बार-बार आती है बेहोशी तो सिर्फ लाइफस्टाइल नहीं, हो सकता है दिल की सेहत से जुड़ा खतरनाक संकेत

बार-बार बेहोशी आना आम समस्या नहीं है, सिर्फ लाइफस्टाइल मानकर इलाज किए जाते हैं
कुछ मामलों में यह दिल की गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

तेज धड़कनें, पंपिंग फंक्शन कम, वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया, वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन या सीने में दर्द के बाद हो सकती है यह बेहोशी।
 
बेटियों के लिए बहुत जरूरी है अपनी सेहत पर ध्यान देना। हर बार जब वे बेहोशी आती है तो हमें डॉक्टर को फोन करना चाहिए। यह न केवल उनकी सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि उनकी जिंदगी में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद करता है।
 
मैंने पढ़ा कि अब तो मेंदू भी कैंपिंग कर रहा है! बार-बार बेहोशी आना तो ज्यादातर लोगों की समस्या है, लेकिन सिर्फ लाइफस्टाइल बदलकर इलाज कर दिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में यह बहुत गंभीर समस्या हो सकती है जैसे कि दिल की बीमारी। तेज धड़कनें, पंपिंग फंक्शन कम, वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया, वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन... यार यह तो सीने में दर्द होना भी नहीं चाहिए! लेकिन अच्छा news है कि अब डॉक्टरों ने अपनी क्षमताओं बढ़ा ली हैं और इससे पहले ही इलाज कर देते हैं। तो अगर आप भी कभी बेहोश होने की बात सुनते हैं, तो कुछ ऐसा बदलें जिससे आपका धड़कन फिर से ठीक हो।
 
मुझे लगता है कि लोगों को अपनी जिंदगी को समझने की जरूरत है, जो हमेशा लाइफस्टाइल में बदलाव करने से दूर रहते हैं... 🤯 मान लीजिए, आप एक घंटे से भी अधिक फोन करते रहते हो, अपने प्यार को टिप्पणियों में बिताते रहते हो, और हर रोज़ ज्यादा कॉफ़ी/चाय पीते रहते हो। तो यार, अगर आप दिन में 8 घंटे सो रहे हैं तो भी आपको कम से कम एक बार अपने शरीर को बताने की जरूरत है... 💤 और फिर जब आपका शरीर कहता है, "कम कर", तो बस एक दिन का नाश्ता लेकर पूरा दिन आराम कर दो। यह भी एक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। मैंने देखा है कि अगर कोई गंभीर जानलेवा बीमारी होती है तो शरीर के लिए बहुत थकान होती है, और यह भी एक बेहोशी का संकेत हो सकता है। 🤔
 
मैं तो कभी-कभी डॉक्टर की सलाह पर नींद बढ़ाना चाहता हूँ लेकिन मेरे दोस्तों की तरह नहीं कर पाता, हमेशा सोचने में उलझ जाते हैं और फिर भी पूरी रात सोना नहीं आता।

लेकिन कभी-कभी मुझे लगता है कि हमारी लाइफस्टाइल कितनी अनियमित है, हर दिन जीवनशैली में बदलाव लाने की कोशिश करते रहते हैं और सोचने के लिए कोई पल भी नहीं मिलता 🕰️

कुछ मामलों में बेहोशी का मतलब ही हो सकता है कि हमारे दिल की गंभीर समस्याएं हैं और ऐसी स्थितियों में ही डॉक्टर की सलाह पर नियमित जांच करवाना जरूरी होता है।
 
अरे, देखो तो इतने प्लीज़ हमारे लोगों की जिंदगी में भी फायदा नहीं होता है, खासकर जब बोलते हैं तो हमेशा कुछ गलत हो जाता है। यह तो दिल की समस्या का संकेत भी हो सकता है जिसके लिए डॉक्टर से बात करनी चाहिए। कभी-कभी जानबूझकर या असफल रूप से खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही हो। हमें अपने दोस्तों और परिवार के लिए सच्ची चिंता रखनी चाहिए, अगर वे भी ऐसा ही अनुभव कर रहे हैं तो जरूर मदद लें।
 
मुझे लगता है कि हमारे देश में बार-बार बेहोशी आना तो बहुत आम बात नहीं है, लेकिन ज्यादातर मामलों में लाइफस्टाइल से अकेले इलाज कर दिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में यह डॉक्टर्स के लिए भी चिंताजनक हो सकता है, क्योंकि यह दिल की गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है।

मैंने अपने दोस्त के चाचा को कभी तो ऐसी बात हुई होगी, जब उन्हें बेहोशी आने में बहुत ज्यादा दर्द और असुविधा महसूस होती। लेकिन फिर वे भी लाइफस्टाइल पर ध्यान देते हैं और कुछ दवाएं लेना शुरू करते हैं।

कुछ मामलों में यह डॉक्टर्स को संदेह में डालते हैं कि क्या यह तभी नहीं है जैसा की डॉक्टर्स दिखाते हैं?
 
सबसे पहले लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन अगर ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से जाएं। मैंने अपने दोस्त की बहन को ऐसा हुआ था, वे नियमित रूप से योग और ध्यान करती थी, लेकिन फिर भी उसे हार्ट एटैक हो गया।

बेहोशी आना तो कुछ बीमारी का भी संकेत हो सकता है, इसलिए चिंतित रहना चाहिए, न तो मुश्किल होगी न होगी, लेकिन फिर भी डॉक्टर से जाना सबसे अच्छा है।

मेरा एक दोस्त का पत्नी ऐसा ही हुआ था, अब वह हर दिन दवाइयाँ लेती हैं और नियमित रूप से विशेषज्ञ से मिलती हैं।
 
बात तो करती रहती है, कोई भी ऐसा नहीं होता जो अच्छे-खासे न हो, लेकिन बार-बार बेहोश होना ये एक गंभीर समस्या लगता है 🤯। मेरा दोस्त ही है जिसने कई बार ऐसा होना, वैसे तो शायद लाइफस्टाइल के कारण ही होता है, पीने की आदत, शराब, सब कुछ है। लेकिन जब यह एक गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है तो... मैंने अपने दोस्त को कई डॉक्टरों से लिया था, और पूरा इलाज टेस्टिंग और मरीजी के पैसे से कराना पड़ा। अब वह हर बार डॉक्टर के पास जाकर ही जाता है और उनसे बात करता है। मुझे लगता है कि ये तो एक बड़ी समस्या है, किसी पर भी ध्यान नहीं दिया जाता।
 
ये तो बहुत जरूरी है हमें अपनी लाइफस्टाइल की जांच करनी चाहिए, अगर हमारी दिनचर्या में तेज गति होने से तिरछी में बैठना, पंपिंग फंक्शन कम हो सकते हैं... 🤯 तेज धड़कनें आ रही है तो शायद अपने लाइफस्टाइल को थोड़ा बदलना चाहिए, अच्छी नींद नहीं लेना सीने में दर्द कर सकता है, और वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया जैसी बीमारी तो कोई भी नहीं चाहता 🙏। हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, अगर बेहोशी आ रही है तो तुरंत डॉक्टर को फोन कर देना चाहिए 📞
 
मैंने देखा है कि लोग बार-बार बेहोशी आने का मजाक कर रहे हैं और खुद को फिर से उठाते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह एक गंभीर समस्या है। जैसे ही, अगर आपके पास तेज धड़कनें या सीने में दर्द होता है, तो इसका इलाज करना बेहद जरूरी है। लोग अक्सर अपनी सेहत की परवाह नहीं करते और यह एक जानलेवा समस्या बन सकती है। हमें अपने शरीर की आवाज़ माननी चाहिए और अगर कुछ गलत हो रहा है, तो जरूर डॉक्टर से बात करनी चाहिए। 🤒
 
मुझे लगता है कि हमें अपने जीवनशैली को देखना चाहिए, न कि बस दवाइयों पर भरोसा करना। मेरा मानना है कि कुछ लोग बेहोशी के इलाज से तुरंत राहत नहीं पाते हैं क्योंकि उनके अंदर कुछ गंभीर समस्या हो सकती है। मुझे लगता है कि हमें अपने शरीर की आवाज सुननी चाहिए और अगर सीने में दर्द या तेज धड़कनें होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ज्यादातर लोग सिर्फ दवाइयों पर भरोसा करते हैं लेकिन मेरा ख्याल है कि हमारे शरीर को शुद्ध करने की जरूरत है।

कुछ लोग बेहोशी के इलाज में पैसे खर्च कर रहे हैं जो वास्तव में उनके स्वास्थ्य को और खराब कर सकता है, तो मुझे लगता है कि हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत सावधान रहना चाहिए।

मुझे भी लगता है कि बेहोशी के इलाज में दवाइयों की जगह हमें अपने जीवनशैली को बदलना चाहिए, न कि बस दवाइयों पर भरोसा करना।
 
मुझे लगता है कि लाइफस्टाइल की जिन पर हम तानबंदी हैं वो लोगों को कभी भी बेहोश नहीं होने देना चाहिए, खासकर जब उनके साथ ऐसी बातें होती है जैसे कि तेज धड़कनें या पंपिंग फंक्शन कम। कुछ मामलों में यह दिल की गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है, इसलिए ऐसे में लोगों को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। मेरी बहन की बहन को पहले यही समस्या हुई थी, उसके दिल की बीमारी से पहले इसका पता नहीं चला था, लेकिन जब वह थक गई तो उसने डॉक्टर से कहा। अब वह ठीक है और सब कुछ ठीक है।
 
यह तो बहुत ही गंभीर बात है, हमारे देश में लोगों को बहुत ही जल्दी बेहोशी आने लग रही है। मुझे लगता है कि हमारी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की जरूरत है, खासकर युवाओं को. वे बहुत ही तेज गति से रहते हैं और पानी नहीं पीते या बहुत कम पीते हैं। इससे दिल की समस्याएं हो सकती हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने जीवन में संतुलन बनाने की जरूरत है, ना तो इतनी जल्दी दूर चले जाना और ना ही बहुत धीमा रहना। और क्या यह हमारे फिटनेस ट्रैक्टर्स पर भरोसा करना है? मुझे लगता है कि हमें अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। 🤔💊
 
बात कर रही हैं बेहोशी की, तो मुझे लगता है कि लोग अपने जीवनशैली को बदलने से पहले यह समस्या बहुत गंभीरता से नहीं लेते हैं। अगर आप रोज़ 5-6 स्पोर्ट्स ड्रिंक पीते हैं तो मुझे लगता है कि इसकी वजह से आपकी बेहोशी आ रही है। और अगर आप नियमित व्यायाम नहीं करते हैं तो भी यह समस्या आपके लिए बनी रहती है। मेरी राय में अगर कोई ऐसी समस्या है जिसकी वजह से आप बेहोशी आ रहे हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें और फिर अपने जीवनशैली को बदलें। 🤔
 
मेरा ख्याल है कि हमारी लाइफस्टाइल बहुत ज्यादा आगे बढ़ चुकी है, बस भागते रहते हैं हर जगह, खाने में पनीर, दही, अंडा, सब्जियों की कमी। हमारे दिल को थोड़ा आराम मिलने की जरूरत है तो कहीं भी बैठकर गहरा सांस लेना।
 
कल मैंने एक दोस्त को बताया था कि अगर वह बार-बार बेहोशी आती है, तो उसे डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए। मुझे लगता है कि लोग सोचते हैं कि यह केवल जीवनशैली बदलने के बाद ठीक हो जाएगी, लेकिन यह बहुत गंभीर समस्या हो सकती है। मेरे दोस्त की बहू की बहन ने अपने पति को ऐसा हुआ था, और उसे सिर्फ नींद की बात पर फोकस किया गया था। लेकिन जब वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया में बदलाव आया, तो डॉक्टरने पहले से जानबूझकर भूल गए थे।

अब मैं इस बारे में सोचता हूं कि क्या लोगों को यह समझने की जरूरत नहीं है कि बेहोशी का एक वास्तविक इलाज होना चाहिए, न कि बस जीवनशैली बदलना। अगर तुम्हारे दिल की समस्या है, तो फिर तुम्हें डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि लोगों को यह पता नहीं होता कि बार-बार बेहोशी आना ज्यादा गंभीर समस्या नहीं है, बस लाइफस्टाइल में बदलाव करने पर इलाज हो सकता है। लेकिन कुछ मामलों में यह दिल की गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है 🤕। जैसे कि धड़कनें तेज नहीं होती, पंपिंग फंक्शन कम होता, वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया या वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन, और सीने में दर्द के बाद भी यह बेहोशी आ सकती है। तो इसे गंभीर समस्या मानना चाहिए और डॉक्टर से जांच करनी चाहिए ❤️
 
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