आनन, आनन, जीवन की एक सितारा थी, माना वह बेहद प्यारा था, लेकिन जब वो डूब गया तो डूब गया। अब उसके तारे टूट गए हैं, और प्यारे छूट गए हैं। लेकिन जब उन्होंने कहा कि जो बीत गई सो बात गई, तो हमें नहीं पता था कि कब अम्बर शोक मनाएगा।
जीवन में एक कुसुम था, उस पर नित्य निछावर तुम। लेकिन जब वह सूख गया तो सूख गया, मधुवन की छाती को देखो। उसकी कलियाँ मुरझाई हुई, और वल्लरियाँ भी मुरझाई हुईं। लेकिन जैसे ही हमें पता चला कि वह किसी खास जगह पर नहीं खिलेगा, तो मधुवन शोर मचाने लगा।
जीवन में मधु का प्याला था, तुमने तन मन दे डाला। लेकिन जब वह टूट गया तो टूट गया, मदिरालय का आँगन देखो। प्याले हिल जाते हैं, और गिर मिट्टी में मिल जाते। लेकिन कब वे उठते हैं, यह हमें नहीं पता।
मृदु मिटटी पर बने हुए, मधु घट फूटा ही करते, लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं, और फिर भी मदिरालय के अंदर मधु के घट हैं मधु प्याले हैं।
आनन, आनन, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं। वह कच्चा पीने वाला है, और उसकी ममता घट प्यालों पर। जब सच्चे मधु से जला हुआ, तो कब रोता है चिल्लाता है? जो बीत गई सो बात गई, यह हमें सीखने का एक महत्वपूर्ण सबक है।
जीवन में एक कुसुम था, उस पर नित्य निछावर तुम। लेकिन जब वह सूख गया तो सूख गया, मधुवन की छाती को देखो। उसकी कलियाँ मुरझाई हुई, और वल्लरियाँ भी मुरझाई हुईं। लेकिन जैसे ही हमें पता चला कि वह किसी खास जगह पर नहीं खिलेगा, तो मधुवन शोर मचाने लगा।
जीवन में मधु का प्याला था, तुमने तन मन दे डाला। लेकिन जब वह टूट गया तो टूट गया, मदिरालय का आँगन देखो। प्याले हिल जाते हैं, और गिर मिट्टी में मिल जाते। लेकिन कब वे उठते हैं, यह हमें नहीं पता।
मृदु मिटटी पर बने हुए, मधु घट फूटा ही करते, लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं, और फिर भी मदिरालय के अंदर मधु के घट हैं मधु प्याले हैं।
आनन, आनन, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं। वह कच्चा पीने वाला है, और उसकी ममता घट प्यालों पर। जब सच्चे मधु से जला हुआ, तो कब रोता है चिल्लाता है? जो बीत गई सो बात गई, यह हमें सीखने का एक महत्वपूर्ण सबक है।