Bangladesh: ढाका से कराची सीधी उड़ान की तैयारी, भारत ने कहा- एयरस्पेस और सुरक्षा पहलुओं पर रहेगी कड़ी नजर

ढाका से कराची सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की बात में तेजी, भारत ने एयरस्पेस और सुरक्षा पहलुओं पर नजर रखी है।

भारत सरकार ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन बिमान बांग्लादेश द्वारा ढाका से कराची के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत देखी जा रही हैं।

इस बीच, भारत ने कहा कि सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर उसकी नजर है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसके बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक अनुरोध मिला है। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि भारत सभी क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संवाद बनाए रखता है और अपनी सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर आवश्यक कदम उठाता है।

इसके अलावा, पाकिस्तान और चीन की ओर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर भी सरकार ने अपना रुख दोहराया। मंत्री ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सीधे तौर पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था और 10 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधे संवाद से संघर्षविराम पर सहमति बनी थी।
 
ਮुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है कि भारत और बांग्लादेश की उड़ान सेवा शुरू करने की बात में तेजी, लेकिन फिर सोचने पर आता है कि इसके पीछे क्या राजनीतिक उद्देश्य हैं। क्या यह वास्तव में हमारे देश के लिए एक अच्छा विकल्प है, या इससे हमारी राजनीति और भी जटिल बन जाएगी। 🤔
 
बिल्कुल सुना, तो यह सोचा जा रहा है कि भारत के पास सऊदी और चीन के साथ रक्षा समझौते करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा गेमप्ले हो सकता है। हमें तो पहले से ही पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों पर नजर रखनी चाहिए। और अगर भारत सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते में जुटता है, तो यह फिर से क्या देशों के लिए बनाया गया था। और इसके नियम कौन नियमन करेगा?
 
पाकिस्तान की अपनी एयरस्पेस कंपनियों से जुड़ी साझेदारी में हमारा दिलचस्प है तो ठीक है, लेकिन बांग्लादेश के साथ कराची तक उड़ान सेवा शुरू करने पर इसके बाद क्या परिणाम निकलेगा, यह तो बहुत देर से बताया जाएगा। और क्या हमें लगता है कि भारतीय एयरस्पेस इंडस्ट्रीज़ की नई उड़ानों में भी बांग्लादेशी एयरलाइन को शामिल होना चाहिए, यह तो एक बड़ी बात होगी।
 
इस बात में बहुत तेजी है कि कराची से ढाका तक सीधी उड़ान सेवा शुरू करने का प्रस्ताव। लेकिन एक सवाल है, क्या यह सोचा गया है कि इससे हमारी सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत नहीं? भारत सरकार ने बाकी सब अच्छी तरह से देखा है। जैसे एयरस्पेस और रक्षा पहलुओं पर नजर रखी है... 🤔
 
भारत को अपने पड़ोसी पाकिस्तान के साथ सीधी उड़ान सेवा शुरू करने में तेजी आ रही है, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा फैसला नहीं होगा। अगर हम पाकिस्तान के साथ यात्रा करने वालों की सुरक्षा को ध्यान में रखेंगे, तो अच्छा, लेकिन अगर उनके देश में आतंकवादी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं तो यह एक बड़ा जोखिम है। 🤔
 
मैंने कल मुझे लाजवाब पाकिस्तानी फिल्म 'ज़िंदगी ना कही सिमत' देखी थी, जिसमें शाहरुख खान की अभिनय की रियासत को जरूर पसंद आया। मैंने फिल्म के बाद चाय पीनी और अपनी पत्नी के साथ बात करनी थी। वाह, फिल्म बहुत अच्छी थी, खासकर शाहरुख खान का डांस सीन। मुझे लगता है कि अगर मैं ऐसी भी फिल्म बनाऊं तो पूरा देश देखूंगा।
 
अबकी तो ढाका से कराची जाने की बस शुरू होगी, लेकिन क्या ये सच है कि सुरक्षा में तो खराबी ना आएगी? 🤔 चीन और पाकिस्तान दोनों भारी आतंकवादी काम करते हैं और अब बांग्लादेश शामिल करेंगे तो लोग क्या बोलेंगे? 😐 मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक गेम है जिसमें देशों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है।
 
बच्चों को सिखाना है कि हर किसी के अपने लक्ष्य और रास्ते होते हैं लेकिन हमें सबसे ज्यादा खुद को समझना होता है। ढाका से कराची तक उड़ानों की शुरुआत करने का प्रस्ताव ऐसे ही एक लक्ष्य बन सकता है जहां हमें अपने देश में और बाहर स्थिति को समझना होगा। हमें नहीं भूलना चाहिए कि सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसलिए हमें हर तरह की संभावनाओं पर नजर रखनी होगी।
 
नहीं, नहीं, यह बात पूरी तरह से सही है 🤔। हमें ढाका और कराची के बीच उड़ान सेवा शुरू करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, चाहे विदेशी सरकार तैयार न हो। भारत को अपने दोस्तों की मदद करनी चाहिए और साथ में इस पर बातचीत करें। हमें सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते को लेकर थोड़ा समय मिलना चाहिए। 🕰️
 
क्या ऐसा मानें तो ढाका से कराची जैसी सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की बात बहुत ही जोखिम भरी है 🚨। और ये भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान में आतंकवाद की समस्या बहुत ज्यादा है। हमें पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर और इस तरह की अन्य गतिविधियों पर भारत को अपना भरोसा नहीं करना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि भारत ने बहुत ज्यादा सावधानी बरत रहा है, ढाका से कराची की उड़ान सेवा शुरू करने की बात पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि इस दुनिया में सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए, हमें जानबूझकर अपने साथियों को खतरे में डालने वाले लोगों के साथ सहयोग करने में आनंद नहीं आता।

क्या कोई देश इस तरह से दूसरों पर निर्भर होना चाहेगा, और हम भारतीय भी ऐसा नहीं हो सकते। किसने यह तय किया कि पाकिस्तान के साथ सहयोग करना है? मुझे लगता है कि हमें अपनी निर्भरता पर विचार करना चाहिए।
 
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