अजित पवार विमान दुर्घटना के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तेजी से कदम उठाए गए हैं। एक ओर भारतीय वायुसेना ने मौके पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और मौसम सेवाओं के लिए विशेष टीम तैनात की है, वहीं दूसरी ओर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
हादसे के समय हवाईअड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और मौसम सेवाएं संचालित नहीं थीं। यह सवाल अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
इस विमान दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई।
बारामती हवाईअड्डा अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड की श्रेणी में आता है। यहां कोई इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम मौजूद नहीं है, जो खराब मौसम या कम दृश्यता में पायलट को सटीक मार्गदर्शन देता है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
इस विमान दुर्घटना में पायलट और एटीसी के बीच हुए संवाद को भी सुना गया।
खराब दृश्यता और मौसम की भूमिका को लेकर भी पड़ताल हुई।
सुरक्षित उड़ान गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल दी जा रही है।
हादसे के समय हवाईअड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और मौसम सेवाएं संचालित नहीं थीं। यह सवाल अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
इस विमान दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई।
बारामती हवाईअड्डा अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड की श्रेणी में आता है। यहां कोई इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम मौजूद नहीं है, जो खराब मौसम या कम दृश्यता में पायलट को सटीक मार्गदर्शन देता है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
इस विमान दुर्घटना में पायलट और एटीसी के बीच हुए संवाद को भी सुना गया।
खराब दृश्यता और मौसम की भूमिका को लेकर भी पड़ताल हुई।
सुरक्षित उड़ान गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल दी जा रही है।