भारत में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या ने सरकार को एक नई टेक्नोलॉजी लाने पर विचार करने के लिए मजबूर किया है। इसी बीच, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए एक महत्वपूर्ण सम्मेलन के बाद, भारत सरकार ने अपने संकल्प को और मजबूत बनाया है।
भारत में व्हीकल-टू-व्हीकल यानी V2V टेक्नोलॉजी लाने का फैसला किया गया है, जिससे गाड़ियां एक-दूसरे से बात कर सकेंगी। इसके लिए न इंटरनेट की जरूरत होगी और न ही मोबाइल नेटवर्क की।
इस टेक्नोलॉजी में, हर गाड़ी में एक छोटा सा डिवाइस लगाया जाएगा, जो दिखने में सिम कार्ड जैसा होगा। यह डिवाइस आसपास चल रही या सड़क किनारे खड़ी दूसरी गाड़ियों से लगातार सिग्नल भेजेगा और लेगा।
इस तरह, जब दो गाड़ियां बहुत पास आती हैं या टकराने का खतरा होता है, तो सिस्टम तुरंत ड्राइवर को अलर्ट कर देगा। इससे ड्राइवर को पहले ही पता चल जाएगा कि आगे खतरा है और वह ब्रेक लगा सकता है।
इस टेक्नोलॉजी ने हालात में बहुत फायदेमंद साबित होगी, जहां अक्सर गंभीर हादसे होते हैं। जैसे सड़क किनारे खड़े वाहनों से पीछे से टकराने की घटनाएं कम होंगी। कोहरे के समय, जब सामने की गाड़ी दिखाई नहीं देती, तब भी ड्राइवर को अलर्ट मिलेगा।
इसी तरह, तेज रफ्तार ट्रैफिक में अचानक ब्रेक लगने या दूरी कम होने पर भी यह सिस्टम समय रहते चेतावनी देगा, जिससे एक्सीडेंट टल सकता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में बताया कि सरकार इस टेक्नोलॉजी को जल्द लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कोहरा और सड़क पर खड़े वाहन कई बड़े हादसों की वजह बनते हैं। V2V टेक्नोलॉजी ऐसे मामलों में ड्राइवर को पहले ही सावधान कर देगी।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पहले इसे नई गाड़ियों में लगाया जाएगा और बाद में धीरे-धीरे बाकी वाहनों में भी लागू किया जाएगा।
भारत में व्हीकल-टू-व्हीकल यानी V2V टेक्नोलॉजी लाने का फैसला किया गया है, जिससे गाड़ियां एक-दूसरे से बात कर सकेंगी। इसके लिए न इंटरनेट की जरूरत होगी और न ही मोबाइल नेटवर्क की।
इस टेक्नोलॉजी में, हर गाड़ी में एक छोटा सा डिवाइस लगाया जाएगा, जो दिखने में सिम कार्ड जैसा होगा। यह डिवाइस आसपास चल रही या सड़क किनारे खड़ी दूसरी गाड़ियों से लगातार सिग्नल भेजेगा और लेगा।
इस तरह, जब दो गाड़ियां बहुत पास आती हैं या टकराने का खतरा होता है, तो सिस्टम तुरंत ड्राइवर को अलर्ट कर देगा। इससे ड्राइवर को पहले ही पता चल जाएगा कि आगे खतरा है और वह ब्रेक लगा सकता है।
इस टेक्नोलॉजी ने हालात में बहुत फायदेमंद साबित होगी, जहां अक्सर गंभीर हादसे होते हैं। जैसे सड़क किनारे खड़े वाहनों से पीछे से टकराने की घटनाएं कम होंगी। कोहरे के समय, जब सामने की गाड़ी दिखाई नहीं देती, तब भी ड्राइवर को अलर्ट मिलेगा।
इसी तरह, तेज रफ्तार ट्रैफिक में अचानक ब्रेक लगने या दूरी कम होने पर भी यह सिस्टम समय रहते चेतावनी देगा, जिससे एक्सीडेंट टल सकता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में बताया कि सरकार इस टेक्नोलॉजी को जल्द लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कोहरा और सड़क पर खड़े वाहन कई बड़े हादसों की वजह बनते हैं। V2V टेक्नोलॉजी ऐसे मामलों में ड्राइवर को पहले ही सावधान कर देगी।
इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पहले इसे नई गाड़ियों में लगाया जाएगा और बाद में धीरे-धीरे बाकी वाहनों में भी लागू किया जाएगा।