अहमदाबाद विमान हादसे में कई सवाल उठ रहे हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जड़ में इलेक्ट्रिकल फेलियर होने की संभावना है, लेकिन यह पता नहीं चल पाया कि किस तरह की तकनीकी समस्याओं ने इसका कारण बना।
अगर हम इस घटना को देखें, तो अहमदाबाद विमान हादसे में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना सिर्फ भारतीय उड्डयन परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसी कई समस्याएं दर्ज की गई हैं।
बोइंग 787 विमान एक जीवंत मशीन है जिसे हर दिन संभालने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का घाटा उठाती है। अगर ऐसी समस्याएं हैं तो यह उड्डयन नीतियों और तकनीकी विकास पर बेहद प्रभाव डाल सकती हैं।
अगर हम इस घटना को देखें, तो अहमदाबाद विमान हादसे में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना सिर्फ भारतीय उड्डयन परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसी कई समस्याएं दर्ज की गई हैं।
बोइंग 787 विमान एक जीवंत मशीन है जिसे हर दिन संभालने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का घाटा उठाती है। अगर ऐसी समस्याएं हैं तो यह उड्डयन नीतियों और तकनीकी विकास पर बेहद प्रभाव डाल सकती हैं।