मुझे याद है जब मैं छोटा था, मेरे पिताजी कहते थे कि बिमल रॉय चेतना जैसे लोगों ने हमारे विमानों को दुनिया भर में पहुंचाया था। अब तो ऐसा लगता है कि उन्होंने सिर्फ तकनीकी समस्याओं को ही नहीं, बल्कि पायलटों की गलत निगरानी भी ठीक-ठीक कर लिया था।
बारामती विमान हादसे तो एक बहुत बड़ी चोट है, लेकिन इसके पीछे कुछ और जानकारी जरूर होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी विमानों को ठीक-ठीक जांचा गया है, और पायलटों को भी उनकी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
मैं समझता हूं कि खराब मौसम का खतरा हमेशा होता रहेगा, लेकिन इसके अलावा त्रुटियों और अनुभवहीनता से भी ऐसे हादसे हो सकते हैं।