आज का शब्द: पंकिल और महादेवी वर्मा की कविता 'तू धूल भरा ही'

पंकिल और महादेवी वर्मा की कविता 'तू धूल भरा ही' - एक जीवन की गहराई से भरी कहानी। कवयित्री ने जीवन को मृत्यु के रूप में दिखाया है, जहां जीवन-बाल अंक लगाती है।

साधों ने अपने पथ पर मदिरा की तरह, जीवन को सींचा, लेकिन झंझा आंधी ने फिर-फिर आ दृश्य में मिंचाया। आलोक तिमिर ने क्षण का कुहक बिछाया, जिससे मन अनुरागी था और रोमों में हिम-जड़ित अवशता जागी।

गाढ़े विषाद ने अंग कर दिए पंकिल, बिंध गए पगों में शूल व्यथा के दुर्मिल। कर क्षार साँस ने उर का स्वर्ण उड़ाया, जिससे जीवन की धार बन गई।

पाथेय-हीन जब छोड़ गए सब सपने, आख्यानशेष रह गए अंक ही। तब उस अंचल ने दे संकेत बुलाया। जिस दिन लौटा तू चकित थकित-सा उन्मन, करुणा से उसके भर-भर आए लोचन।

चितवन छाया में दृग-जल से नहलाया, पलकों पर धर-धर अगणित शीतल चुंबन। अपनी साँसों से पोंछ वेदना के क्षण, हिम-स्निग्ध करों से बेसुध प्राण सुलाया।

नूतन प्रभात में अक्षय गति का वर दे, तन सजल घटा-सा तड़ित्-छटा-सा उर दे। हँस तुझे खेलने फिर जग में पहुँचाया, तू धूल भरा जब आया।

ओ चंचल जीवन-बाल! मृत्यु-जननी ने अंक लगाया! यह कविता जीवन की गहराई से भरी है, जहां जीवन को मृत्यु के रूप में दिखाया गया है।
 
तो यह कविता तो बस प्रेम और विषाद की कहानी है... लेकिन कल हो रहा संसदीय वोटिंग, तो ये कविता हमारे देश की वर्तमान स्थिति को भी दर्शाती है। साधों ने जीवन को सींचा, लेकिन झंझा आंधी ने फिर-फिर मिंचाया। यह तो हमारे राजनीतिक दलों की बुद्धिमत्ता को दर्शाता है, जो वोटों की खेती करते रहते हैं और कभी भी सच्चाई को नहीं समझ पाते। आलोक तिमिर ने क्षण का कुहक, लेकिन यह कोहला हमारे देश में अभी भी बरकरार है।
 
मैंने इस पुरानी कविता पढ़ी है जिसमें पंकिल और महादेवी वर्मा ने अपनी भावनाओं को बहुत अच्छी तरह से व्यक्त किया है। मुझे लगता है कि यह कविता सचमुच जीवन की गहराई से भरी हुई है, जहां जीवन-बाल को मृत्यु के रूप में दिखाया गया है।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन को मृत्यु के रूप में देखना अच्छा होगा, लेकिन कविता में यह बहुत अच्छी तरह से कहा गया है। पंकिल और महादेवी वर्मा ने अपने शब्दों में जीवन को बहुत ही गहराई से दिखाया है, जहां जीवन को मृत्यु के रूप में देखा जाता है।

मैं इस कविता के बाद हमेशा जीवन को एक नई दृष्टि से देखने की कोशिश करूंगा, जहां जीवन को मृत्यु के रूप में देखने की जरूरत हो। यह कविता सचमुच बहुत अच्छी है और मुझे लगता है कि यह हमेशा के लिए याद रहेगी।

मैं इस कविता को और अधिक पढ़ने की कोशिश करूंगा, जिसमें पंकिल और महादेवी वर्मा ने अपनी भावनाओं को बहुत अच्छी तरह से व्यक्त किया है।
 
मैंने पढ़ा है तू धूल भरा ही कविता, लेकिन मुझे लगता है कि यह जीवन की खुदाई में वार्तालाप करने से ज्यादा है, जीवन और मृत्यु की दोस्ती है। मेरा मानना है कि कविता में लिखा गया कि साधों ने अपने पथ पर मदिरा की तरह जीवन को सींचा, लेकिन झंझा आंधी ने फिर-फिर आ दृश्य में मिंचाया। यह तो बिल्कुल सही है, लेकिन क्या हम कभी सोचते हैं कि जीवन को भी एक अंतिम पल मिलना चाहिए।
 
मैं इस कविता से बहुत प्रेरित हूँ, विशेषकर जब यह कहती है कि जीवन को मृत्यु के रूप में देखा जाए तो इसका अर्थ क्या होता है? यह एक गहरी बात है और मुझे लगता है कि हमें अपने जीवन को समझने के लिए इस तरह से देखने की जरूरत है। जब पंकिल की कविता कहती है कि जीवन-बाल अंक लगाती है, तो मुझे लगता है कि यह हमें अपने जीवन को समझने के लिए प्रोत्साहित करती है और हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। 🙌

मुझे लगता है कि यह कविता वास्तव में जीवन की गहराई से भरी है और यह हमें अपने जीवन को समझने के लिए प्रोत्साहित करती है। जब आलोक तिमिर कहता है कि जीवन को सींचने के बाद भी, झंझा आंधी आती रहती है, तो मुझे लगता है कि यह हमें अपने जीवन को समझने के लिए प्रोत्साहित करती है और हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। 🌟

मैं इस कविता से बहुत प्रेरित हूँ और मुझे लगता है कि यह हमें अपने जीवन को समझने के लिए प्रोत्साहित करती है। जब पथेय-हीन छोड़ देते हैं सपने, तो मुझे लगता है कि यह हमें अपने जीवन को समझने के लिए प्रोत्साहित करती है और हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। 💖
 
मैं बहुत प्रिय है इस कविता ने हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव डाला है। यहाँ सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन क्या है, और वह इतना सुंदर है या मृत्यु। मुझे लगता है कि कविता ने दिखाया है कि जीवन हमेशा से मृत्यु के पास ही होता है, लेकिन उसे दूर करने के लिए हमें संघर्ष करना पड़ता है।

मुझे लगता है कि कविता का अर्थ यह है कि जीवन एक चुनौती है, और उसे पार करने के लिए हमें अपने अंदर से मजबूत बनना होगा। मैं इस बात से सहमत हूँ कि हमें अपने जीवन को सिखाना होगा, खुद को मजबूत बनाना होगा, और मृत्यु के पास नहीं होना होगा।

यह कविता ने मुझे बहुत प्रेरित किया है, और मैं इसे दूसरों को भी पढ़ने के लिए कहूंगा। यह जीवन की गहराई से भरी हुई है, और हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन क्या है।
 
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