मुझे लगता है कि हमारे देश में यह सोच बंद कर देनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति एक ही धर्म या जाति से ताल्लुक रखता है, फिर भी अगर वह अच्छे लोगों का हिस्सा है तो हम उसे अपने साथ रखें।
कुछ दिनों पूर्व मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले एक बुजुर्ग की मुलाकात की, और वह मुझसे कहा कि जब भी वह अपने घर पर थे, तो हमारे पड़ोस में कोई अलग-थलग नहीं रहते थे, सबके बच्चे एक ही स्कूल में जाते थे।
मैंने उन्हें पूछा, "तो फिर आप कहाँ से यह अंदाजा लगाया?" उन्होंने कहा, "बेटा, जब भी कोई तेज़ रास्ते पर चल रहा हो, हमें वे रास्ते तोड़ने पड़ते हैं और अच्छे पथ पर चलना शुरू कर देना चाहिए।"