अजित पवार की हिमांतहीन घटना के बाद भतीजे रोहित ने एक ऐसा बयान दिया है जो लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है। उन्होंने अपने दादाजी अजित पवार को मौत के शिकार होने पर यह कहकर त्रासदा की गहराई तक छुआ है कि वे 'दादा, आपसे मुझे आपसे शिकायत थी'। इसके साथ, उन्होंने अपने भावुक होते हुए बयान में दो शब्दों से कहा है कि जब किस्मत आपको लेने बेवक्त आ गई, तो आप उसे डांट कर क्यों नहीं भगा दिया।
रोहित ने आगे बताया कि उनके दादाजी अस्थियों को इकट्ठा करते समय ऐसा लग रहा था कि वे अभी खड़े होंगे और हमसे कहेंगे कि मैं तो तुम्हारी परीक्षा ले रहा था। यह बयान सुनकर रोहित के भावुक होने की कोई शक नहीं है, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने ऐसा कहकर अपने दादाजी को शांति और अंतिम सम्मान देने का प्रयास करना चाहते हैं या फिर यह उनकी गुस्सा और भावनाओं का परिचायक है।
रोहित ने आगे बताया कि उनके दादाजी अस्थियों को इकट्ठा करते समय ऐसा लग रहा था कि वे अभी खड़े होंगे और हमसे कहेंगे कि मैं तो तुम्हारी परीक्षा ले रहा था। यह बयान सुनकर रोहित के भावुक होने की कोई शक नहीं है, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने ऐसा कहकर अपने दादाजी को शांति और अंतिम सम्मान देने का प्रयास करना चाहते हैं या फिर यह उनकी गुस्सा और भावनाओं का परिचायक है।