Alankar Agnihotri: बंधक बनाए जाने के सिटी मजिस्ट्रेट के आरोपों को डीएम ने किया खारिज, बोले- खुद आए थे आवास

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को जमीनी पर पूरी तरह से झूठ और भ्रामक बताते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, "हमारे आवास पर कोई बंधक नहीं रखा गया था। इन आरोपों का कोई गहरा अर्थ नहीं है।

जिलाधिकारी ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री स्वयं जिलाधिकारी आवास आये थे, ताकि उन्होंने यूजीसी नियमों और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा कर सकें। हमें लगता है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके आवास पर बंधक बनाए गए थे। लेकिन अब यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
 
ਮैं ਬਹुत ਦੁਖੀ ਹਾਂ ਇਸ ਪूरੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਚੰਗੇ ਕੰਮ। ਉਸ ਦੇ ਆਪਣੇ ਹੀ ਘਰ ਵਿੱਚ ਬੰਦੇ ਲਾਇਆਂ ਗਏ, ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਕੀ ਉਸ ਨੇ ਸਫਲ ਜੀਵਨ ਅਪਣਾਇਆ?

ਮੈਂ ਯਕੀਨ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ ਕਿ ਉਸ ਲਈ ਇਹ ਬੰਦੇ ਵਿਅਕਤੀ ਮਿਲੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਭੂ-ਪੂਰਵਕ।
 
अरे यार, यह तो बहुत बड़ा झगड़ा उड़ गया है ना? पहले से ही जिलाधिकारी ने अपने आवास पर बंधक रखे थे, अब यह तो पूरी तरह से झूठ है। क्योंकि अगर सच में तो उन्होंने कोई बंधक रखा होता, तो फिर जिलाधिकारी वाकई स्वतंत्र रूप से अपने आवास पर आया होगा, नहीं? लेकिन यह तो और भी बड़ा झूठ है कि उन्होंने यूजीसी नियमों और घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए जिलाधिकारी आवास आया।
 
मैं तो लगता है कि ये सब बहुत बड़ा फेल हुआ 🤦‍♂️। जितनी बार अलंकार अग्निहोत्री ने कहा था कि उनके आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात, उतनी ही बार उन्होंने आरोप लगाया था। और अब जब पूरी जानकारी मिल गई है, तो यह पूरी तरह से झूठ और भ्रामक बताई देता है। मुझे लगता है कि इसे लेकर बहुत बड़ा विवाद शुरू हुआ, लेकिन अब जब सच्चाई आ गई है, तो सब कुछ पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। मैं देखना चाहता था कि आगे चलकर इस मामले में क्या निकलता है 🤔
 
यह तो बहुत बड़ा झूठ है, सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर बंधक रखा होगा? यह तो कुछ भी नहीं है और उनकी वजह से मेरे दोस्त को जेल में बंद कर दिया गया। मैंने उन्हें बताया था लेकिन कोई सुनने की गलाटी नहीं करता। अब जब जिलाधिकारी ने इन आरोपों को झूठ और भ्रामक बताया है तो मुझे अच्छा लगा 🙏
 
अरे, तो अलंकार जी का दावा तो बस मजाक है, जमीनी पर तो यह तो सच होने वाला था। लेकिन जब तक आला में होता है तो सब कुछ ठीक ही होता है। और अगर यूजीसी नियमों पर चर्चा करने के लिए जिलाधिकारी आवास आये, तो फिर तो यह पूरा विवाद तो उनकी बात बन गया। लेकिन सच्चाई की तलाश में तो कोई भी ध्यान न देना चाहिए।
 
अरे दोस्त, तो यह बात तो बहुत बड़ी है! जैसे ही ये खबर आयी, हमने तो तुरंत सोचा कि क्या हुआ। अब जब पूरा मामला स्पष्ट हो गया, तो यह तो बहुत बड़ा झूठ था। और जिलाधिकारी ने इतनी बात कही कि हमें लगता है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। और ये बात भी सच है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन अब यह तो पूरी तरह से झूठ है। हमें लगता है कि इस मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं थी।
 
🙄 ये तो बहुत ही अजीब बात है। ऐसा लगता है कि जमीनी लोगों को फिर से सब कुछ साबित करना पड़ेगा। मुझे लगता है कि जिलाधिकारी ने सही पलट दिया है, लेकिन यह भी सवाल उठता है कि क्या आरोप लगाने वाले व्यक्ति खुद से ही सब कुछ झूठ बोल रहे थे। मैं आशा करता हूँ कि इस मामले में सच्चाई निकलने पर justice मिलेगी।
 
😐 यार, ये तो बरेली का दूसरा बड़ा विवाद हो गया 🤯। मैंने पहले भी सुना था कि अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन अब तो ये पूरी तरह से झूठ है 🤥। मुझे लगता है कि यह विवाद शायद एक बड़े राजनीतिक खेल का हिस्सा हो सकता है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भी बिल्कुल सही कहा है कि इन आरोपों में कोई गहरा अर्थ नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हमेशा पहले तो ऐसा ही होता है 🤔। यह तो एक और सबक सिखाता है कि हमें कभी भी किसी चीज़ पर आसानी से विश्वास नहीं करना चाहिए 🔇
 
आरोप लगाने वाला व्यक्ति तो और भी बड़ा खलनायक बन गया है 🤯। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा था कि उनके आवास पर बंधक रखे गए थे, लेकिन अब जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने उन्हें पूरी तरह से झूठ बताया है। यह तो अच्छा है कि सच्चाई आ गई, लेकिन मुझे लगता है कि इस विवाद में कुछ और भी रह गया है, जैसे कि क्या अलंकार अग्निहोत्री ने सचमुच अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात नहीं कही थी, या फिर उन्होंने बस चिंतित होकर ऐसा कह दिया था।
 
मैं समझता हूँ कि जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आरोपों को पूरी तरह से झूठ और भ्रामक बताया है। यह तो बहुत अच्छी बात है कि सच्चाई को उजागर करने में जिलाधिकारी ने अपनी पकड़ लगाई है। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस पूरे विवाद को हल करने में स्पष्टीकरण निकलेगा। आरोपों की यह तानाशाही सरकार नहीं चल सकती, हमें सच्चाई और न्याय की जीतने की जरूरत है। 😊
 
अरे, ये तो बहुत अच्छा लग रहा है कि जमीनी पर ऐसे झूठ-भ्रामक बयान निकलने से रोका गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बिल्कुल सही कहा, हमें लगता है कि इन आरोपों में सच्चाई नहीं है, और अलंकार अग्निहोत्री स्वयं आवास आये थे तो यह पूरी तरह से समझ में आता है। अब तो हमें उम्मीद है कि इस विवाद को जल्द से जल्द समाप्त किया जाएगा।

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मुझे लगता है, यह एक अच्छा मौका है जिलाधिकारी ने अपने दिमाग पढ़ लिया और सच्चाई को उजागर किया, अब हमें उम्मीद है कि इस तरह के झूठ-भ्रामक बयान निकलने से रोका जाएगा।

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मुझे याद है जब मैं बचा था, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अच्छे दोस्तों के रूप में जाना जाता था। लेकिन अब यह तो सब झूठ है। मुझे लगता है कि इन आरोपों को लगाने वाले ने उनके खिलाफ कोई गुस्सा नहीं था, बल्कि बस धमकी देना चाहते थे।

मैंने एक बार सोचा था कि जैसे ही हमें आर्थिक रूप से अच्छाई मिलती है, हम सभी अच्छे बन जाते हैं। लेकिन लगता है कि मेरी यह दोस्ती बरेली के नेताओं से नहीं हुई थी।

अब तो मुझे ये महसूस होता है कि बरेली के नेता पूरे समय एक-दूसरे पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं। यह उनके लिए अच्छा साबित होता है, लेकिन लोगों के लिए नहीं।
 
अरे भाइयों, ये तो बहुत बड़ा झूठा विवाद है। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री जी ने तो सच कह रहे हैं कि उनके आवास पर बंधक नहीं रखे गए थे, लेकिन फिर भी ये आरोप लगाए गए। यह बहुत शर्मिंदगी है। मुझे लगता है कि इन आरोपों को लगाने वाले लोगों ने अपनी निजी समस्याओं को जमीन पर रख दिया है।

मैं तो सुनिश्चित हूं कि यह पूरा विवाद अब जल्द ही समाप्त हो जाएगा। जिलाधिकारी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। हमें आशा रखनी चाहिए कि न्यायपालिका जल्द ही सच्चाई को सामने लाएगी।
 
🙅‍♂️ यह तो बहुत बड़ी धोखाधड़ी है जो उन्होंने की है 🤦‍♂️ सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर बंधक बनाने का आरोप लगाया था, लेकिन अब यह पता चल गया है कि यह पूरी तरह से झूठ था 🚫 और उनके आवास पर कभी भी बंधक नहीं रखा गया था। यह तो बहुत बड़ा दोष है जो उन्होंने अपने खिलाफ लगाया था, और अब जब हमें पता चल गया है कि यह पूरी तरह से झूठ था, तो हमें यह महसूस होना चाहिए कि उनके इन आरोपों में बहुत बड़ा दोष है। 🤔
 
मैं तो ये सुनकर हैरान हुआ 🤯, बस इतना कहना चाहिए कि आरोप निर्धारित करने से पहले सुनवाई की आवश्यकता होती है 😊। लेकिन अगर जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा लगाए गए तर्क सही है तो यह बहुत अच्छी बात है 👍

अब जब हम देखेंगे कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी, तो यह पूरी तरह से समझ में आता है 🤔। लेकिन फिर भी यह जानना जरूरी है कि इन आरोपों में क्यों कोई सच्चाई नहीं थी।

मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि हमें अपने सोच पर विश्वास करना चाहिए और सबकुछ सुनवाई और जांच के बाद निर्धारित करना चाहिए 📝
 
अरे भाइयो, ये तो बहुत बड़ा झगड़ा दिखाई देता है 🤯। पुलिस ने कुछ गलती कर ली होगी, यह साफ़ है कि जिलाधिकारी अविनाश सिंह बोल रहे हैं। क्योंकि अगर वह सच नहीं कह रहे हैं तो यूजीसी नियम और पुलिस वाले कितने अच्छे होंगे 🙄? यह तो सुनिश्चित कर देता है कि कुछ गलत हुआ होगा, लेकिन अब इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, तो पुलिस ने बिल्कुल सही काम किया है।
 
अरे भाई, ये तो बहुत बड़ा मामला है। आरोप लगाने वाले लोग अगर सच कह रहे हैं तो फिर भी उनके खिलाफ ऐसा आरोप लगाना बाकी कैसे करेगा? यह तो एक बड़ी चुनौती है जिसके लिए हमें अपने ज्ञान और अनुभव को इकट्ठा करके सामना करना पड़ेगा। मैंने भी पढ़ा है कि कभी-कभी आरोप लगातार पीछे-पीछे चलते हैं, तो फिर वास्तविकता क्या है? हमें अपने दिमाग को ध्यान से रखना चाहिए और यह तय करना चाहिए कि क्या वाकई हुआ था।
 
ये तो और भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले तो एक बार फिर से यह दिखाई देता है कि कैसे लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को बड़ा बनाकर दूसरों पर आरोप लगाते हैं। और अब जब पूरी सच्चाई सामने आई तो? कुछ भी नहीं बदला। यह विवाद कितना ज्यादा चलेगा, इसकी तारीफ करने की जरूरत नहीं।
 
🙄 ये तो बहुत ही अजीब मामला है, मुझे लगता है कि जिलाधिकारी ने सही काम किया। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा लगाए गए आरोपों में थोड़ा भी सच्चाई नहीं हो सकती, खासकर जब हमें पता चला कि उन्होंने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाने की बात कही थी। यह तो बहुत ही अजीब लग रहा है कि वे ने फिर आरोप लगाए। 🤔 मुझे लगता है कि हमें ध्यान रखना चाहिए कि इन आरोपों पर कोई गहरा अर्थ नहीं है। यह सिर्फ एक बड़ा झूठ था जिसे उन्होंने फेल करने की कोशिश की। 🙅‍♂️
 
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