अयोध्या के बाद अब यहां लगेगी राम की 77 फुट प्रतिमा, क्या है इसकी खासियत, जानें देश में भगवान की 10 सबसे ऊंची प्रतिमाएं

अयोध्या के बाद अब गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। इस स्थापना की खासियत यह है कि इसके लिए विशेष तैयारी हुई थी, जिसमें भारत के सभी राज्यों में भगवान राम की प्रतिमाओं को इकट्ठा किया गया था। इस प्रतिमा को बनाने में 1,000 से अधिक लोगों ने अपना समय और स्वार्थ चुकाया।

इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जो कांस्य धातु से बनी 77 फुट ऊंची है। इसके अलावा, गोकर्ण पर्तगाली मठ में विशेष उत्सव और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही, 24 नवंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 11 दिनों तक विशेष कार्यक्रम चलेंगे।

इस प्रतिमा की खासियत यह है कि इसके पीछे भगवान राम की कहानी और उनके अनुयायियों की भावना को दर्शाया गया है। गोकर्ण पर्तगाली मठ ने इस प्रतिमा को बनाने के लिए अपने सभी संसाधनों का उपयोग किया था, जिसमें कई राज्यों से भगवान राम की प्रतिमाएं इकट्ठी की गईं थीं।
 
गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाने की बात तो अच्छी है लेकिन देखिए, यह तयारी और स्वार्थ चुकाने वालों को कितनी ज्यादा मिल गई। ये सभी लोग कैसे सोच रहे थे कि भगवान राम की प्रतिमा पर सेंसिटिव होना पड़ेगा, लेकिन अब तो यह 77 फुट ऊंची है और यह तो कुछ भी संवेदनशील नहीं है।
 
मुझे ये पुरानी दिलचस्प है! क्या इसके बाद किसी और मठ में भी भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी, मैंने सुना है कि कई अन्य मठ भी ये करना चाहते हैं। क्या इसे ऐसा करके हम भगवान राम की पूजा और उनकी कहानी को और भी बढ़ावा देंगे। मुझे लगता है कि 11 दिनों तक चलने वाले विशेष कार्यक्रम में क्या खेलेंगे?
 
मुझे लगता है कि गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाने से न केवल हमारे देश की एकता को और भी मजबूत किया जाएगा, बल्कि यह हमारे इतिहास और संस्कृति को भी समृद्ध बनाएंगे। मुझे लगता है कि इस प्रतिमा को लगाने की पूरी प्रक्रिया में सभी राज्यों की प्रतिभा और समर्थन दिखाई देगा, जिससे हमारे देश की एकता और सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा।
 
अरे, इस बात में कोई शक नहीं है कि भारत में भगवान राम का कोई भी अवतार बनाने से पहले बहुत से लोगों को अपना समय और स्वार्थ चुकाना पड़ता है। गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी, जिसे बनाने में कई लोगों ने अपना समय और स्वार्थ चुकाया। इससे यह दिखता है कि भारत में भगवान राम की कहानी बहुत पवित्र है और इसके पीछे बहुत से लोगों की भावना को दर्शाया गया है।
 
यह तो बहुत ही रोचक बात है कि गोकर्ण पर्तगाली मठ में 77 फुट ऊंची प्रतिमा बनाने में इतनी दूरी तक स्वार्थ छोड़कर काम करने वाले लोगों ने अपना समय और संघर्ष किया। यह बताता है कि भगवान राम की कहानी और उनके अनुयायियों की भावना बहुत अधिक प्यार और सम्मान के साथ मानी जा रही है। लेकिन, मुझे लगता है कि इस प्रतिमा को देखने के बाद हमें अपनी देशभक्ति और एकता की भावना को और मजबूत बनाना चाहिए।
 
मुझे तो यह बहुत ही अच्छा लगता है कि हमारे देश में किसी भी धर्म या समुदाय के लोगों के बीच शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने वाली इस प्रतिमा को लगाने जा रहे हैं। गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा निर्माण करने में बिल्कुल भी कोई समस्या नहीं है, यह तो एक बहुत ही अच्छा संकेत है कि हमारे देश में लोगों के बीच भाईचारा और सम्मान बढ़ रहा है।
 
अयोध्या की घटना ने हमें एक बार फिर यह सिखाया है कि भावनाओं और धार्मिक विश्वासों को समझने की जरूरत है। यह प्रतिमा बनाने में जितने लोगों ने अपना समय और स्वार्थ चुकाया, उतने ही लोगों को यह याद दिलाना है कि हमारे देश में हर धर्म, समुदाय और विचारधारा का सम्मान करना जरूरी है। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल को हम सबकी ताकत में बदलना चाहिए। 🙏
 
अरे, ये तो बहुत ही रोचक बात है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा इस प्रतिमा का उद्घाटन करने से पहले विशेष तैयारी हुई थी, जिसमें भारत के सभी राज्यों से भगवान राम की प्रतिमाएं इकट्ठी की गईं थीं। यही नहीं, 1,000 से अधिक लोगों ने अपना समय और स्वार्थ चुकाया है इस प्रतिमा को बनाने में... 🙏

क्या नहीं तो ये प्रतिमा बिल्कुल भारतीय संस्कृति और परंपराओं की पहचान है। भगवान राम की कहानी और उनके अनुयायियों की भावना को दर्शाने के लिए इस प्रतिमा को बनाया गया है... 🤝

लेकिन अरे, यह सवाल उठता है कि 77 फुट ऊंची प्रतिमा कितनी उपयुक्त है? क्या इससे भगवान राम की पूजा-पाठ में कोई असर पड़ेगा? 🤔
 
अयोध्या से आगे बढ़कर गोकर्ण पर्तगाली मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। यह बहुत ही रोचक है कि इस प्रतिमा को बनाने के लिए इतने से लोगों ने अपना समय और स्वार्थ चुकाया। मुझे लगता है कि इससे भगवान राम की कहानी और उनके अनुयायियों की भावना अच्छी तरह से दर्शाई जाएगी। 🙏🎉
 
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