स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सम्मान देने और स्नान के लिए तैयार करने का समय आ गया है, इस बात पर नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने साफ कहा है। उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग देने की ओर ध्यान केंद्रित करने की गलती को भी खारिज किया है और कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं।
सैयद असगर अली ने आगे बताया है कि समूची दुनिया में भारत को लेकर गलत संदेश जा रहा है, जहां लोग कहते हैं कि भारत में धर्म गुरुओं का सम्मान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा है कि इस विवाद से इंटरनेशनल लेवल पर देश की छवि खराब हो रही है।
इस बात पर भी नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने जोर दिया है, कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वास्तव में सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं। उन्होंने कहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सियासत में दखल देने पर भी निश्चित रूप से सही थे।
सैयद असगर अली ने आगे बताया है कि समूची दुनिया में भारत को लेकर गलत संदेश जा रहा है, जहां लोग कहते हैं कि भारत में धर्म गुरुओं का सम्मान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा है कि इस विवाद से इंटरनेशनल लेवल पर देश की छवि खराब हो रही है।
इस बात पर भी नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने जोर दिया है, कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वास्तव में सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं। उन्होंने कहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सियासत में दखल देने पर भी निश्चित रूप से सही थे।