मधुऋतु और हरिवंशराय बच्चन की कविता- कोई नहीं, कोई नहीं!
हरिवंशराय बच्चन की कविता 'कोई नहीं, कोई नहीं!' मधुकाल, प्रेम-संयोग काल को दर्शाती है, जिसे हमारे देश की सुंदरता का एक हिस्सा मानते हैं। इस कविता में लेखक ने वसंत ऋतु को मधुवृतु कहा, जिसमें प्रेम और खुशी का माहौल बन जाता है।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'यह भूमि है हाला-भरी', अर्थात यह धरती पूरी तरह से खुशी से भर गई है। वहीं पर, 'मधुपात्र-मधुबाला-भरी' का अर्थ है, जैसे दूध और गुलाब की मीठी बूंदें इस धरती पर गिर रही हैं।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'सुनता, समझता है गगन', अर्थात स्वर्गीय लोग हमें उनके संदेशों को समझाते हैं और हमें उनकी सच्चाई बताते हैं। वहीं पर, 'वन के विहंगों के वचन' का अर्थ है, जैसे वन में रहने वाले लोगों की बातचीत हमें सुनाती है।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'मधुऋतु समीरण चल पड़ा', अर्थात मधुकाल में एक खूबसूरत पल पड़ा। वहीं पर, 'वन ले नए पल्लव खड़ा' का अर्थ है, जैसे वन ने नए फूल खोलकर खड़े कर दिए।
इस कविता के बाद, हमें यह कहना चाहिए कि हरिवंशराय बच्चन की कविताएं हमेशा हमारे दिलों में बसी रहती हैं और हमें खुशी और प्रेम की याद दिलाती रहती हैं।
इसलिए, हमें इस कविता को ध्यान से पढ़ना चाहिए और उसकी सच्चाई को समझना चाहिए।
हरिवंशराय बच्चन की कविता 'कोई नहीं, कोई नहीं!' मधुकाल, प्रेम-संयोग काल को दर्शाती है, जिसे हमारे देश की सुंदरता का एक हिस्सा मानते हैं। इस कविता में लेखक ने वसंत ऋतु को मधुवृतु कहा, जिसमें प्रेम और खुशी का माहौल बन जाता है।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'यह भूमि है हाला-भरी', अर्थात यह धरती पूरी तरह से खुशी से भर गई है। वहीं पर, 'मधुपात्र-मधुबाला-भरी' का अर्थ है, जैसे दूध और गुलाब की मीठी बूंदें इस धरती पर गिर रही हैं।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'सुनता, समझता है गगन', अर्थात स्वर्गीय लोग हमें उनके संदेशों को समझाते हैं और हमें उनकी सच्चाई बताते हैं। वहीं पर, 'वन के विहंगों के वचन' का अर्थ है, जैसे वन में रहने वाले लोगों की बातचीत हमें सुनाती है।
इस कविता में, लेखक कहते हैं, 'मधुऋतु समीरण चल पड़ा', अर्थात मधुकाल में एक खूबसूरत पल पड़ा। वहीं पर, 'वन ले नए पल्लव खड़ा' का अर्थ है, जैसे वन ने नए फूल खोलकर खड़े कर दिए।
इस कविता के बाद, हमें यह कहना चाहिए कि हरिवंशराय बच्चन की कविताएं हमेशा हमारे दिलों में बसी रहती हैं और हमें खुशी और प्रेम की याद दिलाती रहती हैं।
इसलिए, हमें इस कविता को ध्यान से पढ़ना चाहिए और उसकी सच्चाई को समझना चाहिए।