बारिश से राजधानी को मिली राहत, दिल्ली में AQI हुआ 150

दिल्ली में शुक्रवार को विस्तृत तारे चमकने निकले, जिसका खास फायदा हवा पर भी पड़ा। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने बताया है कि ये बारिश हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार लाने वाली रही। रविवार की सुबह जब हमने दिल्ली का एक्यूआई (अयर क्वॉलिटी इंडेक्स) पढ़ा तो 150 दर्ज हुआ। यह तो 'मॉडरेट' श्रेणी में आता है, जिसका अर्थ है हवा साफ़ और स्वच्छ थी। बारिश ने ठंड को बढ़ा दिया, लेकिन प्रदूषण से हमें अब तो कोई राहत नहीं मिल रही थी, लेकिन इसके बाद दिखाई देने लगा कि कैसे बारिश से प्रदूषण की समस्या खत्म होती है।
 
Wow 💧! मुझे लगता है कि जैसे-जैसे पानी की कमी बढ़ती जा रही है, तो हमें बारिश की जरूरत है। और अब यह देखकर अच्छा लग रहा है कि प्रदूषण से जुड़ी समस्या खत्म होने लगी है। 😊 मुझे लगता है कि सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि हमें और भी बेहतर हवा मिल सके। 💨
 
क्या भाई यह तो बिल्कुल सही है, पिछले महीनों से हमें दिल्ली में वायु गुणवत्ता बहुत ज्यादा खराब हुई है, और लोगों की सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। आज तो अचानक से इतनी बारिश हुई, कि हवा में साफगिरी आई है और 150 का आइक्यू आ गया है, यह तो हमें खुशी देता है, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं है। जैसे ही ठंड बढ़ी, बारिश ने हवा को साफ कर दिया, और अब हमें उम्मीद है कि आगे भी ऐसी बारिश आएगी जिससे प्रदूषण कम हो जाए।
 
मुझे लगता है कि तारों की चमकने की बात में कुछ और भी हो सकता है! 🌠 तारों की चमकने से हवा पर प्रदूषण कम होने की बात करना थोड़ा बहुत है। यह शायद एक छोटी जटिलता है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें और जानकारी चाहिए कि तारों की चमकने से हवा पर प्रदूषण कम होने का क्या तरीका है? शायद इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक जटिलताएं हैं जिनके बारे में हमें और जानने की जरूरत है।
 
रविवार को तो दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में बुरी तरह सुधार आया, 150 दर्ज का आइक्यू आ गया, ये अच्छा है! लेकिन फिर भी प्रदूषण से हमारी दिल्ली को राहत नहीं मिल रही, इसके पीछे कौन सी जिम्मेदारियां हैं? शायद तेज़ वाहनों और औद्योगिक वायु उत्सर्जन का एक्टिविटी कम करनी पड़ेगी।
 
बिल्कुल सही है! नमस्ते, मैंने कल देखा था कि शाम 5 वाले इलाके में तो बहुत सारे जंगली पेड़ लगे हुए थे। तो मुझे ये बात खास रूप से पसंद आई क्योंकि बारिश से तो इन पेड़ों का पानी कितना फायदेमंद लागू होता।
 
रोज़ मरने वाला प्रदूषण अब थोड़ा कम हो गया है 😊, लेकिन अभी भी बहुत देर तक बात नहीं हुई है, जल्द ही हिमाचल की तरह साफ़ हवा आ जाएगी। तेज़ गति से बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों से हमारी हवा प्रदूषित हो रही है। प्रधान मंत्री ने भी कई बार प्रदूषण को रोकने के लिए बहुत बड़े बजट तैयार किए हैं, अब इन पर काम करना होगा। #प्रदूषणकाबू #स्वच्छ हवा #भारतशुद्ध
 
😊 मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी खबर है! जैसे ही तारे चमकने लगे, हवा में सुधार आ गया। कौन सोच सकता था कि बारिश इतनी फायदेमंद हो सकती है? ठंड को बढ़ा देना और हवा को साफ़ करना सबसे अच्छा क्या हो सकता है? 🌫️ मुझे लगता है कि हमें अपने शहरों को और भी स्वच्छ बनाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि हवा हमेशा साफ़ और शुद्ध रहे। यह एक अच्छा सबक है कि कैसे प्रकृति हमें मदद कर सकती है, अगर हम उसको सही तरीके से समझें। 🌿
 
मैंने तो यह भी कल पढ़ा कि कुछ शहरों में विलेज डेलिवरी स्टोर्स बनाने पर फैसला लिया गया है! ऐसा अच्छा सोचा जाता है, लेकिन क्या ये तो वाकई मदद करेगा? मैंने देखा है कि शहर में खुले बाजारों में खिलौने और कपड़े की बिक्री बहुत बढ़ गई है। कुछ भाई-बहन फाइनिंग से तो बेच भी लेते हैं! 🤑

लेकिन, दिल्ली में बारिश का मुझे खुशी हुई! मैंने रविवार की सुबह का एक्यूआई पढ़ा और मानो आंखों में पानी आया। 150 दर्ज हुआ! यह तो मॉडरेट श्रेणी में आता है, जिसका मतलब हवा साफ़-स्वच्छ थी। मैंने अपनी दोस्त नैना से बात की और वह भी बारिश में खुश थी, उसने बताया कि ठंड को बढ़ा दिया, लेकिन प्रदूषण से राहत मिल गई। मुझे लगता है कि यह तो एक अच्छा नियम बन सकता है।
 
बात ये तो बहुत अच्छी है तारों निकलने की, हवा में तो इतना साफ़-सुथरा आना एक अच्छी बात है । जैसे दिल्ली का ऐक्यूआई 150 पर आ गया है, तो ये तो बहुत साफ़ है। लेकिन फिर भी हमारे यहाँ प्रदूषण की समस्या और भी बढ़ रही है। मुझे लगता है कि अगर बारिश जैसी चीजें होती रहती तो शायद हमारी हवा इतनी साफ़ होती। तो फिर तो हमारे वायु प्रदूषण में कमी आ सकती थी, या फिर कोई ऐसी ग्रीन टेक्नोलॉजी विकसित कर लेते।
 
આ વાત ખૂબ ખુશકર છે, જાણીએ છે ને? પ્રદૂષિત હવામાંથી બચવા માટે બરફ પડવાનો આ પગલો ખુબ જ ઉપયોગી છે.
 
Back
Top