इस दुनिया को बदलने का संभवन एक व्यक्ति से अधिक है। शेख ने बिल्कुल सही कहा, नफरत अब हर जगह महसूस होती है और इसका मतलब है हमें अपने आसपास के लोगों को समझने की जरूरत है। मेरे ख्याल में, नफरत का स्रोत हमारी असुरक्षा और अनिश्चितता में है। जब हम अपने जीवन को रचने की कोशिश कर रहे होते हैं तो हमारी सुरक्षा की कमी महसूस होने लगती है और यह हमारे आसपास के लोगों के प्रति नकारात्मकता को जन्म देती है। इसलिए, हमें अपनी सुरक्षा के बारे में बोलना चाहिए और एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।