मुझे यह बहुत दुखद है कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं फिर से हो रही हैं। दीपू दास जैसे व्यक्ति की हत्या कर मामले से तो हम समझ सकते हैं लेकिन फिर भी जब पुलिस और अधिकारियों से नहीं कुछ किया जाता, तो यहां पर खून बहने लगा है। यह देखकर मुझे लगता है कि अगर हम सब मिलकर एक साथ आ सकते हैं तो फिर भी इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। लेकिन फिर भी, जब तक हमारे पास नौकरी और पैसा नहीं है, तो खून बहने में कोई फर्क नहीं पड़ता, यही सच्चाई है।
मैं ऐसे कई जगहों पर जाता रहता हूं जहां ज्यादातर लोग साधारण और शिक्षित होते हैं। वहां अगर हम सभी मिलकर एकजुट हो सकते हैं, तो फिर कोई भी ऐसी घटना नहीं हो पाएगी।