‘बजरंग दल से डरा परिवार, बेटी का स्कूल छूटा’: मुस्लिम दुकानदार का सपोर्ट करने वाले ‘मोहम्मद’ दीपक का जिम बंद, बजरंग दल बोला- टारगेट पर हो

दीपक कुमार ने जिम चलाते थे, लेकिन अब उनका दिल भी फट गया है। 26 जनवरी को उत्तराखंड कोटद्वार में दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम दुकानदार पर हमला किया। वीडियो में दिखाया गया है कि खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताते हुए लोग दुकान में घुसते हैं, और दुकानदार से कहते हैं कि उनका नाम बदलो।

दीपक कुमार ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह बिल्कुल ठीक दिख रहे थे, लेकिन उसी वीडियो में भी उन्होंने एक बुजुर्ग दुकानदार का पक्ष लिया। उसने कहा है कि खुद को मुस्लिम बताकर वहां पहुंचा, और बिल्कुल ठीक थे।

26 जनवरी की घटना के दौरान पुलिस ने भीड़ से कुछ युवकों को रोका था। इसके बाद इलाके में फ्लैग मार्च लगाया गया, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हुई।

दीपक ने बताया है कि उसका जिम चलना नहीं शुरू हो पाया है, और वह खौफनाक महसूस कर रहे हैं। उनकी बेटी लKG में पढ़ती थी, लेकिन अब वह स्कूल नहीं जा सकती है।

इस घटना को लेकर कई राजनीतिक दलों ने अपनी नीति पर सवाल उठाया है।
 
मुझे बहुत दुःख हुआ जब मैंने इस वीडियो देखा। यह तो बहुत ही गंभीर मुद्दा है जिसका सामना हमारा देश कर रहा है। मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शांति और प्रेम को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए। यह घटना न तो एक व्यक्तिगत समस्या है, बल्कि हमारी समाज की भावनात्मक स्थिति को दर्शाती है।
 
मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाएं हमारे समाज को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं 🤕। दीपक कुमार जैसे लोगों को याद रखना चाहिए कि खुद को किसी भी धर्म या सांस्कृतिक पहचान को बताकर और फिर उसका खिलाफ खड़ा होना एक बहुत बड़ी बात नहीं है 😒। इसके बजाय, हमें यह सोचना चाहिए कि क्यों ऐसी घटनाएं होती हैं और कैसे उनसे निपटना है? मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शिक्षा और जागरूकता का मंच बनाने की जरूरत है, ताकि लोग ऐसी गलतियों से बच सकें 📚💡
 
😔 यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना तो भारत में तब तक नहीं आयी जब हमारे देश की सुरक्षा और समाजिकता के बारे में नहीं सोचा जाता। पुलिस ने उस समय भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन फिर भी घटनाक्रम यही हुआ। 🤦‍♂️

अब जब दीपक कुमार ने वीडियो बनाकर अपना पक्ष रख लिया है, तो यही सवाल उठता है कि इतनी बातें करने के बाद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 🤔

मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में संवाद और समझ को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं न हों। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि कैसे हम इस तरह की समस्याओं का समाधान करेंगे। 🤝
 
मैं बहुत दुखी हूँ 🤕, यह घटना तो सच में दर्दनाक है 😩। पुलिस को तो अभी भी कार्रवाई नहीं की है, और इलाके में फ्लैग मार्च लगाने से क्या बदलेगा? 🤷‍♂️

मैं दीपक कुमार जैसे लोगों के साथ हँसूँ, वो सच में बहुत बुरी तरह पीड़ित हैं 😩। उनकी बेटी के भविष्य को कैसे सुरक्षित करेंगे? 🤔

इस घटना को लेकर हमें एक साथ खड़े होना चाहिए 💪, और यह दिखाना चाहिए कि ऐसी भीड़भाड़ में नहीं चलती है 🚫
 
मुझे बहुत दुख हुआ तो इस तरह की घटनाओं की! 🤕 क्या हमें अपने समाज में इतनी भेदभावात्मकता नहीं बनना चाहिए? यह एक बड़ा सवाल है और इसके जवाब के लिए हमें सोच-विचार करना होगा।

दीपक कुमार जी की बेटी को इस तरह से प्रभावित कर देना कितना दर्दनाक है। मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शांति और सौहार्द का संदेश फैलाना चाहिए। 🙏 यह घटना एक बड़ा झटका है, लेकिन अगर हम एक साथ मिलकर इसके खिलाफ लड़ते हैं तो हम जीत सकते हैं। 🌟
 
बड़बुआ ये देखकर हैरान है 🤯, दीपक कुमार जैसे लोग खुद को मुस्लिम बताकर घुसपैठ करने का क्या मतलब? 🙄 इलाके में फ्लैग मार्च लगाने से कुछ नहीं बदलेगा, सिर्फ वोट बैंक में जमा होने की कोशिश कर रहे हैं। 💸
 
यह तो बहुत दुखद मामला है 🤕, ऐसा लग रहा है कि सामाजिक आर्थिक असमानता का मुद्दा खुद को इस तरह फैला रहा है। यह तो न किसी भी जाति या धर्म के लिए है, बल्कि समाज की एकता पर हमला है 🤝, और ऐसा नहीं चाहिए।
 
मुझे ये घटना बहुत दुखद लगी। दीपक कुमार जी की जिंदगी में ऐसी चीजें तो नहीं होनी चाहिए, लेकिन फिर भी वो ऐसा क्यों कर रहे थे। मैं समझता हूँ कि वीडियो में उनकी बुजुर्ग दुकानदार का पक्ष लेना सही नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि वो उस समय बहुत दबाव में थे।

मैं तो सोचता हूँ कि अगर सरकार और पुलिस ने ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया होता, तो यह सब नहीं होता। अब दीपक कुमार जी की बेटी भी खिल्ली या डर से कुछ नहीं कर पाएगी।

मुझे लगता है कि हमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एकजुट होना चाहिए।
 
बिल्कुल, यह बहुत दुखद बात है... 😔 पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी में कदम उठाना चाहिए। यह एक नागरिक की जिंदगी को खतरे में डाल रही है... 🚨
 
मुझे बहुत दुख है कि उत्तराखंड में ऐसी घटनाएं घट रही हैं। यह तो किसी भी मानवतावादी के लिए नहीं सहनिया। हमारे देश में हर किसी को सम्मान मिलेगा, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से।

दीपक कुमार की कहानी की बात करें, तो यह बहुत ही गंभीर है। एक व्यक्ति अपने खुद के मनोबल को बनाए रखने के लिए ऐसा करता है, लेकिन वह भी दूसरों की जिंदगी में नहीं आ सकता। हमारे समाज में तो यही समस्या है।

मेरी राय में, सरकार को इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कुछ विशेष कदम उठाने चाहिए। पुलिस और अन्य सुरक्षा अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए, और हमें इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
 
ज़रूर, मैंने देखा है कि दीपक कुमार का वीडियो तो एक्सपर्ट से भी जांच करना चाहिए था, लेकिन यह देखकर मुझे लगता है कि उनकी बेटी को सहानुभूति नहीं देनी चाहिए। वह लड़की पढ़ाई कर रही है, और उसके माता-पिता भी खुद का खिलाफ नामांकन करने में सफल नहीं हो पाए हैं तो उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

मुझे लगता है कि यह घटना एक सच्चे रहस्य के समान है, और अगर सरकार इसे गंभीरता से नहीं लेती, तो देश की सुरक्षा को खतरा होगा।
 
😕 यह तो बहुत दुखद बात है... मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाएं होने से हमारे समाज में भेदभाव और डर की भावना फैलने लगी है। जैसा कि दीपक ने अपनी तस्वीरों में दिखाया, वहाँ तक लोग खुद को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे थे। यह तो बहुत ही गहरा संदेश है और हमें इस पर विचार करना चाहिए। 🤔

लेकिन मुझे लगता है कि पुलिस ने जल्दी से कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना और भी गहरी हो गई है। और अब दीपक कुमार जैसे लोगों को खौफनाक महसूस करना पड़ रहा है, जिसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है... यह बहुत ही दुखद है। 😔
 
मैंने देखा था कि दीपक कुमार के जिम चलाने में मुश्किल हो रही है, लेकिन यह घटना बहुत गंभीर है... 🤕 उत्तराखंड में ऐसी चीजें कभी नहीं हुईं, और अब तो दीपक साहब का जिम चलना ही नहीं हो पाया। उनकी बेटी के लिए यह बहुत अच्छा नहीं है, और मैं समझता हूँ कि वह खौफनाक महसूस कर रहा होगा।

मुझे लगता है कि पुलिस ने सही काम किया, लेकिन अभी तक इस घटना पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हुई... 🚔 फ्लैग मार्च भी जो किया गया, लेकिन यह सब तो बहुत जल्दी से ठीक हो जाएगा।

मैं चाहता हूँ कि हमारी सरकार इस तरह की घटनाओं को लेकर देखें और उन्हें रोकने की कोशिश करें, नहीं तो यह देश वास्तव में खतरे में डूब जाएगा। 🤯
 
🤕 इस दुनिया में तो बहुत सारे बातें होती हैं जिनके बारे में हम सभी को चिंतित करना चाहिए। यह घटना उत्तराखंड में हुई, लेकिन इसके पीछे के नाम-शरीर क्यों नहीं साफ़ करते? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि हम सभी एक दूसरे को समझने और सहानुभूति रखने की जरूरत है। यह दुकानदार या उस व्यक्ति की बात नहीं है, बल्कि यह एक समस्या है जिसे हमें सुलझाना होगा। 😊

दीपक कुमार जैसे लोगों को अपने जीवन में खुशियाँ और दुःख दोनों मिलें, लेकिन जब उनकी बेटी को खलास कर देना पड़ा, तो वे सहन नहीं कर पाए। यह एक दर्दनाक सच्चाई है, लेकिन इस पर हमें कुछ सुधार करना होगा। 💔

हमें अपने समाज में शांति और समझदारी की बात करनी चाहिए, न कि दोहरी मानकों की। यह एक अच्छा समय है जब हमें साथ मिलकर समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है। 🙏
 
मुझे यह वीडियो देखने में बहुत दर्द हुआ, क्या हो रहा है भारत में ऐसे incidents... कोई जवाब नहीं देता, कोई मदद नहीं करता। मेरी खुशियाँ और शांति की जिंदगी तो अब सब कुछ पूरी तरह से टूट गई है। 🤕
 
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