BJP Vs AAP: आतिशी विवाद की सीबीआई जांच! बांसुरी बोलीं- पंजाब पुलिस को जांच का अधिकार नहीं

आतिशी मारलेना ने सिख गुरुओं का अपमान करने का दावा किया है, जिस पर भाजपा नेताओं ने आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया है। इस विवाद की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराने पर भी विचार किया जा सकता है।

विधानसभा में आतिशी मारलेना ने सिख गुरुओं को अपमानित किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने और माफ़ी मांगने में असमर्थ रहे।

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के द्वारा जांच की गई है, लेकिन सीबीआई को इसकी जांच करने की जरूरत है।

भाजपा नेताओं ने आतिशी मारलेना पर आरोप लगाया है और उन्हें अपनी गलती स्वीकारने के लिए कहा।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने जांच की थी, जिसमें पता चला है कि आतिशी मारलेना ने सदन में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में दो फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आई हैं, जिसमें पता चला है कि वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है। लेकिन आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पंजाब पुलिस के द्वारा जांच की गई है, जिसमें पता चला है कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है और उन्होंने आतिशी मारलेना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें अपनी गलती स्वीकारनी चाहिए।
 
इस विवाद को देखकर मुझे लगता है कि हमें पता होना चाहिए कि कौन सी बातें हम कह सकते हैं और क्या न कर सकते। आतिशी मारलेना ने गलती की है, लेकिन उसकी गलती को देखकर तुमने क्या सीखा। हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करना चाहिए, न कि दूसरों पर आरोप लगाना। अगर हम अपनी गलतियों को नहीं स्वीकारते हैं तो वही विवाद बनता रहता है।
 
मेरी राय ये विवाद तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आतिशी मारलेना ने तो सच्चाई बोली, लेकिन फिर भी उनके शब्दों को गलत तरीके से समझ लिया गया। पंजाब पुलिस की जांच करने पर हमें खुशी होगी, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि सीबीआई को इस मामले में शामिल होना पड़े।
 
अगर सीबीआई जांच करेगी तो सब समझ आएगा। यह देखकर दुख होता है कि कैसे पुलिस और भाजपा एक साथ मिलकर आतिशी को बदनाम कर रहे हैं। सीबीआई जांच होने पर वास्तविकता सामने आ सकती है।
 
मुझे लगता है कि यह विवाद बहुत बड़ा हो सकता है। आतिशी मारलेना ने खुद बोले थे और फिर बदले में कहते हैं कि उनके शब्दों को गलत तरीके से समझाया गया। लेकिन इस बात पर सवाल उठता है कि विधानसभा में ऐसी बातें कहकर क्या सही है? और फिर भी उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने में असमर्थ रहे। यह एक बड़ा सवाल है कि कैसे हम अपनी गलतियों को स्वीकार करें और आगे बढ़ें।
 
आतिशी मारलेना सिख गुरुओं का अपमान करने का दावा किया तो भाजपा नेताओं ने उन पर आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया। अब सीबीआई को विवाद की जांच करने में शामिल होनी चाहिए। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब पुलिस के द्वारा जांच की गई, लेकिन सीबीआई को इसकी जांच करने की जरूरत है। वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई तो फिर भी आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पुलिस के द्वारा जांच की गई।

आतिशी मारलेना ने अपनी गलती स्वीकारने में असमर्थ रही, तो अब उनकी बात कुछ महत्वपूर्ण नहीं है। भाजपा नेताओं ने उन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें अपनी गलती स्वीकारनी चाहिए। लेकिन यह सब क्यों हुआ, इसका जवाब तो कोई नहीं दे पाएगा।
 
😔 यह तो एक दुखद व्यंगय है। आम आदमी पार्टी ने अच्छी तरह से बताया है कि आतिशी मारलेना ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। लेकिन भाजपा नेताओं ने बहुत आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष जैसे पेशेवर लोगों से जांच करने की जरूरत थी, लेकिन अब यह तो एक बड़ा मुद्दा बन गया है कि कौन कहाँ गलत और कौन सही है। 😤 फॉरेंसिक रिपोर्ट्स आ गईं, लेकिन अभी भी पूरी जानकारी नहीं मिल रही है। सीबीआई से जांच करने की जरूरत है, ताकि सच्चाई उजागर हो सके।
 
विडियो देखकर तो लगता है कि जैसे पहेली सुलझानी होती है, लेकिन यहाँ कोई जवाब नहीं मिल रहा 🤔 सिख गुरुओं पर अपमान करने का आरोप लगना या नहीं, यह तो विशेष रूप से जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस तरह से विवाद फैलने देना समझ में नहीं आता। 🙅‍♂️
 
🤔 यह विवाद क्या कर रहा है... दोनों पक्ष बोल रहे हैं लेकिन सच्चाई की तलाश में नहीं हैं। हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि भावनाओं से खेलने की जरूरत न है, बल्कि मौन और समझदारी से निपटने की जरूरत। 🙏
 
आतिशी मारलेना ने खुद को ऐसे डाल दिया है जैसे अगर वह पूरे भारत में सिख गुरुओं को माफ कर दे। उनकी गलती स्वीकारने के लिए उन्हें तो पहले ही बोल देनी चाहिए, फिर यह तो सुनिश्चित करना नहीं पड़ेगा कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई या नहीं। अगर पंजाब पुलिस ने जांच की है तो अच्छे तो उन्हें बताएं, फिर भी भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है। मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा व्यापार है, जिसमें किसी की गलती स्वीकारने के लिए बहुत पैसा खर्च होता है।
 
आतिशी मारलेना को बुरा क्या करना है? वे अपने दिल की बात कहने के लिए तैयार थीं, लेकिन उन्होंने सही शब्द नहीं चुने। now दोनों पक्ष में गुस्सा आ गया है। जांच के लिए सीबीआई को जरूरी नहीं है अगर पंजाब पुलिस ने पहले से ही मामला खोल लिया है। लेकिन शायद आतिशी मारलेना की गलती स्वीकारने के लिए कहा जाना चाहिए ताकि और कोई इस तरह का विवाद न हो।
 
ये तो बहुत बड़ा विवाद है। मैं आतिशी मारलेना के दावे पर संदेह करूँगा, लेकिन जांच एजेंसियों की बात पर मान लूँ। सीबीआई और पंजाब पुलिस दोनों को इस मामले में थोड़ी ज्यादा जानकारी देनी चाहिए। मैं तो सोचता हूँ कि वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है, लेकिन यह जांच एजेंसियों की कामयाबी पर निर्भर करेगी। आतिशी मारलेना ने अपनी गलती स्वीकार करने में देरी कर रही है, जो अच्छा नहीं है। लेकिन यह तो भाजपा नेताओं की बात है, उनको तो व्यक्तिगत रूप से इसका जवाब देना चाहिए।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है। आतिशी मारलेना ने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, वो बहुत ही आपत्तिजनक थे। लेकिन ऐसे में पंजाब पुलिस ने तो सबकुछ ठीक से देखा है, फिर भी उन्होंने जांच नहीं की। अगर सीबीआई को मिलेगी, तो उनकी जांच से पता चलेगा कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है या नहीं।

आम आदमी पार्टी ने कहा है, लेकिन अगर सच्चाई सामने आेगी, तो सबकुछ ठीक होगा। यह तो एक बड़ा मुद्दा है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे देश में लोकतंत्र है, और ऐसे मामलों में निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए।

लेकिन, अगर भाजपा नेताओं ने सवाल उठाने में अपना अधिकार किया है, तो मुझे लगता है कि वो सही है। आतिशी मारलेना ने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, वो बहुत ही आपत्तिजनक थे, और उन्हें अपनी गलती स्वीकारने चाहिए।

मुझे लगता है, कि यह मामला अभी भी खुला है। अगर सच्चाई सामने आेगी, तो सबकुछ ठीक होगा।
 
मैं समझ नहीं पाई कि तो आम आदमी पार्टी ने कहा है कि दो फॉरेंसिक रिपोर्ट में पता चला है कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। लेकिन अगर ऐसा तो सच है तो हमें जांच एजेंसी सीबीआई को यह बताना चाहिए कि वास्तव में वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिर बाकी सब क्या है? 😐
 
🙄 ये फोरम भी बहुत बुरा हो गया है, लोग तो एक दूसरे पर जोरदार शब्दों का इस्तेमाल करते हैं और फिर कहीं नहीं जाते। आतिशी मारलेना को अपनी गलती स्वीकारने के लिए कहें? वह तो पहले से ही अपनी गलती मानती है, और अब उन्हें अपनी असुविधा महसूस करने दें।

और फोरम पर भी ऐसा ही होता जा रहा है। लोग एक दूसरे को बुरा कहते हैं और नहीं सुनते हैं। मैं तो यहाँ सिर्फ अपने विचार व्यक्त करने की कोशिश करता, लेकिन जब मुझसे जवाब दिया जाता है, तो वहां पर ही सब कुछ खराब हो जाता। तो क्यों ना एक साफ़ और सहज तरीके से अपने विचार व्यक्त करने का मौका दें?
 
Back
Top