अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी में जवानों ने अपना दिखावा दिखाया। उन्होंने बाइक पर पिरामिड बनाकर और अलग-अलग स्टंट करते हुए लोगों को झूला दिया। उनके साथ ही युवक-युवतियों ने ढोल पर भांगड़ा किया, जिससे जमकर हूटिंग हुई।
इस बार ऑपरेशन सिंदूर के चलते दोनों देशों ने बॉर्डर पर न गेट खुले न मिठाई बांटी। लेकिन लोगों ने यह सुनिश्चित कर लिया कि राष्ट्रीय ध्वज ऊंचाई पर हो।
बीएसएफ के जवानों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपने जोश और अनुशासन के साथ परेड की। इससे पहले, निहंगों ने भी यहां करतब दिखाए। दर्शकों को बहुत खुशी हुई।
यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग जोश और उत्साह के साथ कार्यक्रम देखते दिखे। सूर्यास्त के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारा गया, जिसके बाद रिट्रीट सेरेमनी का समापन हुआ।
इस बार ऑपरेशन सिंदूर के चलते दोनों देशों ने बॉर्डर पर न गेट खुले न मिठाई बांटी। लेकिन लोगों ने यह सुनिश्चित कर लिया कि राष्ट्रीय ध्वज ऊंचाई पर हो।
बीएसएफ के जवानों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपने जोश और अनुशासन के साथ परेड की। इससे पहले, निहंगों ने भी यहां करतब दिखाए। दर्शकों को बहुत खुशी हुई।
यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग जोश और उत्साह के साथ कार्यक्रम देखते दिखे। सूर्यास्त के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारा गया, जिसके बाद रिट्रीट सेरेमनी का समापन हुआ।