आपने कांग्रेस की कई अहम बैठकों में हिस्सा क्यों नहीं लिया? शशि थरूर ने दिया ये जवाब

कांग्रेस की कई अहम बैठकों में शामिल न होने पर शशि थरूर का बयान:
पार्टी नेतृत्व से संपर्क करेगा, खुद स्पष्ट करने को तैयार नहीं
 
मैं समझता हूँ कि कांग्रेस में अब बहुत चिंतित वातावरण है। लेकिन लगता है कि शशि थरूर जी ने अपनी बैठकों में भाग नहीं लेने पर स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं हैं। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि उनके पास बहुत काम है। 🤔

मैं उनकी बात समझता हूँ, लेकिन फिर भी यह सवाल उठता है कि उन्हें पार्टी नेतृत्व से संपर्क करने की जरूरत है या नहीं। मुझे लगता है कि इससे पहले कि वे अपने बयान बदलें, उन्हें खुद को समझने और अपने विचारों पर चर्चा करने की जरूरत है। 📝

ज़रूर, पार्टी नेतृत्व से संपर्क करना अच्छा विचार होगा, लेकिन यह तभी सही होगा जब वे खुद अपने बयान में स्पष्टता लाएं। और शायद इस बीच उनको अपने विचारों को समझने का समय भी मिलेगा। 🕊️
 
अरे, यह तो बहुत गुस्सा कर दिया... क्यों कांग्रेस की बैठकें इतनी अहम हैं और शशि थरूर जी को इसमें से कोई भी संपर्क नहीं मिल पाया। यह तो कुछ गलत निकल गया होगा, मुझे लगता है कि वे लोगों से दूर चलने की कोशिश कर रहे हैं। शशि थरूर जी की बातें हमेशा सच्ची और मजबूत होती हैं, इसलिए मैं उनकी बात में खुद भी भरोसा करता हूँ।
 
शशि थरूर बोलते हैं कि उन्हें ऐसी बैठकों में शामिल होने से रोकने वाला कोई नियम या निर्देश नहीं दिया गया, बस उनके खिलाफ फोमर्स में पानी डालने का आरोप लगाया गया। यह तो बहुत शरारती है!

वाह, अब सुनकर लगता है कि कांग्रेस की भी एक छोटी-छोटी चीजों में फंस जाती है। ऐसे में पार्टी के नेताओं को अपने अधिकारियों से बात करनी चाहिए ताकि यह सब समझ आ जाए। लेकिन शशि थरूर का बयान बहुत दिलचस्प, लगता है कि वे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या पार्टी के नेताओं ने शशि थरूर से बात किया होगा या नहीं, यह तो देखने को मिलेगा। लेकिन एक चीज तय है कि ऐसी बैठकों में खुद को शामिल नहीं होने पर बयान देना जरूरी नहीं।
 
बत्ती जैसे चमकने वाली बातें हैं यह... शशि थरूर का बयान सुनकर मुझे लगता है कि पार्टी में कुछ बदलाव की जरूरत है। अगर ऐसा होने की तैयारी नहीं है तो फिर बैठकों में शामिल न होने से क्या लाभ?

अगर वे सच्चे नेता हैं तो अपने क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए तैयार होना चाहिए, न कि बैठे रहना। और अगर उन्हें लगता है कि बैठकों में शामिल न होने से उनकी सुरक्षा खतरा है तो फिर ऐसा करने का क्या आधार?

लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते हैं और पार्टी की स्थिति खराब होती जा रही है, तो मुझे लगता है कि शशि थरूर का यह बयान सही मायने में लेने की जरूरत है।
 
अरे, यह देखकर मुझे बहुत परेशानी हुई 😕, कांग्रेस पार्टी की अहम बैठकों में शामिल न होने पर शशि थरूर का बयान सुनकर लगता है कि वह पार्टी के नेतृत्व से बात नहीं कर रहे हैं 🤔। यह अच्छा नहीं है, क्योंकि ऐसा मानने लगा कि वे अपने पद को खोने के लिए तैयार नहीं हैं 😳

मुझे लगता है कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे से बात करनी चाहिए, ताकि सभी अपने दिशा-निर्देशों को समझ सकें 📝। शशि थरूर जी का बयान सुनकर लगता है कि वे खुद स्पष्ट नहीं कर रहे हैं, और यह पार्टी के लिए अच्छा नहीं है 😬

क्या ऐसा मानने पर कोई समाधान नहीं है, जैसे कि एक सार्वजनिक बयान देना, ताकि सभी जानते हों कि वे कहाँ खड़े हैं? 🤞
 
मुझे लगता है कि अगर शशि थरूर जी कांग्रेस पार्टी में अभी भी सक्रिय रूप से हों तो उन्हें अपने विचार और विश्वासों को पार्टी के नेताओं से बात करनी चाहिए। लेकिन अगर उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अब पार्टी में शामिल नहीं हैं तो हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए। 🤔

मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर है कि शशि थरूर जी अपने लेख प्रकाशित करने से पहले सोचते हैं और इस बारे में सोचने के लिए समय लेते हैं। क्या उन्होंने कभी सोचा है कि उनके विचार और विश्वासों को प्रभावित करने वाली नई जानकारी उनके पास मौजूद हो सकती है? 🤓

शायद अगर शशि थरूर जी अपने बयान से पहले पार्टी नेताओं से बात करते तो हमें एक और चीज़ समझने को मिलती कि वे क्या चाहते हैं और उनके मन में क्या चल रहा है? 🤝
 
सचमुच भाजपा जैसा देश चल रहा है, यही हमें मिल रहा है 🤯

कांग्रेस पर इतना फोकस करके शशि थरूर ने मेरी उम्मीदों को तोड़ दिया है। अब तक कुछ भी करने के बारे में नहीं सुना जा रहा। पार्टी नेतृत्व से संपर्क करना ठीक है, लेकिन खुद स्पष्ट करने को तैयार नहीं होना समझदारी की कमी है 🙄

कांग्रेस में ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी गलतियों को छुपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन शशि थरूर जैसे लोग अपनी बात कहना चाहते हैं। मुझे लगता है कि उन्हें स्पष्ट करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सच्चाई तो एक दिशा में चलना होता है, न कि दूसरी दिशा में। 🚶‍♂️
 
बोलचाल में शशि थरूर का बयान तो बात है बात, लेकिन उनकी बैठकों में जाने न जाने की बात है एक बड़ा सवाल। अगर पार्टी चाहती है तो उन्हें जरूर शामिल कर देती, लेकिन अगर वे खुद खुश नहीं हैं, तो बैठकों से बचना अच्छा नहीं है। मुझे लगता है कि शशि थरूर को अपनी नीतियों पर स्पष्टता दिखानी चाहिए, लेकिन अगर वे खुद पार्टी की राजनीति में फंस जाते, तो क्या होगा?

मुझे लगता है कि शशि थरूर नेतृत्व से संपर्क करें, उनके बयान और रणनीति से पार्टी की बैठकों में शामिल होना अच्छा हो सकता है। लेकिन अगर वे खुद अपनी गलतियों को स्वीकार न करें, तो यह पूरी तरह से भ्रामक होगा।
 
😒 ये तो बैठकों में भाग लेने की क्या समस्या है? शशि थरूर जी को लगता है कि ये बहुत बड़ी बात है, मुझे नहीं। पार्टी नेतृत्व से संपर्क करना एक अच्छा विचार है, लेकिन खुद स्पष्ट करने को तैयार नहीं होना... यह तो भ्रष्टाचार का संकेत देता है 🤑

क्यों ना उन्हें बस अपनी नीतियों पर बोल देना चाहिए? क्यों ना खुद को इस मामले में शामिल कर लें और पार्टी की दूरदर्शिता को बताएं? यह सब बहुत ही अस्पष्ट है... 😕
 
बताता है कि कांग्रेस में ऐसी बहुत बड़ी समस्या आ गई है, जिसके बारे में नेतृत्व अपना बयान नहीं दे पा रहा है। शशि थरूर का बयान सुनकर लगता है कि पार्टी में कुछ गहरे दरिया खोए हुए हैं। अगर ऐसी बैठकों में शामिल न होने पर खुद स्पष्ट करने को तैयार नहीं हैं, तो इसका मतलब यह है कि उन्हें अपनी पार्टी की गहराई समझने की जरूरत है। यह भी कहना चाहिए कि अगर ऐसी समस्या है, तो इससे पहले कि नेतृत्व खुद स्पष्ट करे, उसे अपने साथियों के संपर्क में आना चाहिए और उन्हें इस बारे में समझाना चाहिए कि कैसे समस्या हल हो सकती है।
 
मैं समझता हूँ कि ऐसा बयान देना बहुत मुश्किल होगा, लेकिन जैसे ही शशि थरूर ने ऐसा कहा है, तो हमें उनकी बात सुननी चाहिए।
उनके कहने को समझने पर, यह पार्टी में कुछ गड़बड़ी हो सकती है और शायद कुछ नेताओं को अपना स्थान खोने का डर होगा। लेकिन एक बार फिर से एकजुट होकर, सबको यह स्पष्ट करना चाहिए कि हमारी पार्टी में मिलकर काम करने का निश्चय है।
हम सभी जानते हैं कि पार्टी नेतृत्व से जुड़े लोग बहुत मुश्किल स्थितियों में भी खड़े रहते हैं, इसलिए इस बात पर विश्वास करना चाहिए कि सबकुछ ठीक हो जाएगा।
 
Back
Top