21 जुलाई 2025 को जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया। पद छोड़ने की वजह को लेकर सवाल उठे। इसके 42 दिन बाद सितंबर में धनखड़ ने सरकारी बंगला भी छोड़ दिया।
दोनों पक्षों की बातें और दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग मिले। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर सच कौन बोल रहा है। राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा है कि भले ही अब तक धनखड़ को बंगला नहीं मिला, लेकिन जैसे ही वह पसंद करें, तभी फौरन अलॉट कर दिया जाएगा।
दोनों पक्षों की बातें और दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग मिले। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर सच कौन बोल रहा है। राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा है कि भले ही अब तक धनखड़ को बंगला नहीं मिला, लेकिन जैसे ही वह पसंद करें, तभी फौरन अलॉट कर दिया जाएगा।