूबड़ वाले ऊंट समेत कई जानवर कर्तव्य पथ पर चलेंगे

गणतंत्र दिवस परेड के टिकट बिकने की तिथि सामने आई, अब इन्हें आपके हाथों में खरीद लेना होगा। 20 से लेकर 100 तक की कीमतों में आपको ये टिकट मिलेंगे।

भारतीय सेना ने गणतंत्र दिवस परेड, बीटिंग रिट्रीट फुल ड्रेस रिहर्सल और बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर लीं हैं। इन सभी कार्यक्रमों में सेना के 77वें गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड, बीटिंग रिट्रीट की फुल ड्रेस रिहर्सल और मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह शामिल होंगे।

गणतंत्र दिवस की यह मुख्य परेड 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होगी। इसके लिए सेना ने अपने कई जानवरों की तैयारियां पूरी कर लीं हैं। इसमें पहली बार दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जास्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी और दस मिलिट्री डॉग शामिल होंगे।

इन सभी कार्यक्रमों में आपको सेना के कई अन्य जानवर भी देखने को मिलेंगे, जिनमें से पहली बार भारतीय स्वदेशी नस्लों के दस कुत्ते शामिल होंगे। इनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम शामिल हैं।

इन सभी जानवरों को सेना के विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा व्यावहारिक स्थिति में तैयार किया गया है। इनके साथ-साथ सेना ने अपने कई अन्य जानवर भी तैयार किए हैं, जिनमें परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी शामिल होगा।

गणतंत्र दिवस की यह मुख्य परेड 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होगी। इसके लिए सेना ने अपनी तैयारियां पूरी कर लीं हैं और सभी जानवरों को विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा व्यावहारिक स्थिति में तैयार किया गया है।

इन सभी कार्यक्रमों में आपको सेना के कई अन्य जानवर भी देखने को मिलेंगे, जिनमें से पहली बार भारतीय स्वदेशी नस्लों के दस कुत्ते शामिल होंगे। इनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम शामिल हैं।

इन सभी जानवरों को सेना के विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा व्यावहारिक स्थिति में तैयार किया गया है। इनके साथ-साथ सेना ने अपने कई अन्य जानवर भी तैयार किए हैं, जिनमें परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी शामिल होगा।
 
🎉 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए तैयारी पूरी होने से मुझे गर्व हुआ, जिसमें हमें पहली बार दो बैक्ट्रियन ऊंट और चार जास्कर टट्टू देखने को मिलेंगे। यह परेड न केवल सेना की ताकत को दर्शाएगा, बल्कि भारतीय स्वदेशी नस्लों के दस कुत्ते भी शामिल होंगे, जिनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम शामिल हैं। यह परेड हमारी सेना और देश की प्रगति को दर्शाएगा। 🐾💪
 
🐾 तो देशवासियों, गणतंत्र दिवस परेड के टिकट अब आपके हाथों में खरीद लेने की समय सीमा आ गई है। ये टिकट 20 से लेकर 100 तक की कीमतों में बेचे जाएंगे, तो इसे सोच-समझकर खरीदना अच्छा रहेगा। 🤑

और यह जानकर भी खुशी हुई, कि सेना ने अपनी तैयारियां पूरी कर लीं हैं और सभी जानवरों को विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा व्यावहारिक स्थिति में तैयार किया गया है। यह अच्छी बात है, कि हम इन्हें भी देख सकेंगे और उनकी सेवा की सराहना कर सकेंगे। 🙏

तो आइए, गणतंत्र दिवस परेड के टिकट खरीदने जाएं और इस समारोह में भाग लें। यह एक अच्छा अवसर होगा अपने परिवार और देश की आजादी की सुरक्षा को मनाने का। 🎉
 
🎉🐕👍 मुझे लगता है कि गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली है, और इसमें सेना ने अपने जानवरों की तैयारियां पूरी कर लीं हैं। 🐕👍

मुझे लगता है कि दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जास्कर टट्टू, चार शिकारी पक्षी और दस मिलिटरी डॉग इनमें शामिल होंगे। 🐕👍

मुझे लगता है कि परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी शामिल होगा। 🕵️‍♂️

मुझे लगता है कि सेना ने अपने कई अन्य जानवर भी तैयार किए हैं, जो परेड में देखने को मिलेंगे। 👍
 
बेटा, ये परेड देखने के लिए जानवर-मानव सेना को मिलने वाला सबसे अच्छा अवसर है 🐕💪 जानवरों को तैयार करने वाली टीम बहुत अच्छी होगी, मुझे लगता है। और भारतीय स्वदेशी नस्लों के दो बैक्ट्रियन ऊंट पहली बार इस परेड में देखने को मिलेंगे, जो कि बहुत रोमांचक होगा 🐴💥 इन सभी कार्यक्रमों में सेना के कई अन्य जानवर भी देखने को मिलेंगे, जिनमें परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी शामिल होगा।
 
जय जय जय जय 🎉🕉️, मैं तो गणतंत्र दिवस परेड के टिकट बेचने की तिथि सुनकर बहुत खुश हूँ। यह कार्यक्रम 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाला है, और इसमें हमारी सेना की बहुत सारी सुंदरता और प्रगति देखने को मिलेगी।

गणतंत्र दिवस परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी है, यह तो बहुत रोचक होगा।

मैं सेना के सभी जानवरों के लिए अपने दिल की धड़कनें बढ़ा रही हूँ, विशेषकर पहली बार हमें देखने वाले भारतीय स्वदेशी नस्लों के दस कुत्ते। मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम शामिल हैं।

आओ 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर जाकर हम इस सुंदरता को देखें और अपने लिए टिकट खरीदें। यह एक अनोखा अनुभव होगा। 🎉
 
तो अब गणतंत्र दिवस परेड टिकट बेचने का समय आ गया है 🎉! मुझे लगता है कि ये परेड बहुत ही रोमांचक लगेगा, खासकर जब हमें कई नए जानवरों को देखने को मिलेगा। मैं तो सबसे पहले बैक्ट्रियन ऊंट और शिकारी पक्षियों को देखना चाहता हूँ। लेकिन मुझे लगता है कि इन सभी जानवरों को व्यावहारिक स्थिति में तैयार करना बहुत मुश्किल होगा। फिर भी, मैं गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्साहित हूँ और इसमें शामिल होने की उम्मीद कर रहा हूँ।
 
भारतीय सेना की इन तैयारियों में देखा जा सकता है कि उन्होंने अपने जानवरों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है, जिससे वह परेड और अन्य कार्यक्रमों में सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से भाग ले सकें। यह देखकर मुझे लगता है कि सेना ने अपनी तैयारियां बहुत अच्छी तरह से पूरी कर लीं हैं और इन सभी कार्यक्रमों में भारतीय सेना के जानवरों को देखने को मिलेगा, जो एक रोमांचक अनुभव होगा।
 
बेटा, यह देखकर खुश हो गया कि सेना ने अपनी तैयारियां पूरी कर लीं हैं और सभी जानवरों को व्यावहारिक स्थिति में तैयार किया गया है। इसमें कई रोचक चीजें शामिल हैं, जैसे कि पहली बार दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जास्कर टट्टू और दस मिलिटरी डॉग शामिल होंगे। यह बहुत ही रोमांचक होगा!

लेकिन, अगर मुझे तो लगता है कि इन सभी जानवरों को देखने से पहले उन्हें अच्छी तरह से रखरखाव करना चाहिए ताकि वे स्वस्थ और मजबूत दिखें। और, शायद परेड में ड्रोन की निगरानी के लिए भी थोड़ा सा विशेष प्रशिक्षण लेना चाहिए।

फिर भी, यह एक बहुत ही रोमांचक और आकर्षक आयोजन होगा, जिसमें हम सभी देशभक्ति और कर्तव्य की भावना को देख सकते हैं। तो आइए, इसकी तैयारियों को देखते रहें और इसका आनंद लेते रहें। 🎉
 
क्या याद है गणतंत्र दिवस परेड की पहली बारियाँ? जब हम बच्चे थे और सैनिकों को पत्रकारों ने फोटो खींचते थे, तब हमें लोगों की हर्षित मुस्कराहटों का सुखद अनुभव होता था।

आज भी, मुझे लगता है कि परेड की तैयारियाँ बहुत अच्छी हैं। जानवरों को विशेष प्रशिक्षण देने की कला, जिसे हमें 80 साल पहले मिली, आज भी समृद्ध हुई है।

क्या नहीं है यह, इन दिनों परेड में ड्रोन की निगरानी और शिकारी पक्षियों की भूमिका, जो हमारी सैनिक सुरक्षा के लिए बहुत प्रभावशाली है?

लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरता है, मुझे लगता है कि इन सभी तैयारियों और तकनीकों को देखकर हमें याद आ जाता है उस गरीब भारतीय सैनिक, जिसने हमेशा अपना नाम बदलते नहीं थे।

आज भी, 77वीं गणतंत्र दिवस की पारेड में, यह जानवरों को व्यावसायिकता सिखाने और समाज में शांति बनाए रखने की कल को याद कराते हैं।
 
ਅਰੇ ਵੀ ਜ਼ोरੂਆਤ ਕਰਨ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਚੀਜ਼, ਕੁਝ ਮੌਕੇ ਸੈਨਾ ਵਾਲੇ ਜਨਤਕ ਰਿਆਈਟ ਬਾਰੇ ਵੀ ਹੋਣਗੇ, ਪਰੰਤੂ ਫੁੱਟਬੌਲ, ਕ੍ਰਿਕਟ ਜਿਹੇ ਮੈਚਾਂ ਵਾਸਤੇ ਦੋਨੋਂ ਪਾਈਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
 
मुझे यह बात पर्याप्त संदेह की बात लगती है कि इतने जानवरों को कैसे विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। और ऐसे तय कैसे किया गया है कि इन्हें विभिन्न स्थितियों में रखना है? यह संदेह लगने लगा है कि कुछ गुप्त निर्देश हैं जिनकी शुरुआत तक नहीं पता चल पाया है।
 
🐾 मुझे लगता है कि गणतंत्र दिवस परेड के टिकट बेचने से सेना को अपने व्यय को कम करने में मदद मिलेगी, लेकिन इसकी जगह परेड की तैयारियों में निवेश करना और जानवरों की देखभाल करना अधिक महत्वपूर्ण होगा।

मुझे लगता है कि इन सभी जानवरों को सेना की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। उनकी देखभाल करने में निवेश करना और उनके प्रशिक्षण को अच्छी तरह से करना चाहिए, ताकि वे परेड में सुरक्षित और आत्मविश्वासी दिखें।

मुझे लगता है कि सेना के लिए जानवरों की देखभाल करना बहुत जरूरी है, खासकर जब वे निजी तौर पर भी हमारे समाज में रहते हैं। सेना को अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए जानवरों की मदद करनी चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए। 🐾
 
क्या रातें बीत जाएंगी, ये टिकट खरीद लें, और अपने बच्चों को दिखा दें... 🤔 यह गणतंत्र दिवस परेड, हमारी सेना की ताकत को देखने का मौका देता है। इन जानवरों की तैयारियां पूरी होने से पहले, मैं कुछ नहीं बनाऊंगा, बस उनकी तस्वीरें लूंगा और अपने परिवार के साथ उनको देखूंगा।
 
मैंने 1995 में जिस टिकट को खरीदा था, वो अब 20 रुपये से शुरू हो रहा है। यार, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा बदलाव है, लेकिन मैं समझता हूँ।

मैंने अपनी प्रतिभागिता के दिनों में देखा था, तभी सेना को 100 रुपये तक टिकट मिल जाते थे। अब यह देखकर मुझे खुशी होती। लेकिन मुझे लगता है कि ये बदलाव भारत के प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मैंने अपनी बेटी को बताया, "यार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में जाना।" और वो बहुत उत्साहित थी।
 
मुझे लगता है कि ये सब बहुत महंगा होने वाला कार्यक्रम है, 20 से लेकर 100 तक की कीमतों में टिकट बेचने का यह तरीका तो भारी आर्थिक दबाव डाल सकता है। और इन जानवरों को देखने के लिए हमें इतनी अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है, मुझे लगता है कि इसके बजाय सरकार ने इससे पहले से अपने व्यय को कम कर सकती थी।
 
यह तो बहुत रोमांचक है! मुझे लगता है कि गणतंत्र दिवस परेड के टिकट बेचने से पहले सेना ने जानवरों की तैयारियां पूरी कर लीं हैं। यह दिखाता है कि वे हर चीज़ में अच्छी तैयारी करते हैं और अपने नागरिकों को भी इस तरह की रोमांचकता का आनंद लेने का मौका देते हैं। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर होगा जिस पर हम सब साथ में बैठकर और उनकी योजनाओं को देखकर इसका आनंद ले सकते हैं
 
नेशनल गेम 2025 में खेलने वाली टीम को पहले तय नहीं किया गया है 🤔, लेकिन नेशनल गेम की जीत की उम्मीदें हैं! यह एक रोमांचक दौर सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, बीटिंग रिट्रीट समारोह में ड्रोन की उपस्थिति बहुत रोमांचक होगी, और मुझे लगता है कि इन सभी जानवरों को देखना बहुत मजेदार होगा।
 
नकली जानवरों को खरीदने से सरकार को कैसे फायदा होगा? सरकार को अपने लिए नकली जानवर तैयार करने क्यों पड़ रहे हैं? इसके बजाय, सरकार देश के वास्तविक जानवरों को बचाने पर ध्यान देनी चाहिए।
 
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