आ रहा है चक्रवाती तूफान 'दित्वा', सेन्यार स्टॉर्म के बाद बना नया गहरा दबाव क्षेत्र, मौसम विभाग

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक नया दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिसमें चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसका प्रभाव तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ सकता है।

आईएमडी के अनुसार, चक्रवात सेन्यार निकोबार द्वीप समूह के सबसे उत्तरी द्वीप कार निकोबार से 850 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है, और शाम तक इसके कमजोर होकर दबाव में तब्दील होने की उम्मीद है। अगर यह दबाव चक्रवाती तूफान में बदल जाता है तो इसे चक्रवात दित्वा कहा जाएगा।

आईएमडी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे श्रीलंका तट पर बना दबाव पिछले 6 घंटों के दौरान 8 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा है, और अगले 12 घंटों में एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

इसके अलावा, मलेशियाई समाचार पोर्टल एनएसटी के अनुसार, चक्रवात सेन्यार भारतीय क्षेत्र से दूर चला गया है और कथित तौर पर मलेशिया की ओर बढ़ रहा है।
 
बड़ा दबाव आ गया है, लेकिन हमें चिंतित नहीं होना चाहिए। चक्रवात सेन्यार निकोबार द्वीप समूह के पास से गुजरने वाली बात है और यह तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ने की संभावना कम है। हमें अपने घरों में तैयार रहना चाहिए और जल्दी से जल्दी तैयारियां करनी चाहिए। मैं सभी को अपने परिवारों के साथ तैयार रहने और सुरक्षित रखने के लिए कह रहा हूँ 🙏💪
 
🤔 ये तो मौसम विज्ञान की जिंदगी है, हमें सबकुछ चेतावनी देने वाली रिपोर्ट्स पढ़नी पड़ती हैं और फिर भी चक्रवाती तूफान आते रहते हैं। और अब यह south पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया दबाव बन रहा है, जिससे तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ सकता है।

मुझे लगता है कि ये दबाव इतना कमजोर होने वाला है कि वह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। और इसका मतलब यह भी हो सकता है कि हमें अपने घरों से बाहर निकलने की जरूरत होगी।

लेकिन मुझे लगता है कि एनएसटी ने गलती से कहा है, चक्रवात सेन्यार भारतीय क्षेत्र से दूर चला गया है। यह तो हमें चिंतित कर रहा है कि इसका मौसम विज्ञान पर एक्सपर्ट्स पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
 
मुझे यह सुनकर थोड़ा चिंता हो रही है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऐसा दबाव बना रहा है। मैंने तो पहले से ही गर्मियों में बहुत धूप और शुष्क हवाएं महसूस की हैं। अगर यह दबाव चक्रवाती तूफान में बदल जाता है तो हमारे राज्य के तटीय इलाकों में पानी की कमी और सड़कें बंद होने की संभावना है। मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार और मौसम विज्ञान विभाग को इस समस्या का ध्यान रखा जाए ताकि हमारे लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।
 
अरे बिल्कुल मालुम है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर दबाव बनता है, अब यह चक्रवात सेन्यार बन जाने वाला है। यह तो एक बड़ा मुद्दा है कि इस दबाव से प्रभावित होने वाले इलाकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए ? 🌪️

अब तक यह दबाव 8 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, तो चिंता बढ़ गई है कि यह चक्रवात दित्वा बनकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की दिशा में आने वाला है।

अब मलेशियाई समाचार पोर्टल एनएसटी के अनुसार, चक्रवात सेन्यार भारतीय क्षेत्र से दूर चला गया है और कथित तौर पर मलेशिया की ओर बढ़ रहा है, तो यह एक बड़ा निर्णय होगा कि इस चक्रवात का प्रबंधन कैसे किया जाए।
 
अरे, ये तो दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में फिर से चक्रवात आने की बात हुई है, लेकिन ज़रूरत का समय है कि हम इस पर प्रतिक्रिया दें।

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में दबाव बढ़ने से पहले तो शायद ये चक्रवात नहीं बनेगा, लेकिन अगर ऐसा होता है तो हमारे तटीय इलाकों पर प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन ज़रूरत का समय है कि हम अपनी सुरक्षा के लिए तैयार रहें।

और फिर, मलेशियाई समाचार पोर्टल एनएसटी के अनुसार चक्रवात सेन्यार भारतीय क्षेत्र से दूर चला गया है, यह तो अच्छी खबर है। हमें अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर सुरक्षा के लिए काम करना चाहिए।
 
मुझे ये खबर बहुत चिंताजनक लग रही है 🤕। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दबाव क्षेत्र से पहले तो मैंने नहीं सोचा था कि यह इतना खतरनाक हो सकता है। चक्रवात सेन्यार निकोबार द्वीप समूह से 850 किलोमीटर दक्ष्चिन-पूर्व में और अब यह कहां जा रहा है ? मुझे लगता है कि हमें इस तूफान की सावधानियों से तैयार रहना चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ा खतरा है, जैसे कि हमें गुस्सा करने वाला मौका मिल गया है । चक्रवात सेन्यार की ऐसी गति से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर आकर पड़ने का मतलब यह है कि हमारे तटीय इलाकों में बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। अगर चक्रवात सेन्यार एक्सप्लोसिव बन जाता है तो तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के लोग कितने ही परेशान होंगे। यह तो हमें ध्यान में रखना होगा कि जल्द से जल्द सरकार की ओर से राहतकारी कदम उठाए जाएं ।
 
यदि ऐसा होने की संभावना है कि चक्रवात सेन्यार तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय इलाकों पर पड़ सकता है तो हमें अपने घरों की सफाई कर लेनी चाहिए 🏠। कभी भी चक्रवात के दौरान बाहर नहीं निकलना चाहिए, और यदि आपको भारी वर्षा की सूचना मिलती है तो तुरंत अपने परिवार के साथ जंक्शन में रहना चाहिए। सरकार को भी इस पूरी स्थिति का ध्यान रखना चाहिए और नागरिकों को सुरक्षा की सलाह देनी चाहिए। इससे हमारी जान बचाई जा सकेगी 💕
 
क्या यह तो बहुत ज्यादा खतरनाक लग रहा है 🚨 south west बंगाल की खाड़ी में दबाव बन रहा है, और इससे तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर बहुत मुश्किल हो सकती है। चक्रवात सेन्यार निकोबार द्वीप समूह से 850 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में चला गया है, और अब मलेशिया की ओर बढ़ रहा है। क्योंकि मलेशिया में तूफान आ सकता है तो इसका प्रभाव हमारे देश पर भी पड़ सकता है।
 
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