आतंकी डॉ. आदिल की वॉट्सएप चैट सामने आई: अस्पताल प्रबंधन के सामने गिड़गिड़ाया, विस्फोटक के लिए सैलरी से ₹8 लाख दिए - Faridabad News

दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद ने अपने अस्पताल के अधिकारियों से सैलरी देने की बात कही थी। इसके बाद उनकी वॉट्सएप चैट सामने आई है, जिसमें वह अस्पताल प्रबंधन से अपनी सैलरी मांग रहा था।

उसने 2024 में GMC अनंतनाग से इस्तीफा देकर दिल्ली आया था। उसकी पत्नी रुकैया भी मनोचिकित्सक है। इसके बाद वह लगातार सहारनपुर में रहे।

डॉ. आदिल की सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल के अधिकारी के साथ वॉट्सएप चैट। डॉ. आदिल ने कहा है कि सैलरी जल्द से जल्द मिल जाए, पैसे चाहिए।

इस बीच अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले जाने के बाद निशानदेही कराई गई।
 
मैं तो यह तो बहुत ही अजीब है डॉक्टर डॉ. आदिल की, अस्पताल में वहीं सैलरी लेना चाहते थे। तो फिर व्हाट्सएप पर चैट कर रहे थे अस्पताल प्रबंधन से, जैसे कि उनका काम है ना। मैंने पढ़ा की डॉ. आदिल 2024 में GMC अनंतनाग छोड़ दिया था, लेकिन फिर वह तो सहारनपुर चला गये। अब मुझे लगता है कि व्हाट्सएप पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से भी सैलरी मांग रहे थे, तो मेरे दिमाग में सवाल आ रहा है कि वह क्यों ऐसा कर रहे थे।
 
अगर डॉक्टर को भी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना पड़ रहा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने स्वास्थ्य व्यवसायिको में कुछ गलत है 🤔

जल्दी से जल्दी सरकार और अस्पतालों पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामले न हों जिनमें डॉक्टर अपने व्यवसायिको को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ रहे हों

आजकल भारतीय अस्पतालों में डॉक्टरों का चयन करना बहुत जरूरी है, और उन्हें अच्छे शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले लोग चुनने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं न हों
 
अगर यह सच है तो डॉ. आदिल का इंस्टाग्राम पर क्या हुआ? मुझे लगता है कि उन्हें अपने खिलाफ सबूतों की आवश्यकता नहीं होती। सरकार को देखने से भी यह बात नहीं आ सकती थी। इसके अलावा, अस्पताल अधिकारियों से उनकी पैसे मांगने की बात तो बहुत अजीब है। अगर वास्तव में उन्हें चूका लग रहा है तो उन्हें अपने अपराध के लिए दंडित करना चाहिए न कि पैसे मांगना।
 
मुझे ऐसा लगता है कि यह बात बहुत अजीब लग रही है... एक डॉक्टर जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था, वह अपने अस्पताल से तो सैलरी लेता है, और फिर वॉट्सएप पर उसकी पत्नी को भी सैलरी मांगता है! यह तो कितना अजीब है...
 
आज फिर भी ऐसा हुआ, जिस पर सोचना पड़े। डॉक्टर आदिल ने अस्पताल से तालमेल नहीं बनाया, और अब यह सामने आया है कि वह आतंकवादी संगठन में शामिल थे। मैं समझती हूँ कि पैसे की मांग करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए सही तरीके से काम करना भी जरूरी है। अस्पताल के अधिकारियों से उनकी बातें अच्छी-खासी नहीं लग रही थीं। अब यह सब जानने पर मुझे लगता है कि डॉक्टर आदिल ने अपने फैसलों में गलती की। 🤔
 
मैंने पढ़ा है डॉ. आदिल अहमद सैलरी मांग रहे थे। मुझे लगा कि वे अस्पताल के अधिकारियों से अच्छे अनुबंध पर चले गए तो फिर क्या? मैंने पढ़ा है वे 2024 में GMC अनंतनाग से इस्तीफा देकर अपनी जिंदगी बदल गईं। लेकिन अब जब उनकी पत्नी रुकैया मनोचिकित्सक है, तो मुझे लगता है कि डॉ. आदिल ने अच्छा फैसला लिया।
 
आज कल सबको पता चल गया है कि अस्पताल में डॉक्टर भी आतंकवादी हो सकते हैं 🤯! डॉ. आदिल अहमद जैसे लोगों ने अपने जीवन में क्यों ऐसा चुनाव किया? 2024 में GMC अनंतनाग से इस्तीफा देकर उन्होंने अपने जीवन को बदलते हुए देखा, लेकिन फिर सहारनपुर में लगातार रहकर क्या अच्छा हुआ? उनकी पत्नी रुकैया भी मनोचिकित्सक है, तो उन्होंने कैसे अपने पति की इस गंदगी में पड़ गई?

आज कल ये सब सामने आया है और सबको यह जानना होगा कि डॉ. आदिल अहमद कौन थे और उन्होंने अपने जीवन में ऐसा चुनाव क्यों किया? 🤔 इसके अलावा, डॉ. आदिल की अस्पताल प्रबंधन से बातचीत, वॉट्सएप पर हुई, तो यह तो पता चल गया है कि वह अपनी सैलरी मांग रहे थे।

लेकिन इतनी जानकारी लेकर और सबको डराने के लिए, हमें पूछना चाहिए कि आतंकवाद क्यों बनता है? क्या यह एक छोटे से अस्पताल में होने वाली गंदगी है, या फिर कुछ और? 🤷‍♂️
 
अगर अस्पताल अधिकारी भाई सैलरी नहीं देते तो डॉक्टर पापा क्यों रुक जाते? 🤷‍♂️ सबसे पहले सुरक्षा है, फिर वेतन 🚑💸 मैं समझता हूँ, अस्पताल में भारी काम होता है, लेकिन पैसे चाहिए तो कम नहीं 💰 और स्टाफ को सही मुआवज़ा देना चाहिए, नहीं तो वे किस तरह फिर से आतंकी बन जाएंगे? 🚫👮‍♂️
 
आज बहुत दिलचस्प ख़बार है 🤔 यह डॉक्टर आदिल का ख़याल है कि उसकी सैलरी जल्द में आए, लेकिन वह नहीं जानता कि कैसे करेगा। उसकी पत्नी भी मनोचिकित्सक है, और दोनों को लगता है कि उनकी जिंदगी में सब कुछ सही नहीं है।

मुझे लगता है कि डॉक्टर आदिल ने इस्तीफा देने से पहले अच्छी तरह सोचा नहीं था, और अब वह अपने फैसले को बदलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि सब कुछ जल्द से जल्द साफ होना चाहिए, और डॉक्टर आदिल को अपने जीवन को फिर से बनाना होगा।

मैं इस बात पर थोड़ा शक करता हूँ कि डॉक्टर आदिल ने अपनी सैलरी मांगने के लिए वॉट्सएप चैट कराया, और यह भी एक अच्छा सवाल है कि वह अपने अस्पताल से इतनी जल्दी चले गए थे।
 
जीवन में भी ऐसे ही दोहरे मुंह आते हैं क्या? एक तरफ डॉक्टर को अपने अस्पताल से पद छोड़ना पड़ा और फिर वही व्यक्ति अपने सहकर्मियों से पैसे मांगने लगता है। यह भूलबूलah hai, लेकिन जीवन में हमेशा कुछ ऐसा होता है जो हमें सीखने को मिलता है।

जिस डॉक्टर ने अपनी पत्नी को मनोचिकित्सक बनाने का फैसला किया, वही व्यक्ति अब अपने सहकर्मियों से पैसे मांगने की बात करता है। यह एक बड़ा सीख है कि हमारे हर कदम पर हमें नैतिकता और ईमानदारी का रास्ता चुनना होता है।

क्या हमें कभी भी अपने लक्ष्यों को दूर से देखने की जरूरत है? डॉक्टर को ऐसी स्थिति में पहुंचने की जरूरत नहीं थी, अगर वह नैतिकता और ईमानदारी के माध्यम से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लेता।
 
अरे, यह तो बहुत ही बड़ी बात है! डॉ. आदिल को पता होना चाहिए कि अस्पताल में काम करने वाले लोगों के पास भी परिवार चलाने की जिम्मेदारी होती है। वह सहारनपुर की फेमस मेडिकेयर अस्पताल में कैसे शामिल हो गए और अब इतनी बड़ी समस्या आ गई? यह तो बहुत ही शर्मनाक है 🤦‍♂️

लेकिन, फिर भी डॉ. आदिल की बात समझनी चाहिए। वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे चाहता है। यह तो एक बड़ी समस्या है, लेकिन इसका समाधान निकालना भी बहुत जरूरी है 💡
 
साले हम सभी तो एक ही में नहीं रह सकते। कभी डॉक्टर तो अपने अस्पताल से इस्तीफा देते हैं और फिर दिल्ली आयेंगे, तो कुछ लोग तो अपने अस्पताल प्रबंधन से वॉट्सएप पर बातचीत कर के पैसे मांगने लगते हैं। यह जीवन में एक बड़ा सबक है कि अपना असली लक्ष्य क्या है। डॉक्टर ने अस्पताल छोड़ दिया था ताकि वे दिल्ली आयें और फिर वॉट्सएप पर पैसे मांगने लगे। यह हमेशा से ही एक सवाल रहा है कि हमारा लक्ष्य क्या है।
 
अस्पताल की नौकरियों पर इतना ध्यान देने का मौका नहीं मिलता, जबकि अस्पताल से जुड़े व्यक्तियों की पैसों की गिनती हो रही है 🤑। दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद ने अपनी सैलरी की बात कही, लेकिन इससे हमारा अस्पताल प्रबंधन से पैसों की चर्चा करने वाले व्यक्तियों को नहीं रोका जा सकता 🙄

इसके अलावा, डॉ. आदिल ने अपनी पत्नी रुकैया के बारे में भी सोचा होगा, वह मनोचिकित्सक हैं और उनका काम भी अस्पताल से जुड़ा हुआ हो सकता है 💊। लेकिन इतने व्यक्तियों पर इतना ध्यान देने से पार्टी या नेताओं के नाम छुपने का मौका भी मिलता है 🤥
 
डॉक्टर आदिल तो वाकई सुर्खियों में रहकर रहते हैं 🤣 अस्पताल के अधिकारियों से भी अपनी सैलरी मांगते हुए वॉट्सएप चैट देखना बहुत मजेदार लगा . लेकिन यह तो हमेशा की तरह सुर्खिएं बनाए रखने का तरीका है ना, डॉक्टर जी, अस्पताल की नौकरी छोड़कर भी वॉट्सएप पर पैसे मांगते हैं . ऐसे लोगों को फंसाने से तो हमें बहुत मजा लगता है , लेकिन सच्चाई यह है कि डॉक्टर जी ने अपनी गलतियों से सबक लेना चाहिए और अपने करियर को सही दिशा में ले चलना चाहिए .
 
अगर दिल्ली ब्लास्ट की तेजी से बढ़ रही है तो हमें सोचना चाहिए कि आतंकवादियों को हराने में हमारी सफलता क्या है? यह जानकारी डॉक्टर आदिल की वॉट्सएप चैट से निकली है, जो अपने अस्पताल के अधिकारियों से सैलरी मांग रहे थे। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह डॉक्टर आतंकवाद के लिए मॉड्यूल में शामिल थे।
 
बात करते हैं इस डॉक्टर की, देखो वह अपने अस्पताल से 2024 में घटिया से अलग होकर दिल्ली आ गया, फिर क्यों सैलरी मांग रहा है? कोई नहीं जानता कि वाही डॉक्टर का काम कैसे करेगा। पूरा यह बात तो बहुत अजीब लग रही है।
 
अगर डॉ. आदिल अहमद को आतंकवादी मानकर जमानत देना ठीक है, तो उस पर यही काम करना चाहिए, नहीं तो इसके बारे में सारे प्रश्न उठते हैं।

उसके अस्पताल से जुड़े वॉट्सएप चैट से पता चलता है कि वह अपनी सैलरी के बारे में बात कर रहा था। तो ये सवाल उठता है कि अगर वह आतंकवादी न होता, तो उसे अस्पताल से निकालकर दिया गया होगा।

लेकिन इसके अलावा उसकी पत्नी रुकैया भी मनोचिकित्सक है, और वह लगातार सहारनपुर में रह रहा था। तो क्या यह भी आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है?

यह सब सवाल उठने लगते हैं और दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल होने के बारे में यह कहा जाता है। तो हमें अपनी समझ से आगे बढ़कर सब कुछ पता करने की जरूरत है, न कि किसी नाम से राजनीति करनी। 🤔
 
🚨 यह तो बहुत ही बड़ी चीज़ है डॉ. आदिल अहमद से... अगर हमारे देश में आतंकवादी और मनोचिकित्सक एक ही परिवार के हैं तो यह तो बहुत ही खतरनाक है! 🤯 गुस्ताखी करना आसान है, लेकिन जिम्मेदारियों से भागना नहीं है... 🙅‍♂️ डॉक्टर ने अस्पताल के अधिकारियों से बात की तो यह एक बड़ा गड़बड़ है... शायद उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। 👨‍⚕️

मुझे लगता है कि डॉ. आदिल के खिलाफ कुछ और जांच की जरूरत है, ताकि हम यह समझ सकें कि वास्तव में क्या हुआ... 🤔 लेकिन एक बात तो साफ़ है कि यह तो बहुत ही गड़बड़ है। 😬
 
मुझे लगता है कि ये सब एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जैसे कि मेरी बचपन की कहानियों में से एक - जब लोग बड़े बड़े अस्पतालों में डॉक्टर बनकर बहुत अच्छी आय अर्जित करते, फिर भी उनकी परिवार को कुछ नहीं मिलता। आजकल तो सब कुछ बदल गया है और लोग अपने परिवार की जरूरतों को देखते हुए भी ऐसे निर्णय लेते हैं।
 
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