आज का शब्द: आनन और हरिवंशराय बच्चन की कविता 'जो बीत गई'

आनन, आनन, जीवन की एक सितारा थी, माना वह बेहद प्यारा था, लेकिन जब वो डूब गया तो डूब गया। अब उसके तारे टूट गए हैं, और प्यारे छूट गए हैं। लेकिन जब उन्होंने कहा कि जो बीत गई सो बात गई, तो हमें नहीं पता था कि कब अम्बर शोक मनाएगा।

जीवन में एक कुसुम था, उस पर नित्य निछावर तुम। लेकिन जब वह सूख गया तो सूख गया, मधुवन की छाती को देखो। उसकी कलियाँ मुरझाई हुई, और वल्लरियाँ भी मुरझाई हुईं। लेकिन जैसे ही हमें पता चला कि वह किसी खास जगह पर नहीं खिलेगा, तो मधुवन शोर मचाने लगा।

जीवन में मधु का प्याला था, तुमने तन मन दे डाला। लेकिन जब वह टूट गया तो टूट गया, मदिरालय का आँगन देखो। प्याले हिल जाते हैं, और गिर मिट्टी में मिल जाते। लेकिन कब वे उठते हैं, यह हमें नहीं पता।

मृदु मिटटी पर बने हुए, मधु घट फूटा ही करते, लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं, और फिर भी मदिरालय के अंदर मधु के घट हैं मधु प्याले हैं।

आनन, आनन, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं। वह कच्चा पीने वाला है, और उसकी ममता घट प्यालों पर। जब सच्चे मधु से जला हुआ, तो कब रोता है चिल्लाता है? जो बीत गई सो बात गई, यह हमें सीखने का एक महत्वपूर्ण सबक है।
 
मैंने खुशी से पढ़ा 🤩, लेकिन मेरे मन में एक सवाल आया - क्या जीवन वास्तव में बहुत ही गहरा और जटिल है या यह बस इतना ही था? मुझे लगता है कि हमेशा जब हमको किसी से जुड़ने का मौका मिलता है, तो हम उसे खोने के लिए तैयार रहते हैं... और फिर भी हम दूसरों को खुश रखने की कोशिश करते हैं 😔। मुझे लगता है कि जीवन में मधु की तरह ही प्यास होती है, लेकिन जब हम उसे पाते हैं, तो हम उसके प्यार को बांटने की कोशिश करते हैं... और फिर भी हम अकेले ही रहते हैं। 🤷‍♂️
 
मैंने देखा कि माधुरी का अहंग्री प्यार छूट गया, और अब मधु लोग जीवन की चोट को भुलाने के लिए शोर मचा रहे हैं। वैसे तो जिन्हें नित्य निछावर था, उन्होंने जब सूख गए तो सूख गए, और जो मधु का प्याला था, तुमने तन मन दे डाला। लेकिन फिर भी वे टूट गए हैं और प्याले हिल जाते हैं। मुझे लगता है कि जब मधु घट फूटते हैं, तो लोग जीवन की चोट से बचने की उम्मीद करते हैं, लेकिन वास्तव में उनकी ममता प्यालों पर बनी रहती है।
 
यार 😔 यह तो बहुत दुखद है, जब मधु टूट जाती है तो प्याले के अंदर चिराग जलने लगते हैं 🕯️। और जब वह पानी सूख जाता है तो मधुवन की छाती पर घाव लगता है 😔। हमें यह सीखना होगा कि मधु की ममता कितनी सार्थक है, लेकिन मधु के टूटने से हमें निराश नहीं करना चाहिए, बल्कि फिर से मधु खिलाने की कोशिश करनी चाहिए 🌼
 
अरे, ऐसी बातें कहने का क्यों है? यह मधुमेह के मामले में तारों का ताला नहीं है। जो फैंसी लोग डूबते हैं वो गहराई से डूब जाते हैं, बस ऐसी बातें कहने से उनके प्यारे छूट गए नहीं। और मधु, वह तो फूल की तरह है, जब उसका समय है तब खिलता है। लेकिन जब वह टूट जाता है तो यहाँ तक कह देना मुश्किल है कि कब उठेगा। 🤔😒
 
मुझे लगता है कि यह बहुत दुखद समाचार है, लेकिन मैं क्या कह सकता हूँ? यादें और पल भी कभी नहीं वापस आ जाते, यह तो हमेशा सत्य था, लेकिन जब हम उन्हें खोने का सामना करते हैं, तो यह बहुत कठिन होता है। मैं तो अपने दोस्तों और परिवार के लिए ही बात कर सकता हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि हमें एक दूसरे से जुड़ने और प्यार करने का समय बहुत कम होता है। मैंने अपने अनुभवों से सीखा है कि मधु की तरह, जीवन में कभी-कभी चीजें टूट जाती हैं, लेकिन हमें उन्हें पुनः स्थापित करने का साहस रखना चाहिए।
 
मुझे तुम्हारी दुनिया का पता चल गया है... मैंने तुम्हारे खिलाफ एक फिल्म देखी थी, जिसमें एक गायक डूब गया और उसके साथ सभी प्यारे। लेकिन जब मैंने तुम्हारी बात सुनी, तो मुझे वाकई लगा कि तुम भी उसी तरह से हो गए हो। तुम्हें कोई मधु नहीं चाहिए, जिसे तुम जला दोगे। तुम्हें प्यार की जरूरत है, न कि मधु की। मैंने एक बार अपनी बहन को एक मधु खिलाया था, लेकिन वह उसमें से आनंद नहीं ले सकी। तुम्हारी तरह, जब मधु टूट जाता है, तो तुम भी टूट जाओगे।
 
आनन, आपने वास्तव में मधुर पंक्तियाँ लिखी हैं! मुझे लगता है कि जीवन की तरह ही, मधु भी जीवन की बातें हैं। जब वह सूख गया तो सूख गया, और जब प्याला टूट गया तो टूट गया। लेकिन मधु प्याले की तरह ही है, मधुवन शोर मचाने लगता है जब हमें पता चलता है कि वह कहीं नहीं खिलेगा।

मुझे लगता है कि जीवन की तरह ही, मधु भी बहुत सारी चीजें लेकर आता है। लेकिन जब वह टूट गया, तो टूट गया। लेकिन मैं सोचता हूँ कि मधुवन की तरह, हमें मधु के घटों को ढूंढने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसकी प्यालियों को ढूंढने की जरूरत है जिससे वह मधु निकल आए।

मुझे लगता है कि हमें यह सीखने की जरूरत है कि जो बीत गई सो बात गई, और जब सच्चे मधु से जला हुआ, तो कब रोता है? मैं सोचता हूँ कि यह एक महत्वपूर्ण सबक है, और हमें इसे अपने जीवन में लागू करने की जरूरत है।
 
मधुमेह वाली पानी की कीमत कितनी बढ़ गई है, मेरे दोस्त! 🤯 आपने जानबूझकर पढ़ा नहीं लिया, किसी भी स्कूल में मधुमेह का इलाज करने के लिए विशेष प्रयोगशाला बनाई गई, और सबकुछ खरीदने में भारी परेशानी हो रही है।

देखो, इस दुनिया में हर चीज़ का कोई सीमा होती है, और मधुमेह की दवाएं सबसे पहले विचलित करने वाली थीं। क्या तुमने जाना है कि एक बार धूम्रपान की आदत में आने के बाद, चिकित्सकों को पूरी तरह से इसे बदलने में इतनी देर लगी?

यह बहुत बड़ी बात है, जिस पर हम सब ध्यान नहीं देते हैं - लोग जीवन खाते हैं, और फिर स्वास्थ्य विभाग में कोई सीमा नहीं होती कि कितना शराब पीना सही या गलत है। यह तो एक बड़ा सबक है - जब तुम बंद कर देते हो, तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन अगर तुमने पहले से ही जानबूझकर खराब किया है, तो क्या अब फिर से बदला जा सकता है?
 
😔 मेरी दिल को टूट गया है जब मैंने प्रियजन की गंभीर स्थिति सुनी। जैसे हर छोटी चीज़ पर निदान होता है, लेकिन यहां पर बेहद जटिल और भावुक है। मधु को टूटने की यह कहानी हमें सबक सिखाती है कि जीवन में सभी चीज़ों की तुलना करना मुश्किल है और हर चीज़ की अपनी खासियत होती है। जब मधु टूटता है, तो मधुर गंध छुटकारे पर आती है, लेकिन जब वह फिर से टूटता है, तो गंध बदलती है और फिर से मधु बनता है। 😔
 
मधुमेह वालों की बात तो हंसाने में भी नहीं आ रही है दोस्त। अगर उनकी जिंदगी का प्यार मिट्टी में खोने की तरह ही गुजरती है, तो फिर उन्हें रोकने का समय कब आयेगा? मधुमेह वालों को समझने की जरूरत है। उनकी जिंदगी में सुख-दुख दोनों ही रहते हैं। एक ओर तो प्यार और खुशियां, दूसरी ओर भी दर्द और अकेलापन। लेकिन अगर उन्हें सही में सहारा मिले, तो क्या उनकी जिंदगी सुधर सकती थी। यह जरूर है कि हम उन्हें समझें और सहारा दें। 💔
 
मेरी राय में यह सोच लेता हूँ कि जैसे ही मधु टूटते हैं और प्याले भी टूट जाते हैं, हमारे मन की मिटटी पर उन्हीं को फिर से बनाने का प्रयास करते हैं। लेकिन जब तुमने कहा है कि जो बीत गई सो बात गई, यह एक बहुत बड़ा सबक है।
 
मुझे दिल में दुःख हुआ 🤕। तुम्हारी खुशियों और दुखों की बातें बहुत प्यारी लगी। जैसे शहद का स्वाद जब मधु का होता है, वैसे ही जीवन में हमारी हर पलक की गहराई को तुमने पकड़ लिया है। जब तुमने कहा कि जो बीत गया वह अब नहीं फिर सकता, तो मैं सहमत था 🤝। लेकिन मधु प्याले टूट जाते हैं और फिर से जल निकलते हैं। जीवन एक ही तरह का नहीं है। हमें जीने का आनंद लेना चाहिए, खुशियों को मनाना चाहिए। और यह एक सबक है जिसे हमें सीखना चाहिए।
 
जी भरोसा, जीवन में टूट गये प्यारे तारे और मधु का प्याला टूट गया है, लेकिन याद रखिए, जब बीत गई सो बात गई, तो हमें नहीं पता था कि कब अम्बर शोक मनाएगा। यही जीवन की सच्चाई है 🤕 मधु और प्यारे पल टूट जाने के बाद भी, उनके अंतर्निहित स्वरूप को हमें याद रखना चाहिए। जैसे मधुवन परिवेश में खिलकर उगने की शक्ति रखते हैं, वैसे ही जीवन की रोशनी और प्यार की ऊर्जा भी फिर से प्रकट होती है। लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जो मधु खत्म होने से पहले पीने वालों ने उसे लूट लिया, वह मधु की सच्चाई को समझने में असमर्थ था। तो आइए, अपने दिल की गहराइयों पर ध्यान दें, और जब भी मधु का प्याला टूट जाए, हमें उसकी सच्चाई को याद रखना चाहिए। 🌼
 
मेरी तरह के विद्यार्थी लोग कितने ही मधु प्यालों में खो देते हैं 🤯। जैसे जैसे समय बीतता जाए, उनके सपने टूटने लगते हैं, लेकिन फिर भी वे मधु प्याले बनाने का प्रयास करते रहते हैं। लेकिन सच में मधु प्याले कभी नहीं बन सकते, हमें सीखना होता है कि जो बीत गया वह फिर नहीं आयेगा, और हमें आगे बढ़ना होगा।
 
अरे, मुझे तो यह बात बहुत गंभीरता से लगती है... जीवन में मधु प्यालों पर निकलता है, और फिर भी हम उन्हीं में खो जाते हैं 🤯। देखो, आनन की कहानी तो बहुत रोचक है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जीवन में मधु प्यालों से निपटने का कोई आसान तरीका नहीं है। हमें अपने जीवन में मधु को पहचानने और उससे लड़ने की जरूरत है, फिर ही हम वहाँ से बाहर निकल सकते हैं 🌼
 
जीवन में जब कुछ भी अच्छा लगता है, तो उसमें कुछ दुख भी होता है 🤔। जैसे कि प्यार की खुशियों में दर्द भी होता है। और फिर जब हमें पता चलता है कि वह खुशी कितनी कमजोर थी, तो हमें सच्चाई को स्वीकारना पड़ता है। यही जीवन का एक सच्चा चेहरा है - जहां हमें अपने खुशियों और दर्दों को स्वीकार करना होता है। लेकिन फिर भी, जब मधु का प्याला टूट गया, तो मधुवन शोर मचाने लगा और अम्बर मनाए गए। यही जीवन की सच्चाई है - जहां हमें अपने खुशियों और दर्दों को स्वीकार करना होता है, और फिर भी, नई खुशियाँ उत्पन्न होने लगती हैं।
 
जीवन में जब भी मधु प्याला टूटता है, तो हमें याद रखना चाहिए कि जो ख़त्म हो गया, वह दोबारा नहीं आ सकता। लेकिन जब तक हम उन व्यक्तियों के साथ मधु का सेवन करते रहें, जो कच्चे और प्यासे हैं, तो आगे बढ़कर कोई समाधान खोजें।

मधु प्याले टूटने की बात करें तो, जब तक हम उनमें मधु का सेवन करते रहें, जिसमें मादकता और अनियंत्रित व्यवहार होता है, तो दोबारा फिर मधु प्याला टूट सकता है। यही कारण है कि हमें उन व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए जो अपनी मधु लत में गहराई से डूबे हुए हैं।
 
मधुर मित्रों की यादें हमेशा खूनी रहती हैं। उनके टूटे तारों और टूटे प्यालों को देखकर मुझे लगता है कि जीवन की राहें कभी-कभी बहुत ही गहरी और खतरनाक होती हैं। हमें सीखना होता है कि जब तक मधु टूटता है, वह कभी नहीं बंद होता।
 
ਦੁਖ ਹੈ ਕਿ ਜੀਵਨ ਦੇ ਪਿਆਰੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੱਚ ਤੋਂ ਗੱਡੀ ਬੈਠਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। 🤕

ਜਿਸ ਮਾਨਸੂਰ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਵਾਲਿਆਂ ਅਖ਼ਬਾਰ ਹੈ, ਉਥੋਂ ਡਰਨਾ ਪਏ ਜਾਣਗੇ। 📰

ਕਿਸੇ ਵੀ ਮਾਦਕ ਪਦਾਰਥ ਦੀ ਆਲੋਚਨਾ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਅਜ਼ਮਾਇਸ਼ ਕੀਤੀ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦੀ। 😒

ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਅਧਾਰਤ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ।
 
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