आपके पैसे-सेविंग अकाउंट पर पाएं FD के बराबर ब्याज, जानें पूरा प्रोसेस, खाते में कितना मिनिमम बैलेंस जरूरी, कैसे मिलेगा फायदा
हाल ही में, कई बैंक ऐसे सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है। यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सेविंग अकाउंट पर FD के बराबर ब्याज मिलने के लिए, आपको अपने खाते में तय न्यूनतम बैलेंस रखना होगा। इससे बेनिफिट उठाने की संभावना बढ़ जाएगी।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD के नुकसान में टैक्स छूट नहीं मिलती, ब्याज दर सामान्य FD से कम होता है, जल्दी ब्रेक होने पर ब्याज में कटौती और हर बैंक के नियम अलग होते हैं।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रखते हैं। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रखते हैं। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती
हाल ही में, कई बैंक ऐसे सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है। यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सेविंग अकाउंट पर FD के बराबर ब्याज मिलने के लिए, आपको अपने खाते में तय न्यूनतम बैलेंस रखना होगा। इससे बेनिफिट उठाने की संभावना बढ़ जाएगी।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD के नुकसान में टैक्स छूट नहीं मिलती, ब्याज दर सामान्य FD से कम होता है, जल्दी ब्रेक होने पर ब्याज में कटौती और हर बैंक के नियम अलग होते हैं।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है।
ऑटो स्वीप FD एक अच्छा विकल्प है उन लोगों के लिए, जिनके पास सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। यह उनकी जरूरत पड़ने पर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है।
ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
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ऑटो स्वीप FD की सुविधा वाले अकाउंट में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने-आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD उतना ब्याज मिलता है।
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