बजट में कोई बड़ा ऐलान क्यों नहीं, एक्सपर्ट से समझिए: गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट अब 8 साल बाद; करदाता के लिए क्या बदला

जैसे ही बजट अधिवेशन की समाप्ति हो रही थी, सभी नेताओं ने एक-दूसरे को बताया कि वे बजट में बड़ा ऐलान नहीं कर पाए, सिर्फ छोटे-छोटे बदलाव किये गए। यह सरकार की पहली 15वीं बजट घोषणा थी। इस बजट की लंबाई लगभग 85 मिनट तक चली।

इस बजट में शेयर बायबैक पर अब डिविडेंट इनकम की जगह कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा। प्रमोटर्स पर एडिशनल बायबैक टैक्स लगेगा, जिसका अर्थ है कि अगर एक स्टॉक में निवेश करने वाला शेयर बायबैक कराने की कोशिश करता है, तो उसके पास इसकी सभी पैसे मिलने का मौका नहीं होगा। इससे रिटेल इंवेस्टर्स पर दबाव डालेगा।

वित्तमंत्री ने कैंसर पेशेंट्स और उनके परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूट हटा दिया है, जिससे ये दवाएं सस्ती हो सकती हैं। इसके अलावा, पिछले साल के मुकाबले इस बजट में एक लाख करोड़ रुपए का बढ़ना देखा गया।

इस बजट की शुरुआत करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, "हमारा उद्देश्य स्थिर अर्थव्यवस्था बनाए रखना है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि सभी राज्यों में आर्थिक स्थिरता स्थापित हो।"

सरकार ने डिफेंस बजट बढ़ाया, जो 9,65,000 करोड़ है, इस पर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। सरकार ने यह भी बताया कि अगर कोई करदाता ITR-1 और ITR-2 फाइल करता है तो वह लंबी अवधि में बदलाव करने के लिए 31 जुलाई तक रिटर्न भर सकता है, जबकि ITR-3 और ITR-4 वालों के लिए यह सीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।
 
बजट की समाप्ति होने पर मुझे लगा कि यह बजट हमारे अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन शेयर बायबैक पर नई टैक्स नीति से रिटेल इंवेस्टर्स पर दबाव बढ़ सकता है #बजट2025

सरकार की पहली 15वीं बजट घोषणा में कैंसर पेशेंट्स के लिए बेहतरीन तैयारी की गई है, जिससे उनको सस्ती दवाएं मिल सकती हैं और वे अपने परिवारों को भी आर्थिक रूप से मदद कर सकेंगे #सरकारकलंकार

डिफेंस बजट बढ़ाना एक अच्छी बात है, लेकिन यह तो देखकर खेद है कि सरकार ने इस पर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया #बजट2025
 
बजट में बड़े ऐलान न होने पर भी, कई छोटे-छोटे बदलाव हुए हैं। शेयर बायबैक पर टैक्स को बदलने से रिटेल इंवेस्टर्स पर दबाव आ रहा है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कैंसर पेशेंट्स और उनके परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए कई दवाओं पर टैक्स में कमी हुई है। 🙌

इसके अलावा, ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 फाइल करने वालों के लिए भी बदलाव हुए हैं। अगर हमारा उद्देश्य स्थिर अर्थव्यवस्था बनाए रखना है, तो ये बदलाव एक अच्छी शुरुआत हैं। 😊
 
🤑 बजट में शेयर बायबैक पर टैक्स लगाना तो ज्यादा अच्छा नहीं है... देश में निवेशकों के पैसे से पैसा उधार लेने वाले लोगों की बात करें। एडिशनल बायबैक टैक्स लगने से रिटेल इंवेस्टर्स पर दबाव डालेगा। शेयर बायबैक में निवेश करने वाले लोग अपना पैसा वापस नहीं मिलेगा।

लेकिन डिविडेंट इनकम की जगह कैपिटल गेन्स टैक्स लगाने से सरकार से ज्यादा फायदा होगा। ITR-1 और ITR-2 वालों को रिटर्न भरने के लिए 31 जुलाई तक का समय देना तो अच्छा नहीं है... पहले 15 अगस्त तक ही भरना चाहिए।

कैंसर पेशेंट्स को सस्ती दवाएं मिलने से सरकार ने लोगों का मनज़ूर बनाया है। लेकिन बजट में एक लाख करोड़ रुपए का बढ़ना तो वास्तव में भारत के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को देखते हुए चिंताजनक है...
 
बजट तो आ गया, अब मुझे समझना है क्या सबकुछ कैसे लगेगा। ऐसा लगता है कि सरकार ने शेयर बायबैक पर टैक्स बढ़ा दिया है, तो यह अच्छा है या खेद? मैं समझ नहीं पाऊँगा कि एडिशनल बायबैक टैक्स से रिटेल इंवेस्टर्स पर दबाव पड़ेगा। मेरी माँ ने कभी शेयर बायबैक नहीं किया, वह तो अच्छे घर वाले हैं। लेकिन अगर मैं अपना पैसा ऐसे लगाऊँ, तो यह टैक्स निकल जाएगा? 🤔

वित्तमंत्री ने बहुत अच्छा बोला, हमारा उद्देश्य स्थिर अर्थव्यवस्था बनाए रखना है। लेकिन मुझे लगता है कि सरकार ने इस बजट में बहुत कम करोड़ रुपये बढ़ाए हैं। एक लाख करोड़ रुपए तो बड़ा ही बात है, लेकिन क्या यह पर्याप्त है? 🤑
 
बजट की समाप्ति होने पर मेरा मन भाग गया 🤯। तो अब शेयर बायबैक पर टैक्स लगेगा और प्रमोटर्स पर एडिशनल टैक्स, यह तो बहुत अच्छा नहीं है 🤑। लेकिन सरकार ने कैंसर पेशेंट्स की मदद करने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूट हटा दिया है, जिससे उन्हें सस्ती में दवाएं मिलेंगी। यह अच्छी खबर है 🙏
 
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