अजित पवार की आखिरी फ्लाइट के 35 मिनट, देखें VIDEO: 100 फीट ऊपर ही तिरछा हुआ प्लेन, आखिरी शब्द थे- ओह शिट...ओह शिट

जीर्ण अवस्था में उड़ते हुए 6 सीटर लियरजेट-45XR विमान, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार सवार थे, दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसकी आखिरी फ्लाइट में वहीं तिरछा हुआ और 100 फीट ऊपर उड़ते समय उनकी आखिरी बात 'ओह शिट...ओह शिट' थी।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले 6 सीटर लियरजेट-45XR विमान की दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आ गई। इसकी आखिरी फ्लाइट में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, 2 पायलट और एक फ्लाइट अटेंडेंट सवार थे।

इस दुर्घटना में वहीं तिरछा हुआ विमान 100 फीट की ऊंचाई पर उड़ते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद उसी समय से उनकी आखिरी बात सुनाई देती है, जिसमें उन्होंने 'ओह शिट...ओह शिट' के शब्द कहे, जिसका अर्थ वहीं तिरछा हुआ विमान ने पृथ्वी पर गिरते समय मानवीय जीवन को खतरे में डाल दिया।
 
मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा दुर्घटना है। जब भी कुछ ऐसा होता है, तो हमें सोच लेना चाहिए कि क्या हम इस मामले में मदद कर सकते हैं। डिप्टी सीएम अजित पवार की जान गंवाने से निराश होना समझ में आता है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि विमान की दुर्घटना के पीछे कई कारक थे। हमें इस मामले पर अधिक जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी दुर्घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए कुछ किया जाए।
 
😨 यह तो बहुत बड़ी सड़क है जो हमारे सामने लेकर आ गई है। मुझे लगता है कि इससे पहले भी कई बार ऐसी चीजें हुईं होंगी, लेकिन जब वे मीडिया में आती हैं तो हम सबको ही हैरान कर देती हैं। यह तो एक बहुत बड़ा संदेश है कि हमें अपने जीवन को और अधिक सावधानी से चलना चाहिए। 🚨 मुझे लगता है कि हमें नियमों का पालन करना चाहिए और जहां भी हमारी जिम्मेदारी होती है, वहां हमें अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 💼 यह तो एक अच्छा संदेश है कि हमें अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा करनी चाहिए और कभी भी अपनी जान को खतरे में न डालना चाहिए। 🙏
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारे इस देश की एयरलाइनों में इतनी हेरफेररी होती रहेगी। यह तो एक बड़ा विरोधाभास है। पहले तो लोग कहते हैं कि हमारी एयरलाइनें सबसे सुरक्षित हैं, लेकिन अब लगता है कि यह सुरक्षा केवल नाम है। मुझे लगता है कि हमें अपनी एयरलाइनों को सुधारने के लिए जोर देना चाहिए, नहीं तो आगे ऐसी ही दुर्घटनाएं होने लगेंगी। यह बहुत भयानक है, मेरे दिल में दुःख है 🤕
 
"जीवन में कई बार ख़मोशी में फंसना पड़ता है, लेकिन हमेशा उठना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।"
 
क्या यह दुनिया ही कितनी खतरनाक है? एक सेकंड में भी तो सब फट सकता है... विमान उड़ते समय तिरछा होना बहुत बड़ा खतरा है, और उस मिनट में अजित पवार जी की आखिरी बात सुनकर दिल दर्द होता है। शायद उन्हें यह नहीं पता था कि उनके फ्लाइट मैनेजमेंट में कुछ गलत था, लेकिन तो विमान उड़ते समय तिरछा होना ही खतरनाक बात है...
 
मैंने सुना है कि 6 सीटर लियरजेट विमान डिप्टी सीएम अजित पवार सवार था, लेकिन उनकी आखिरी बात 'ओह शिट...ओह शिट' यह तो बहुत ही गंभीर थी। मुझे लगता है कि ये विमान कितना खतरनाक था और इसकी दुर्घटनाग्रस्त होने से निकली कहानी बेहद चौंकाने वाली है। मैं सोचता हूँ कि क्या विमान की रखरखाव नहीं किया गया था और इसकी तिरछी स्थिति में जाने से पहले कुछ नियंत्रण नहीं हुआ था। यह दुर्घटना कैसे हुई, यह तो साफ नहीं है, लेकिन एक बात जरूर है कि हम सभी विमानन सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
अरे, ये ऐसी दुर्घटना कैसे हुई? 6 सीटर लियरजेट-45XR विमान इतना बड़ा नहीं होता, तो क्यों तिरछा हुआ उड़ता था? पायलट की गलती नहीं थी, फ्लाइट अटेंडेंट की भी नहीं। इसके बाद अजित पवार जी की आखिरी बात सुनने से मुझे बहुत दुःख हुआ। 'ओह शिट...ओह शिट' कहकर क्या करना था? 🤕

मैंने बताया है तो ये विमान अच्छी तरह से जांच कर लिया गया था, फिर भी ऐसी दुर्घटना हुई। इसके पीछे क्या कारण था, वह नहीं पता। मुझे लगता है कि इस दुर्घटना की जांच करने के बाद कुछ गलत दिखाई देगा। 🕵️‍♂️

कोई भी ऐसा विमान उड़ान भरने से पहले अच्छी तरह से जांच कर लेना चाहिए। अगर किसी भी समस्या है, तो उसका हल निकालना चाहिए। इस दुर्घटना को फिर से नहीं होना चाहिए। 🚫
 
वाह, यह एक बहुत बड़ा दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मैं तो सोच रहा था कि भारत में विमानन सुरक्षा पर और भी अधिक ध्यान देने की ज़रूरत है। अगर ऐसा होने पर नियंत्रण में आने की कितनी ज़रूरत है? इसके लिए हमारे पायलटों को और उनके साथी को बहुत बड़ा आभारी होना चाहिए। लेकिन अब इस दुर्घटनाग्रस्त विमान की सुरक्षा उपायों पर फिर से चर्चा करनी चाहिए ताकि ऐसा फिर कभी न हो। मैं एक बार फिर से कह रहा हूँ, हमें अपने पायलटों और उनके साथी की जान को सबसे बड़ा महत्व देना चाहिए।
 
मैंने भी कभी-कभी उड़ान भरी थी, लेकिन मेरी अनुभव मुझे बहुत छोटा और अस्थिर महसूस हुआ... मैं तो ये नहीं समझ पाया कि विमान इतना आसानी से तिरछा हो गया। इसके बाद 100 फीट ऊपर गिरने से क्या मतलब? मुझे लगता है कि उनकी आखिरी बात बहुत दुखद लगेगी, मैं वह भी ऐसा ही कहूंगा... मैं तो अभी अपने घर के चप्पल ढूंढ रहा था, नहीं तो मेरे पास क्या?
 
😱 यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है... 100 फीट की ऊंचाई पर तिरछा हुआ विमान गिरने से इतने लोगों की जान जा सकती थी। क्या यह ऐसी सुरक्षा प्रणाली थी जो इस तरह की दुर्घटना को रोक नहीं पाई? 🤔 मुझे लगता है कि ये एक बड़ा शिकार है और इसके लिए कड़ी जांच-जांalgाह करानी चाहिए। 💥
 
नहीं, यह तो और भी गंभीर है... 6 सीटर लियरजेट विमान में इतने बड़े मंत्री सवार थे, फिर भी ऐसा हुआ। क्या ये खुद की दुर्घटना करवाने की कोशिश थी, या फिर कुछ और है? उनकी आखिरी बात सुनने पर तो लगता है कि विमान ने पहले ही गिरने का इशारा दिया था।
 
क्या यही नहीं था, 6 सीटर लियरजेट विमान में सभी सवार हुए तो फिर तिरछा हुआ उड़ता और 100 फीट ऊपर उड़ते समय 'ओह शिट' का भाई, निकलता! 🤣🛫️ क्या यही नहीं था, विमान टूट गया तो डिप्टी सीएम जी को भी टूट जाता कि चेहरा 😂 और फिर वहीं तिरछा हुआ उड़ते समय मानवीय जीवन को खतरे में डाल देता... अरे वाह! 🚨
 
अरे, यह बहुत बड़ी दुर्घटना हुई, जिसमें कई लोगों की जान गई। मुझे लगता है कि ऐसे विमान उड़ान भरने से पहले अच्छी तरह से परीक्षण करना चाहिए था। अब यह तो दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर ऐसे विमान उड़ान भरते समय तिरछा हुआ होता, तो इसका मतलब यह है कि फ्लाइट अटेंडेंट और पायलटों ने अच्छी तरह से अपनी जिम्मेदारियों को समझा नहीं था। हमें ऐसे विमानों के बारे में सावधान रहना चाहिए, क्योंकि इनकी सुरक्षा बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
 
जीर्ण अवस्था में उड़ते हुए 6 सीटर लियरजेट-45XR विमान की दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सुनकर मेरा मन गंभीर रूप से चिंतित हुआ। इसके पीछे क्या कारण था, यह सोचा जाना जरूरी है। मुझे लगता है कि इस दुर्घटना में तेज गति से उड़ते हुए विमान को ट्रेनिंग और सुरक्षा प्रशिक्षण की कमी के कारण इस तरह की दुर्घटना हुई होगी।

इसके अलावा, अगर यह विमान अच्छी तरह से मैन्यूवर करने के लिए ट्रेनिंग नहीं मिली, तो ऐसी दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। मेरी बात ये नहीं है कि विमान के निर्माण और सुरक्षा उपायों में कमी के कारण यह हुआ, बल्कि इसमें मानवीय त्रुटि के कारण। इस तरह की दुर्घटनाओं से हमें सीखना चाहिए और भविष्य में ऐसी चीजें सुधारनी चाहिए ताकि ऐसी हानिकारक स्थितियों को रोका जा सके।
 
😱 यह दुर्घटना बहुत ही चुनौतीपूर्ण और दर्दनाक लग रही है। मेरा मन यह सोचकर घबरा गया कि वहां कौन था और वे क्या महसूस कर रहे थे। 100 फीट की ऊंचाई पर गिरते समय, जब पिलट तिरछा करने लगे, तो मेरा मन यह सोचकर डर गया कि सब कुछ सही हुआ नहीं। 'ओह शिट...ओह शिट' जैसी आखिरी बातें सुनना बहुत ही दर्दनाक है। यह दुर्घटना हमें यह याद दिलाती है कि हमारे पास विमान उड़ाने के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, और हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए।
 
वाह ओह मेरे लिए यह सुनकर बहुत दुखद लग गया 😔, क्या हुआ अजित पवार जी के साथ। विमान में तिरछा हुआ और 100 फीट ऊपर उड़ते समय उनकी आखिरी बात 'ओह शिट...ओह शिट' थी। यह भी बहुत दुखद लग रहा है। विमान में क्या गलती कर लिया गया था, इसके पीछे क्या कारण था, मुझे पता नहीं है लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। 🤕
 
शायद वे लोग चाहिए थे कि उनकी आखिरी बात 'ओह ईश्वर' हो तो... 😐

विमान उड़ान भरते समय भी ऐसा ही जोखिम उठाते हैं और जब दुर्घटना होती है तो फिर क्या कहना? 🤔
 
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