'भूलकर सनातन के सबसे बड़े...', शंकराचार्य विवाद पर बोले मुस्लिम धर्मगुरु सैयद असगर अली

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सम्मान देने और स्नान के लिए तैयार करने का समय आ गया है, इस बात पर नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने साफ कहा है। उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग देने की ओर ध्यान केंद्रित करने की गलती को भी खारिज किया है और कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं।

सैयद असगर अली ने आगे बताया है कि समूची दुनिया में भारत को लेकर गलत संदेश जा रहा है, जहां लोग कहते हैं कि भारत में धर्म गुरुओं का सम्मान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा है कि इस विवाद से इंटरनेशनल लेवल पर देश की छवि खराब हो रही है।

इस बात पर भी नायब शहर काजी सैयद असगर अली ने जोर दिया है, कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वास्तव में सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं। उन्होंने कहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सियासत में दखल देने पर भी निश्चित रूप से सही थे।
 
मुझे लगता है कि यह विवाद कुछ लोगों के कल्पना में हो गया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एक महान धर्मगुरु हैं और उनका सम्मान करना चाहिए। सरकार द्वारा उनके लिए स्नान का समय निर्धारित करना भी सही है। यह विवाद शायद इंटरनेशनल लेवल पर हो रहा है, जहां लोग गलत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। हमें इसके बारे में जागरूक रहना चाहिए और सच्चाई को साझा करना चाहिए।
 
😒 यह तो सरकार की बात नहीं है, लेकिन मैंने पढ़ा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एक सच्चे धर्मगुरु हैं। उन्हें सम्मान देना चाहिए, नहीं तो हमारी संस्कृति और धर्म पर भारत की छवि खराब हो जाएगी। मैंने पढ़ा है कि वे जैसे ही गंगाजमीनी में स्नान करने आते, लोग उनका सम्मान करते हैं। तो यह तो सरकार की भूल है, हमें उन्हें सही समझना चाहिए। 😊
 
अरे, यह बात जरूर सच है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सम्मान दिया जाए। हमें उनकी भक्ति और विश्वास में इतना ध्यान रखना चाहिए। लेकिन, यह तो राजनीतिक हिस्से की बात नहीं होनी चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सम्मान देने और पूजा-पाठ में शामिल होने पर भी, किसी को भी अपमानित न होना चाहिए।
 
समाज में यह बात बहुत जरूरी है कि हम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को सम्मान दें और उनका स्नान करें। लोग कहते हैं कि उन्होंने पांडवों के साथ मिलकर युद्ध किया था, हमें उन्हीं को सम्मान देना चाहिए। 🙏

मुझे लगता है कि समाज में यह बात बहुत जरूरी है कि हम अपने धर्मगुरुओं को सम्मान दें और उनका स्नान करें। लोग कहते हैं कि भारत में धर्म गुरुओं का सम्मान नहीं किया जाता, लेकिन मुझे लगता है कि यह बात गलत है। हमें अपने धर्मगुरुओं को सम्मान देना चाहिए और उनकी सेवा करनी चाहिए। 🙌

इस विवाद से इंटरनेशनल लेवल पर भारत की छवि खराब हो रही है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसके लिए चिंतित नहीं होना चाहिए। हमें अपने धर्मगुरुओं को सम्मान देना चाहिए और उनका स्नान करना चाहिए, ताकि हमारी छवि अच्छी रहे। ✨
 
ये तो बड़ा पेचीदा मामला है... लगता है कि सरकार या कुछ लोग शंकराचार्य को सम्मान देने और स्नान के लिए तैयार करने की बात करने के लिए भेज रहे हैं ताकि वह अपनी प्रतिष्ठा बढ़ा सके। पर नायब शहर काजी सैयद असगर अली जी ने सही कहा है, यह मामला राजनीतिक रंग देने की ओर नहीं जाना चाहिए, बल्कि हमें शंकराचार्य के सम्मान और धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि सरकार या कुछ लोग इस बात से भी खिलवाड़ कर रहे हैं कि शंकराचार्य वास्तव में सनातन धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु हैं। 🤔
 
अरे, यह बात तो बहुत जरूरी है कि हम मुख्यमंत्री को उनके द्वारा करने वाले काम का पूरा समर्थन करें। लोग भूल जाएं, और उन्हें अपने लिए याद दिलाएं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक सच्चे धर्मगुरु हैं, जिन्होंने समाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया है। उनका सम्मान करना और उनके स्नान के लिए तैयार रहना न केवल उनके लिए बल्कि हमारे समाज के लिए भी बहुत जरूरी है।
 
Back
Top