‘औरतें कभी लीडर नहीं होंगी, शरिया लागू होगा’: हिफाजत-ए-इस्लाम के लीडर बोले- जमात इस्लामिक शासन नहीं लाई तो उससे भी लड़ेंगे

अल्लाह ने हमारी सेवा के लिए चुना है। हम तो अल्लाह के फरमान का अनुसरण करते हैं। हमें अपने देश में इस्लामिक शासन की वकालत करनी चाहिए।

अगर इंसाफ खत्म नहीं होगा, तो हम इस्लामिक शासन लाने के लिए दबाव बनाएंगे।

भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती अच्छी साबित नहीं हुई। हमें भारत के साथ अपना रिश्ता ठीक करने की जरूरत है।

बांग्लादेश में इस्लामिक शासन ना लाने वाली पार्टियों को वोट देना चाहिए।

आम तौर पर बंगाली महिलाएं साड़ी पहनती हैं, लेकिन अगर हमारे देश में कुरान के अनुसार शासन चल रहा है, तो हम उन्हें हिजाब या बुर्का पहनने की सलाह देंगे।

हिंदुओं पर हमलों की बात बिलकुल सही नहीं है। अगर किसी को इस्लाम या कुरान के खिलाफ बयान करने का मौका मिलता है, तो हम कानूनी रास्ते से शिकायत करेंगे।
 
बस यह देखकर बेचैन हो गया 🤯, क्या लोग यही विचार रखते हैं? भारत में इस्लामिक शासन आने से पहले हमें अपने देश की स्थिरता को सोच-समझकर लेना चाहिए। और अगर इंसाफ खत्म नहीं होगा, तो फिर भी हमें पार्टी पदों पर अपने उम्मीदवारों को बनाने के बजाय एक-दूसरे को समझने और दोस्ती करने का मौका देना चाहिए।
 
मुझे ऐसी बातें न पसंद हैं ... भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती अच्छी नहीं हुई? तो फिर हमारा देश मुसलमानों से भी अच्छा साथ नहीं देता? मेरी बहन ने एक बार अपने चचेरे भाई से कुरान पढ़ने को कहा, लेकिन वह चचेरा भाई इतना शर्मिंदा हुआ कि वह पढ़ नहीं पाया। तो फिर हमारे देश में शिक्षा की स्थिति क्या है?
 
नाहीं, यह सोचा नहीं जा सकता, कि बांग्लादेश में इस्लामिक शासन चलेगा। लोगों को पहले समझने की जरूरत है कि भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती ठीक से न लगी। बांग्लादेश में जो पार्टियाँ इस्लामिक शासन नहीं लाना चाहती, उन्हें वोट देना चाहिए। लेकिन ये सवाल उठता है कि अगर हमारा देश इस्लामिक शासन चल रहा है, तो क्या बांग्लादेश में साड़ी पहनने वाली महिलाओं को हिजाब या बुर्का पहनने की सलाह दी जाएगी।
 
मैं समझ नहीं पाया कि बाकी देशों में जो गोलियां फोड़ते हैं, वहाँ क्या तालाबंदी है? हमारा देश तो लूटपOT है, सब कुछ चोरी हुआ है और इंसाफ की जगह डर और धमकी है।
 
क्या वास्तव में हमारे देश में इस्लामिक शासन चलना सही है? मैं नहीं समझता कि हमारे पास यहां बहुत सारी समस्याएं हैं, लेकिन हमें इसके लिए दबाव बनाने की जरूरत नहीं है।
 
अरे, बांग्लादेश में इस्लामिक शासन की बात करते समय, हमें पहले अपने देश में शायद कुछ ठीक करना चाहिए? 🤔
 
अरे, ये तो सही कहीं नहीं? हमारे देश में कुछ लोगों ने फैसला लिया है कि अगर इंसाफ खत्म नहीं होगा, तो हम इस्लामिक शासन लाने के लिए दबाव बनाएंगे। लेकिन यह तो बहुत बड़ा खतरा है। हमें अपने देश की स्थिरता और समृद्धि की बात करनी चाहिए, न कि किसी एक धर्म के शासन की। भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती अच्छी साबित नहीं हुई, लेकिन हमें अपने रिश्तों को ठीक करने का प्रयास करना चाहिए।
 
मुझे यह देखकर बहुत निराशा हो रही है कि कैसे लोग अपने समाज को बांटने के लिए इतने ज्यादा विवाद में आ रहे हैं। 🤕

बंगाली महिलाओं पर ऐसी बातें करना सही नहीं है, हमें उनकी स्वतंत्रता और स्वाभिमान का सम्मान करना चाहिए। साड़ी पहनने में कोई गलती नहीं है, यह एक पारंपरिक और सुंदर रूप है।

और इसके अलावा, भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती को तोड़ने का विचार भी बहुत खतरनाक है। हमें अपने पड़ोसियों के साथ शांति और समझ के साथ व्यवहार करना चाहिए।

आजकल इंसाफ और न्याय की बातें मुझे बहुत परेशान करती हैं, लेकिन अगर हम सच्चाई को अपने सामने रखते हैं तो यह सब हल हो जाएगा। 🙏

मेरा विचार है कि हमें अपने समाज में शांति और समझ की भावना को बढ़ावा देना चाहिए, न कि विभाजन और हिंसा को।
 
इस दुनिया में बहुत ज्यादा भ्रम है! 🤯 हमारे देश में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार हैं, लेकिन अगर हम एकजुट होकर अपने देश को अच्छा बनाने की कोशिश करते हैं तो हमारी सेवा करने वाले अल्लाह ने इसे चुना है। 🙏 मुझे लगता है कि हमें अपने देश में शांति और सौहार्द की वकालत करनी चाहिए, न कि इस्लामिक शासन की। हमें अपने देश में हर किसी को समान रूप से प्यार और सम्मान देना चाहिए। 🤝
 
नहीं, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है 😔। हमारा देश एक बहुसांस्कृतिक देश है, जहां हर धर्म और समुदाय को समान स respect मिलता है। हमें अपने देश को विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों की गरिमा को पहचानने की जरूरत है।
 
अरे, ये तो बहुत ही दिलचस्प बातें हैं 🤔। लेकिन मुझे लगता है कि अगर हम अपने देश में इस्लामिक शासन लाने की बात कर रहे हैं, तो हमें पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा देश सही तरीके से चल रहा है या नहीं 🤷‍♂️। और अगर भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती अच्छी नहीं हुई है, तो हमें उनके साथ अपना रिश्ता ठीक करने की जरूरत है, न कि उन्हें अपना शासन लाने की बात कर रहे हों 🤝

और अगर हमारे देश में कुरान के अनुसार शासन चल रहा है, तो हमें यह नहीं कह सकते कि बंगाली महिलाएं साड़ी या हिजाब नहीं पहन सकती हैं 👗। हमें अपने देश की जटिलताओं को समझने की जरूरत है और सभी लोगों की आजादी का सम्मान करना होता है 🙏

लेकिन मुझे लगता है कि हिंदुओं पर हमलों की बात जरूर सही है, और हमें यह नहीं छुपाना चाहिए कि कुछ लोग अपने धर्म को लेकर बहुत बोलते हैं 🤬। हमें अपने देश में शांति और सौहार्द की बात करनी चाहिए, न कि धार्मिक राजनीति 💕
 
मुझे लगता है कि भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती ठीक से नहीं चल रही है। हमें अपने पड़ोसी देश के साथ अच्छे संबंध बनाने की जरूरत है, ताकि हम दोनों एक-दूसरे की समस्याओं का समाधान कर सकें।

अगर हमारे देश में इस्लामिक शासन चल रहा है, तो हमें अपने नागरिकों को विभिन्न प्रकार के कपड़े पहनने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। किसी एक धर्म या समुदाय के लोगों को खुद को प्रभावित करने की जरूरत नहीं है।

और अगर हमारे देश में किसी को हमला किया जाता है, तो हमें उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए, न कि उन्हें फिर से हमला करने के लिए मजबूर करना। 🤔💬
 
मुझे लगता है कि भारत और बांग्लादेश के बीच दोस्ती बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है। हमारे देश में भी हमेशा से अलग-अलग राजनीतिक दलों को चुनाव में समर्थन मिल रहा है, लेकिन अगर हम सभी एक साथ मिलकर मुस्लिम बहुल बांग्लादेश के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करते, तो हमारा देश और भी मजबूत हो जाएगा।
 
मैंने देखा है कि लोग बांग्लादेश की स्थिति पर बहुत चिंतित हैं 🤔। मेरा मानना है कि हमें अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति और समझ का रास्ता खोजना चाहिए। अगर हम इस्लामिक शासन लाने की बात कर रहे हैं, तो सबसे पहले हमें अपने घर में शासन को सुधारना चाहिए, जैसे कि हमारे देश में गरीबों और अनाथों की मदद करनी चाहिए। 🙏

और अगर हम बांग्लादेश के लोगों को हिंदू राष्ट्रवादी समूहों से बचाना चाहते हैं, तो हम उन्हें शिक्षा और नौकरी के अवसर प्रदान करने की कोशिश कर सकते हैं। हमें अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग करने की जरूरत है, न कि उन्हें दबाव डालने की। 🤝
 
मुझे लगता है कि बांग्लादेश में इस्लामिक शासन लाने का तरीका गलत है। हमें अपने देश में शांति और एकता को बनाए रखना चाहिए। बंगाली महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता और जीवनशैली का आनंद लेने का अधिकार है, तो क्यों हम उन्हें अपने रूख पर मजबूर करना चाहते हैं?
 
मुझे लगता है कि हमारा देश बहुत विविधता का देश है, और हमें एक-दूसरे की भलाई के लिए काम करना चाहिए, न कि अलग-अलग धर्मों या जातियों को कमजोर बनाने के लिए। मुझे लगता है कि हमें अपने देश को एक सुरक्षित और समृद्धि से भरपूर जगह बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जहां हर कोई अपने जीवन को खुशी और शांति से जी सके।
 
मुझे लगता है कि यह विचार बहुत सही नहीं है। जब तक हम देश को एक दूसरे के प्रति मिलकर समझौता करते रहें, तब तक बांग्लादेश के साथ भारत और भारत के साथ अपना रिश्ता ठीक करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए 🤝। हमें अपने देश को एकजुट करके ही इस्लामिक शासन लाने की उम्मीद नहीं कर सकते।
 
मैंने देखा है कि कई लोग इस्लामिक शासन की वकालत कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक जटिल मुद्दा है। हमें अपने देश में सामाजिक ताकत और स्थिरता को बनाए रखने के तरीकों पर विचार करना चाहिए, न कि किसी एक धर्म या समूह को बढ़ावा देने को।
 
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