अच्छी फिल्में, खराब किस्मत! सनी देओल की वो फिल्में जो डिजर्व करती थीं हिट स्टेटस

सनी देओल के साथ लोगों में एक खास जोड़ बना हुआ है, जो उन्हें फिल्मों के प्रेमियों के बीच सबसे प्यारी बनाता है। उनकी कई फिल्में हैं जिनसे उनकी कमाई और भी बढ़ी है लेकिन कुछ फिल्में अंडर रेटेड भी रह गईं। आइए उनकी वो फिल्मों को देखें जो थोड़ी-बहुत कमाई कर रही थीं:

अर्जुन पंडित, यह फिल्म 1999 में आई थी। इसमें सनी देओल ने इंटेंस रोल दिया था। इस फिल्म की कमाई थी 11.43 करोड़। हालांकि फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन अब यह कल्ट क्लासिक मानी जाती है।

यतीम, यह फिल्म 1988 में आई थी। इसमें सनी देओल ने परफॉर्मेंस दी, लेकिन फिल्म चल नहीं पाई। इसकी कमाई थी 8.95 करोड़।

सलाखें, यह फिल्म 1998 में आई थी। इस फिल्म की कमाई थी 9.34 करोड़। इसमें सनी देओल ने एंग्री-यंग-मैन अवतार में दिखाया था। लेकिन फिर भी, इस फिल्म को भी फ्लॉप माना गया।

द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई, यह फिल्म 2003 में आई थी। इसमें सनी देओल ने एक बड़े बजट वाली फिल्म में दिखाया था। लेकिन इस फिल्म की कमाई थी 26.23 करोड़। हालांकि, फिर भी, यह फिल्म अंडर रेटेड मानी जाती है।

घायल: वन्स अगेन, यह फिल्म 2005 में आई थी। इसमें सनी देओल ने एक इमोशनल-एक्शन से भरी फिल्म में दिखाया था। लेकिन इस फिल्म को भी फ्लॉप माना गया।

मोहल्ला अस्सी, यह फिल्म 2018 में आई थी। इसमें सनी देओल ने वाराणसी की पॉलिटिक्स में दिखाया था। लेकिन इस फिल्म को भी बुरी तरह फ्लॉप माना गया।

ब्लैंक, यह फिल्म 2019 में आई थी। इसमें सनी देओल ने एक साइलेंट और कंट्रोल्ड अवतार में दिखाया था। लेकिन इस फिल्म को भी फ्लॉप माना गया।

इन फिल्मों से पता चलता है कि सनी देओल की कमाई कितनी अच्छी होती है, लेकिन कुछ फिल्में अंडर रेटेड भी रह जाती हैं।
 
🤔 सनी देओल की फिल्मों में से कुछ बहुत ही अच्छी हैं और उनकी कमाई भी अच्छी होती है, लेकिन कुछ फिल्में अंडर रेटेड भी रह जाती हैं। यह तो आम तौर पर फिल्मों का मुद्दा है, जहां दोस्तों के साथ काम करना एक बड़ी बुराई नहीं है। 🤝

मुझे लगता है कि सनी देओल ने अपनी फिल्में वैसे ही अच्छी बनानी चाहिए, लेकिन व्यावसायिक दबाव और बजट में सुधार भी जरूरी है। 💸

मोहल्ला अस्सी की तरह फिल्मों में राजनीति को शामिल करने पर विचार करना चाहिए, लेकिन इसे सही तरीके से करना होगा। 🤝
 
सनी देओल की फिल्मों में ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने वाली फिल्म तो है लेकिन उनकी एक-एक फिल्म जिसमें फ्लॉप होना पड़ा है, उन्हें भी अच्छा लगेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी फिल्में देखने वाले लोगों को खुशी मिलती है। और खुशी, सबसे अच्छी बात होती है 🙌

मेरी राय तो यह है कि सनी देओल ने अपनी फिल्मों में अभिनय करना ज्यादा बेहतर किया है, भले ही उनकी कोई एक फिल्म कमाई नहीं कर पाई हो। उनकी अच्छी प्रतिभा और उनकी एकता को देखकर लगता है कि वे अभिनय में बहुत प्यार करते हैं। और यही, सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात है।
 
वाह, यह तो पूरी तरह से सच है 🤣 सनी देओल की फिल्मों में हमेशा एक खास चीज़ होती है - उनकी कमाई बढ़ने के साथ-साथ अंडर रेटेड भी रह जाती हैं! 😂

मुझे लगता है कि उनकी फिल्मों में अक्सर थोड़ी-बहुत अस्थिरता होती है, लेकिन यह तो उन्हें अभिनेताओं के रूप में सबसे प्यारी बनाता है 🤗

और वाह, 1999 में अर्जुन पंडित की फिल्म की कमाई थी 11.43 करोड़! यह तो बहुत ही अच्छी होती, लेकिन फिर भी, वह कल्ट क्लासिक बन गई है 🙌

लेकिन, मुझे लगता है कि उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे हमेशा एक ही चीज़ करते रहते हैं - सिर्फ एंजेल या फिर सिर्फ दुष्ट चारा 🤪

और, मुझे लगता है कि उनकी फिल्मों में अक्सर थोड़ी-बहुत व्यावसायिकता होती है, जो दर्शकों को आकर्षित नहीं करती है 💸

लेकिन, फिर भी, मैं उन्हें पसंद करता हूँ! वे अभिनेताओं के रूप में बहुत प्रतिभाशाली हैं, और उनकी फिल्मों में हमेशा एक खास चीज़ होती है - यह! 🤓
 
मुझे लगता है कि सनी देओल ने वास्तव में बहुत सारी फिल्में दी हैं जो अच्छी नहीं गुजरी थीं। उनकी एक फिल्म, अर्जुन पंडित, 1999 में आई और वहाँ उन्होंने अपना पहला बड़ा रोल निभाया था। लेकिन फिर भी, उस फिल्म को अच्छा प्रदर्शन नहीं मिला था। 🤔

फिर, सनी देओल ने कई अन्य फिल्में दी हैं जिनसे उनकी कमाई बढ़ी है, लेकिन कुछ फिल्में भी अंडर रेटेड रह गईं। जैसे, यतीम 1988 में आई थी, और वहाँ उन्होंने एक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया था। 🎥

लेकिन, मुझे लगता है कि सनी देओल की फिल्मों में जो खास चीज़ है, वह उनकी अदाकारी और आकर्षण की बात है। उन्हें लोग प्यार करते हैं और उनकी फिल्में भी अच्छी लगती हैं। 😉
 
बिल्कुल सही कहा गया है कि सनी देओल के पास एक खास जोड़ है जो उन्हें लोगों के बीच सबसे प्यारी बनाता है। लेकिन याद रखना महत्वपूर्ण है कि फिल्म उद्योग में रिस्क टेकिंग करना बहुत जरूरी है, और कभी-कभी अच्छी और खराब दोनों नतीजे हो सकते हैं।

मुझे लगता है कि सनी देओल की कमाई की बात करते समय, हमें यह भी देखना चाहिए कि उन्होंने अपने करियर में कितनी सावधानी और अनुशासन से काम किया है। उनकी अच्छी फिल्में जैसे कि ज़िंदाज़िद और इमरतेक़ हमेशा लोकप्रिय रहींगी, जबकि कम खराब फिल्में भी उन्हें सबक सिखाती हैं।

मेरे अनुसार, सनी देओल की वो फिल्में, जिनसे उनकी कमाई बढ़ गई थी, में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और नए अभिनय शैलियों को दिखाया।
 
अरे, यह तो सच है कि सनी देओल की कई फिल्में बहुत कमाई कर रही थीं लेकिन कुछ फिल्में फ्लॉप भी हुईं। मुझे लगता है कि यादिम और सलाखें जैसी फिल्में अच्छी फिल्में थीं, लेकिन फिर भी उनकी कमाई कम नहीं हो पायी। यह तो साबित करता है कि सनी देओल एक बहुत ही अच्छे अभिनेता हैं लेकिन कभी-कभी फिल्में अच्छी नहीं चल पातीं।
 
मैंने पढ़ा और सोचने लगा कि सनी देओल की फिल्मों में क्या गलत हो रहा है। उनकी कई फिल्में अच्छी कमाई कर रही हैं, लेकिन कुछ फिल्में अंडर रेटेड भी रह जाती हैं। मुझे लगता है कि यहाँ एक समस्या है - फिल्मों में परिवर्तन करना नहीं होता। जब फिल्मों में बदलाव नहीं होता, तो दर्शकों के साथ जोड़ नहीं बनता।

उदाहरण के लिए, उनकी फिल्म 'यतीम' में सनी देओल ने अच्छी प्रदर्शन किया था, लेकिन फिल्म चल नहीं पाई। यहाँ एक सवाल है - फिल्मों में परिवर्तन करना होता। अगर बदलाव नहीं होता, तो दर्शकों के साथ जोड़ नहीं बनती।

इसके अलावा, मुझे लगता है कि सनी देओल को अपनी फिल्मों में नई चीजें करनी चाहिए। उन्हें अपनी फिल्मों में बदलाव लाना चाहिए, ताकि दर्शकों के साथ जोड़ बने रहे। इससे उनकी कमाई और भी बढ़ेगी।
 
मुझे लगता है कि ये सब फिल्में सच में बहुत प्यारी और अच्छी थीं! अर्जुन पंडित की फिल्म 1999 को कल्ट क्लासिक बनाने की बात तो सही है, लेकिन मैंने यतीम (1988) को भी बहुत पसंद किया होगा। उसकी कमाई थोड़ी सी थी, लेकिन वह फिल्म अपनी एक्टिंग और स्टोरी से दिलों को जीत गई होगी।

और सलाखें (1998) में सनी देओल ने एंग्री-यंग-मैन अवतार में दिखाया था, लेकिन मुझे लगता है कि वह फिल्म सच में बहुत ही रोमांटिक और अच्छी थी। और द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई (2003) में उनकी एक्टिंग तो बिल्कुल अच्छी थी, इसे क्यों अंडर रेटेड माना जाता है?

मोहल्ला अस्सी (2018) और घायल: वन्स अगेन (2005) में उनकी एक्टिंग फिर से बहुत अच्छी रही, लेकिन इन्हें भी क्यों अंडर रेटेड माना जाता है? लगता है कि सनी देओल की फिल्में सच में बहुत प्यारी और अच्छी थीं। 😊
 
सुनने को मिलता है कि सनी देओल की कुछ फिल्में वाकई कल्ट क्लासिक बन गई हैं 😊। लेकिन उनकी कुछ फिल्मों को भी बहुत कम देखने को मिलता है। मेरा मानना है कि यह तो एक अच्छी बात है कि उन्हें अभी भी लोकप्रियता मिलने का मौका मिल रहा है, लेकिन फिर भी, उन्हें अपने प्रदर्शन को और भी सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। उनकी अन्य फिल्मों पर ध्यान देने से वे अपनी जिंदगी और करियर को और आगे बढ़ा सकते हैं।
 
मुझे लगता है कि सनी देओल ने अपनी फिल्मों में बहुत साहस और जुनून लगाया है। उनकी कई फिल्में हैं जो पूरे भारत में प्यार की गईं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी बनाईं जिन्हें निकामी माना गया। ऐसे दोनों स्थितियों को उनके करियर में एक हिस्सा मानना चाहिए। उनकी सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने अपने प्रेमियों के साथ खास जोड़ बनाई है, जो उन्हें फिल्मों के दुनिया में एक अलग स्थान दिलाती है।
 
अरे, मैंने येह फिल्मों को देखा है और मुझे लगता है कि सनी देओल को थोड़ा-बहुत प्यार करना चाहिए। वह एक अच्छी अभिनेत्री है और उसकी कई फिल्में बहुत ही सफल रही हैं। लेकिन कुछ फिल्में भी अंडर रेटेड रह गईं, जो बिल्कुल सही नहीं है। मुझे लगता है कि सनी देओल को अपनी अगली फिल्म पर बहुत ध्यान देना चाहिए और उसमें अपनी क्षमताओं को अच्छी तरह से प्रदर्शित करना चाहिए। 🤔🎥

और मुझे लगता है कि सनी देओल की फिल्मों में एक नई दिशा लेने की जरूरत है। वह पहले कुछ ही फिल्मों में सफल रही है, इसलिए अब उसे अपनी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। शायद उसने अपनी अगली फिल्म में एक नई पहचान बनाने की जरूरत है और उसमें अपनी क्षमताओं को अच्छी तरह से प्रदर्शित करना चाहिए। 🎬👍
 
ऐसा लगता है कि सनी देओल ने खूब सारी मुश्किलों का सामना किया है, लेकिन वो अभी भी अपने प्रेमियों के बीच बहुत प्यारी बनी हुई है 🤗

कुछ फिल्में जो अंडर रेटेड हुईं, उनकी कहानियाँ और सनी देओल की प्रदर्शन बहुत ही रोचक हैं Interesting
 
ਸੁਣੋ, ਇਹ ਰਿਪੋਰਟ ਵੀ ਹੈ ਕਿ ਸੰਨੀ ਦੇਓਲ ਬਹੁਤ ਹੀ ਚੰਗੀ फਿਲਮਾਂ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਕੁਝ ਫਿਲਮਾਂ ਜਿਵੇਂ ਯਤੀਮ, अर्जੁਨ ਪੰਡਤ, ਸਲਾਖੇਂ, ਘਿਆਲ: ਵਨਸ ਅਗੇਨ, ਬਲੈੱਕ, ਮੋਹਲਾ ਅਸਸੀ... ਤਾਂ ਭੁਲਖੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਦੇ ਹਨ।

ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਬਜ਼ਾਰੀ ਅਮੀਰ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਫਿਲਮਾਂ ਬਣਨ ਵਿੱਚ ਉਹ ਕੁਝ ਅਗਵਾ ਛੱਡ ਰਹੇ ਹਨ।
 
मैंने याद़ है जब मेरी बहन ने अर्जुन पंडित की फिल्म देखी थी। वह फिल्म तो अच्छी नहीं चली थी, लेकिन उसके बाद मेरी बहन ने कहा कि यह फिल्म कल्ट क्लासिक है और आज भी लोग उसे देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि सनी देओल की फिल्में हमेशा अच्छी नहीं चलती हैं, लेकिन वह अपने प्रेमियों को हमेशा खुश रखती हैं 🙏👍
 
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