‘AIMIM कभी भी अपने समर्थकों और वोटरों के...’, चुनाव के बाद पार्षदों के टूटने की आशंका पर क्या ब

इस चुनाव में शिवसेना शिंदे गुट ने अपने पार्षदों को ताज होटल में ठहराया है, जिससे जनता को लगता है कि उनके नेताओं को वोट देकर उन्हें सफलता मिली थी, लेकिन अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा है कि शिवसेना शिंदे गुट को लेकर यह एक बड़ा खेल है, जिसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही हो पाएगा। उन्होंने आशंका जताई है कि शायद कोई बड़ा राजनीतिक खेल होने वाला है, जिसे हमें आगे की दिशा में नहीं देखना चाहिए।

AIMIM के नगरसेवकों के टूटने का डर होने पर वारिस पठान ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जिन उम्मीदवारों को जनता ने विश्वास के साथ वोट दिया है, वे उस भरोसे पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा है कि AIMIM अपने समर्थकों और मतदाताओं के विश्वास को कभी नहीं तोड़ेगी।

वारिस पठान ने शिवसेना शिंदे गुट को लेकर कई सवाल उठाए हैं, जिनमें से एक यह है कि आखिर उन्हें वहां क्यों रखा गया और इसके पीछे क्या कारण है। उन्होंने कहा है कि जनता ने जिन नेताओं को वोट देकर जिताया है, अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

AIMIM के नेता वारिस पठान ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार से सवाल किया है कि इन लोगों को किस कानून के आधार पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस तरह की कार्रवाई देश के लिए ठीक नहीं है।

वारिस पठान ने शिवसेना शिंदे गुट को खतरा बताने वाले जनता का कर रहे अपमान कहा है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के बयान देकर वे जनता का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से वोट देकर उनकी पार्टी को सफल बनाया है। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर उनकी पार्टी से किस तरह का खतरा है, जबकि उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर चुनाव जीता है।

वारिस पठान ने कहा है कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र, बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है।
 
शिवसेना शिंदे गुट का यह खेल देखकर लगता है कि भारतीय जनता का निराश अवस्था में है। लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने वोट दिया तो सफल होते, फिर फिर वही लोग अब मेयर की कुर्सी पाने के लिए भी चालू हो गए हैं। यह देखकर लगता है कि शिवसेना शिंदे गुट ने जनता से बहुत बड़ा झूठ बोला था। 🤥

लेकिन AIMIM के वारिस पठान की बात सुनकर अच्छी लगी। उन्होंने कहा है कि यह एक बड़ा खेल है, जिसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही हो पाएगा। और वह सही कह रहे हैं कि शायद कोई बड़ा राजनीतिक खेल होने वाला है। 🤔

लेकिन जब AIMIM ने सवाल उठाए तो लगता है कि यह सच में एक खतरनाक स्थिति बन गई है। शिवसेना शिंदे गुट को लेकर कई सवाल उठाए गए, जैसे कि आखिर उन्हें वहां क्यों रखा गया और इसके पीछे क्या कारण है। ये सवाल उठाना जरूरी है ताकि जनता को पता चल सके कि यह चाल राजनीतिक खेल से नहीं बनी हुई। 🚨
 
ये तो दिखता है कि शिवसेना शिंदे गुट मेयर चुनाव में बहुत बड़ा जोखिम ले रही है, और यह एक बड़ा सवाल है कि उनके पास ऐसा खतरा क्यों है। क्या वहीं लोगों ने वोट देकर उन्हें सफलता दिलानी थी, तो अब इतना खतरा नहीं लेना चाहिए। मेरा सोचता हूँ कि अगर आम आदमी जानता है कि उनका वोट कहां और कैसे गया, तो वह हमेशा अपने अधिकारों का उपयोग कर सकता है। 🤔

मुझे लगता है कि AIMIM के नेताओं ने बिल्कुल सही सोचा है कि जनता के विश्वास पर भरोसा करना बहुत जरूरी है, और यह कभी नहीं टूटना चाहिए। और शिवसेना शिंदे गुट को लेकर अगर लोगों ने ऐसा बयान दिया, तो मुझे लगता है कि वे जनता से अपने अपमान करने का खेल कर रहे हैं। 🙅‍♂️

क्या हमें इस तरह की राजनीति पर ध्यान न देना चाहिए? या क्या हमें यह सवाल उठना चाहिए कि ऐसा खतरा कैसे बनाया गया है? मुझे लगता है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें बोलना चाहिए, और हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि वे कौन से लोग हैं और उनके पास ऐसा खतरा कैसे है। 🗣️
 
ये देखो चाचा 🤯, शिवसेना शिंदे गुट को इतना भारी समर्थन मिला है कि अब जनता उन्हें वोटों से सफलता दिलाने की तरह तैयार है। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या उनके पास वास्तविक समर्थन नहीं है, या फिर वह जनता को ठुकराकर अपने हितों की बात कर रहे हैं। 🤔

AIMIM के नेता वारिस पठान जी की बात सुनकर लगता है कि शायद कोई बड़ा खेल चल रहा है, जो हमें आगे नहीं देखना चाहिए। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या हमें उनकी बात माननी चाहिए या नहीं। मुझे लगता है कि हमें अपनी स्वतंत्रता और सम्मान को बचाए रखना चाहिए। 🙏

और तो और, अगर AIMIM के नेताओं को यह भारी समर्थन मिलता है, तो फिर क्या होता है? क्या हमें उन्हें वोटों से सफलता दिलाने की तरह विश्वास करना चाहिए, या फिर उनकी पार्टी और उसके नेताओं को जवाबदेह ठहराने की जरूरत है? यह सवाल हमें विचार करना चाहिए। 🤝
 
मैंने देखा है कि शिवसेना शिंदे गुट अपने पार्षदों को ताज होटल में ठहराया है, जैसे अगर वहां उन्हें कुछ नहीं मिल रहा था। यह सोचते हैं कि अगर जनता ने उनकी पार्टी को सफलता दी है, तो वहीं पर उन्हें विश्वास के साथ छोड़ दिया जाएगा। लेकिन वारिस पठान जी ने बोला है कि यह एक बड़ा खेल है और मेयर चुने जाने के बाद ही इसका खुलासा होगा।

मुझे लगता है कि AIMIM के नेता वारिस पठान साहब बहुत सही बोल रहे हैं। अगर जनता ने कोई नेता विश्वास के साथ चुना था, तो वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नहीं होना चाहिए।

मैंने पहले ही कहा है कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र, बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है।
 
ये तो बस एक नई पैदा हुई खिलवाड़ है! 🤯 शिवसेना शिंदे गुट को लेकर वारिस पठान जी ने बोला है, यह तो दिखाई देता है कि उनकी पार्टी में जमीनी स्तर पर सतत समाजवादी मुद्दों को स्थापित करने की इच्छा नहीं है।

मुझे लगता है कि योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने इन लोगों को गिरफ्तार करने के पीछे एक बड़ा मुद्दा छुपाया है। शायद वे अपने समर्थकों को डराने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

आज की राजनीति में यह तो स्वाभाविक है कि जब कोई नेता सत्ता पर पहुंचता है, तो वह अपने पूर्व अनुयायियों को धमकाने लगते हैं। लेकिन जनता तो ऐसी बातें नहीं मानती, और हमें भी ऐसा होने देना चाहिए नहीं।

आपकी राय तो? 🤔
 
🙄 ये तो दिखाई देने वाला खेल है, लेकिन क्या वास्तव में उनकी पार्टी से कोई खतरा है? 🤔 इन लोगों ने जनता का भरोसा तोड़कर मेयर की कुर्सी पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, यह तो कोई नया खेल नहीं है। 👎

मुझे लगता है कि वारिस पठान की बात सुनने लायक है, लेकिन कुछ लोगों ने इसका मजाक उड़ा दिया है। 😒 ये तो AIMIM के समर्थकों के लिए ही सही बयान हो सकता है, न कि जनता के लिए। 🤷‍♂️

लेकिन सच्चाई यह है कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ये लोग जनता के विश्वास को तोड़ने का एकमात्र तरीका हैं, न कि शिवसेना शिंदे गुट। 🚫

आजकल राजनीति में इतनी हेराफेरी हो गई है कि हमें सिर्फ अपने दंगों को देखने लगता है, लेकिन क्या वास्तव में हमारे देश की भविष्यवाणी कर सकते हैं? 🤔
 
मेरे दोस्त, इस चुनाव में शिवसेना शिंदे गुट की जड़ी-बूटियाँ बहुत ही दिलचस्प हैं। 🤔 उन्होंने ताज होटल में अपने पार्षदों को ठहराया है, जैसे कि वे वोट देकर सफल हुए थे, लेकिन अब वहीं से मेयर की कुर्सी लेने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह बहुत ही दिलचस्प है! 😮

मुझे लगता है कि AIMIM के नेता वारिस पठान बिल्कुल सही कह रहे हैं कि शिवसेना शिंदे गुट को लेकर यह एक बड़ा खेल है, जिसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही होगा। 🤝 उन्होंने आशंका जताई है कि शायद कोई बड़ा राजनीतिक खेल होने वाला है, जिसे हमें आगे की दिशा में नहीं देखना चाहिए।

मुझे लगता है कि AIMIM के नेता वारिस पठान ने शिवसेना शिंदे गुट पर बहुत अच्छा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जनता ने जिन नेताओं को वोट देकर जिताया है, अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह बहुत ही गहराई से कह रहे हैं! 👍

आपको पढ़ने को मिला तो क्या ऐसा लगा? 🤔
 
चुनाव की गंदगी देखकर मुझे बहुत परेशानी होती है 🤯। इस चुनाव में शिवसेना के नेताओं को ताज होटल में ठहराया गया है, जिससे जनता को लगता है कि वे वोट देकर सफल हुए हैं, लेकिन अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह बहुत अजीब लग रहा है और मुझे लगता है कि शिवसेना के नेताओं को अपने दम पर नहीं चलने दिया जाना चाहिए।

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्त वारिस पठान ने कहा है कि शिवसेना को लेकर यह एक बड़ा खेल है, और मुझे लगता है कि वह बिल्कुल सही कह रहे हैं। हमें इस चुनाव में सच्चाई और ईमानदारी को देखना चाहिए, न कि झूठ और भ्रम।

वारिस पठान के सवालों पर विचार करने से पहले हमें यह समझना चाहिए कि शिवसेना के नेताओं को क्यों ताज होटल में रखा गया और इसके पीछे क्या कारण है। यह जानने की जरूरत है कि जनता का वोट क्या मान्यता प्राप्त करता है, या फिर यह बस एक खेल है?

मुझे लगता है कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र, बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है। हमें ऐसी राजनीति से दूर रहना चाहिए और सच्चाई और ईमानदारी को बढ़ावा देना चाहिए।
 
यार फिर यह तो बहुत बड़ा खेल है! 🤔 शिवसेना शिंदे गुट को ताज होटल में ठहराना और फिर भी जनता को लगता है कि वे सफलतापूर्वक चुने गए थे। लेकिन अब जब वे मेयर की कुर्सी पाने के लिए तैयार हैं, तो यह बहुत अजीब है। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि AIMIM का राष्ट्रीय प्रवक्त वारिस पठान बिल्कुल सही कह रहे हैं। यह एक बड़ा खेल है, और हमें इसे आगे नहीं देखना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि शिवसेना शिंदे गुट को खतरा बताने वाले जनता का कर रहे अपमान बहुत बड़ा है। 🙅‍♂️

आसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र, बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है। मुझे लगता है कि हमें ऐसी पार्टियों से दूर रहना चाहिए जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। 🤝
 
अरे यह तो शिवसेना की गंदगी है 🤢, जनता ने उन्हें ताज होटल में ठहराया है, लेकिन अब वहीं से पार्टी के नेताओं को मेयर की कुर्सी पाने के लिए चलने को तैयार हैं। यह तो दिखाता है कि शिवसेना के नेता सचमुच लोगों की उम्मीदें टूटने पर ही व्यस्त रहते हैं 🤦‍♂️

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान जी को बधाई! 👏 उन्होंने शिवसेना शिंदे गुट को खतरा बताने वाले जनता का अपमान करने वालों का जवाब दिया है। और सचमुच यह सवाल उठता है कि आखिर शिवसेना की पार्टी से ऐसा खतरा क्या है, जब उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर चुनाव जीता है? 🤔

लेकिन बातचीत करने के लिए तो हमें शायद अपने देश की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा। और ऐसी ही बात, वारिस पठान जी ने कहा है कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। तो हमें ऐसी राजनीति से दूर रहना चाहिए, लेकिन यह आसान नहीं है! 😅
 
नरम मक्खी की तरह झपकती है दुनिया, लगता है हर छोटे से खेल में बड़ा खेल चल रहा है 🐜😴 चुनावों में शिवसेना शिंदे गुट को ताज होटल में ठहराने से जनता को लगता है कि वे वोट देकर सफलता प्राप्त कर रहे थे, लेकिन अब वही लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह एक बड़ा खेल है, और इसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही हो पाएगा। 🤔

मैंने अपने दोस्तों से कहा था, "कोई भी राजनीति करने वाला उसे जनता का भरोसा तोड़ने का मौका नहीं देता।" लेकिन लगता है कि शिवसेना शिंदे गुट ने जनता का भरोसा तोड़ लिया है। 🤷‍♂️

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इन लोगों को किस कानून के आधार पर गिरफ्तार किया? यह एक बहुत बड़ा सवाल है, और इसका जवाब देने से पहले उन्हें इस मामले की जांच करनी चाहिए। 🤔

नरम मक्खी की तरह झपकती है दुनिया, लगता है हर छोटे से खेल में बड़ा खेल चल रहा है, लेकिन असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र, बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है। 🚨
 
मुझे लगता है कि AIMIM के वारिस पठान जी ने बिल्कुल सही कहा है, यह ताज होटल में रखे गए शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं को मेयर चुनाव में सफलता मिलने के बाद फिर से समान लोगों को अपने पार्टी का समर्थन करने की इच्छा होनी चाहिए, तो यह एक दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे देश में राजनीति का यह दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा, मैंने सोचा कि वारिस पठान जी ने सही कहा है कि असली खतरा वह पार्टियों से है, जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। मुझे लगता है कि हमें अपने देश में एक अच्छी और स्वस्थ लोकतंत्र बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

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चुनाव में ताज होटल में ठहराया गया पार्षदों का यह कदम न तो जनता के दिल को जीतेगा, न ही उनकी स्वतंत्रता को बढ़ावा देगा। लेकिन अगर ऐसा करने वाले लोग मेयर की कुर्सी पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, तो यह उनके खिलाफ है। हमें चुनाव में जीतने वालों पर रोक लगानी चाहिए, न उन पर।
 
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