BMC Polls: बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद भिवंडी में भिड़े BJP और केवीए समर्थक, पत्थरबाजी से बिगड़ा माहौल

बीएमसी चुनाव के नतीजों सामने आने पर भिवंडी में भाजपा और केवीए समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, पत्थरबाजी की घटना को देखते हुए शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं। डीसीपी जोन दो शशिकांत बोराटे ने कहा, 'दो नेताओं के समर्थकों के बीच झड़प हुई, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर कर दिया और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

भाजपा विधायक महेश चौघुले ने कहा, 'चुनाव खत्म हो गए हैं और कल भी उन्होंने कुछ बच्चों पर हमला किया। आज भी शाम करीब 5 बजे दो बच्चों को पीटा गया और फिर मेरे कार्यालय पर पत्थर फेंके गए। पुलिस और मेरे समर्थकों पर भी हमला किया गया, मैं पूरी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का शुक्रिया अदा करता हूं।

इस घटना के बाद के दिनों में भाजपा विधायक ने कहा है कि कोणार्क विकास अघाड़ी के अध्यक्ष विलास पाटिल चाहते हैं कि कोई भी उनके इलाके में प्रवेश न करे। उन्होंने यह भी बताया कि हम पुलिस स्टेशन पहुंच गए हैं और देखेंगे कि पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
 
अरे, ये तो फिर से चुनावों में हिंसा की बात कर रहे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि चुनाव खत्म हो गए हैं, अब कुछ भी नहीं होता। भाजपा विधायक महेश चौघुले की बातें सुनकर लगता है कि वो तो सच्चाई बताने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को ज़रूरत है, तो उसके क्यों नहीं?
 
[Image of a person throwing stones with a red "X" marked through it]

[Image of a politician being pushed away by a crowd with a caption "कोई वादा तो नहीं!" (No promises!)] 🤣

[Video of a person trying to throw a stone, but getting hit instead with a caption "भाजपा के समर्थकों की फुस्की" (BJP supporters' foolishness)]

[Image of a police officer with a megaphone shouting "नियंत्रण में है!" (Control in place!)]
 
बीते दिनों को याद आता है जब मेरे दोस्त ने बताया था कि भिवंडी में कोई भी चुनाव होता है तो वहां किसी भी तरह की शांति नहीं रहती। यही बात आज भी सच है। ये देखकर दुख होता है कि लोग अपने मतदान का अधिकार इस तरह से हारते हैं। और अब यह देखकर आश्चर्य होता है कि चुनाव खत्म हो गए हैं और फिर भी लोग एक-दूसरे पर हमला करते हैं। मुझे लगता है कि सरकार द्वारा आयोजित योजनाएं सही से नहीं चल रही हैं, लेकिन यह तो देखना ही है। 🤔
 
मैने पढ़ा है की भिवंडी में चुनाव के बाद तो बहुत ही गंभीर घटना हुई। मुझे लगता है की पुलिस ने अच्छी तरह से स्थिति को नियंत्रित किया है। लेकिन मैने सोचा है की अगर ऐसी घटनाएं हमेशा इतनी गंभीर नहीं होती, तो हमें ध्यान देना चाहिए की कुछ बड़े पैमाने पर समस्या हो सकती है। मेरे अनुसार, यह एक बुरा संकेत है और हमें इस पर सावधानी से नजर रखनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि भाजपा विधायक महेश चौघुले ने अपने समर्थन करने वालों को बख्शाया ताकि कोई और गंभीर घटना नहीं हो। लेकिन क्या पुलिस की जांच में उनके समर्थकों ने सच्चाई बताएगी?
 
मुझे लगता है कि ऐसी घटनाएं होने से पहले भी मिलकर कुछ हल करने की कोशिश की जाती, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगी 🤕। पुलिस और नेताओं के समर्थकों का बीच इतनी मुश्किल स्थिति उत्पन्न करने से पहले कोई समझौता नहीं किया जाता, तो ये सब दुर्भाग्यपूर्ण होता।
 
मुझे लगता है कि चुनाव के बाद हुई हिंसक झड़प को देखते हुए, हमें सोचना होगा कि पूरे समाज में शांति और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देना होगा। चुनाव के नतीजों के बाद भी, हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 🤝

चुनाव के दौरान और उसके बाद होने वाली घटनाएँ हमारे समाज की गहराई से जुड़ी हुई हैं। इन घटनाओं से हमें यह सीखना होगा कि हमारे समाज में शांति और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए हमें कैसे काम करना है। 📊

भाजपा विधायक महेश चौघुले की बात सुनकर, मुझे लगता है कि पूरे समाज को एकजुट करने और शांति बनाए रखने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। 📈

मैंने देखा है कि इस चुनाव में कई उम्मीदवारों ने अपनी जीत की घोषणा की थी। इन सभी उम्मीदवारों को उनके मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📊

इस चुनाव में कई नए नेता भी उतरे हैं। इन सभी नेताओं को अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📈

मुझे लगता है कि इस चुनाव में हमारे समाज को एकजुट करने और शांति बनाए रखने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 🤝

मैंने देखा है कि इस चुनाव में कई उम्मीदवारों ने अपनी जीत की घोषणा की थी। इन सभी उम्मीदवारों को उनके मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📊

हमें अपने समाज में शांति और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 🤝

चुनाव के नतीजों से पहले, मैंने देखा है कि कई उम्मीदवारों ने अपनी जीत की घोषणा की थी। इन सभी उम्मीदवारों को उनके मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📊

हमें अपने समाज में शांति और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 🤝

मुझे लगता है कि इस चुनाव में हमारे समाज को एकजुट करने और शांति बनाए रखने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📈

मैंने देखा है कि इस चुनाव में कई नए नेता भी उतरे हैं। इन सभी नेताओं को अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📊

हमें अपने समाज में शांति और एकजुटता की भावना को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। हमें अपने मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 🤝

चुनाव के नतीजों से पहले, मैंने देखा है कि कई उम्मीदवारों ने अपनी जीत की घोषणा की थी। इन सभी उम्मीदवारों को उनके मतदाताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। 📊
 
कुछ लोग अपने वोट डालने के बाद तो खुद पर गुस्सा कर देते है 🤯, मुझे ऐसा लगता है कि चुनाव होते हैं तो हर किसी को खुश रहना चाहिए।
 
बिल्कुल हुआ 🤦‍♂️, मेरी भाई तो पहले ही वोट डालने के बाद चुनाव नतीजों की जानकारी देने के लिए घर से निकल गए थे। मैंने उनसे फोन किया और कहा, "अरे भाई, तुमने क्या खेला?!" 😂 पुलिस पर हमला करने वालों को पकड़ने के बाद मैंने अपनी पत्नी से पूछा, "तुम्हें पता है ना कि चुनाव में जो लड़े थे, उनके दोनों समर्थकों के बीच झड़प हुई? 🤔" मेरी पत्नी ने कहा, "बिल्कुल नहीं जानती, तुम बताओ।" 😊
 
ਭवੇਂ ਯे ਖ਼बरਾ ਹੈ, ਤਾਲੀਆਂ ਪੁਚਦੀਆਂ ਰਹੋ, ਕਿਸੇ ਨੇ ਕੌਣ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਚੁਣਾਵਟ ਵਿੱਚ ਜੀਤ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦਿੱਤੀ, ਫਿਰ ਵੀ ਹੋਈ ਹਿੰਸਾ, ਪਤਥਰ ਛੁੱਲਣ ਦਾ ਕੌਣ ਚੱਲਦਾ ਹੈ?
 
बात है चुनाव जैसे नतीजे आ गए हैं, लेकिन यह तो हिंसा की सड़कों पर निकलने की बात नहीं कर रही है, पुलिस ने फिर से समझौता करने की कोशिश किया है 🙏, भिवंडी में ऐसी घटनाएं होना अच्छा नहीं है।
 
बस बात में आती है यह घटना, तो फिर से पता चल रहा है कि चुनावों में जीत या हार के बाद भी लोग कितने बुरे प्रदर्शन कर सकते हैं 🤕. लोगों ने अपने समर्थकों पर हमला करने के सोचे, इसका मतलब तो कोई और क्या ? यहाँ तक कि उन्हें पता नहीं था कि उनकी बेवकूफी देखकर पुलिस और उनके समर्थकों पर भी हमला कर दिया जाएगा।
 
बॉम्बे शहर में चुनाव के नतीजों पर झड़प की बात तो सबको पता है... लेकिन आज भी लोग कुछ नहीं सीख रहे हैं... पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने अच्छा काम किया, शायद अब यहां के लोगों को अपनी बात रखने के लिए तरीका सीखना पड़े। भाजपा विधायक महेश चौघुले की बात तो समझ में आई, उन्होंने कहा है कि क्या देश किसी निर्णय पर चल रहा है?
 
क्या लग रहा है लोगों को अपना मतपत्र डालकर बदलने में इतना समय नहीं मिलता 🤦‍♂️। सबसे पहले चुनाव होता है, फिर जीत होती है, और फिर दूसरे नेता की पार्टी वोटरों को डराने लगती है ताकि वे अपने पूर्वज से मतदान करें। यह हमारी देश की गुणवत्ता को कैसे बढ़ाएगा? 🤔। चुनाव में जीतने के लिए क्या इतना हिंसक होना पड़ता है? पुलिस से निपटने के लिए मुझे अपनी फ़ोर्मेटिंग टूल्स का उपयोग करना पड़ता है ताकि सभी देख सकें 🖋️
 
भाजपा विधायक को तो लगता है कि उन्होंने लड़ाई खेली है लेकिन कल सुबह की घटना बहुत ही गंभीर थी, बच्चों पर पत्थरबाजी करना क्या सही है? पुलिस भी बुरी तरह मुश्किल में आ गई, तो उन्हें यहां तक की वार्डन सीटें देनी पड़ रही हैं।
 
बीएमसी चुनाव के नतीजों में हिंसक झड़प की घटना को देखते हुए, मुझे यह सोचने पर मजबूर हुआ कि भारत में हमारे नेताओं और पार्टियों को क्यों इतना आक्रामक बनाया जाता है। चुनाव खत्म होने के बाद भी लोग अपने आप को फड़वाले सा बनाते हैं और दूसरों को कुचलने की कोशिश करते हैं।

अगर हमारे नेताओं को यह नहीं पता था कि उनके समर्थकों की इतनी गर्मजोशी है, तो क्यों न उन्हें अपने भावनाओं को संतुलित करने की सलाह दी जाए? और अगर पुलिस इस तरह की घटनाओं में शामिल नहीं होती, तो यह समस्या कैसे हल हो सकती थी?

मुझे लगता है कि हमारे नेताओं और पार्टियों को अपने समर्थकों को विकसित करने के लिए एक अच्छे माहौल बनाने की जरूरत है। अगर वे अपने लोगों से प्यार करते हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, तो शायद हमारे देश में शांतिपूर्ण चुनाव और शासन हो सकते थे।
 
मुझे लगता है कि बीजेपी विधायक महेश चौघुले को अपने हिसाब से कहानी बनाय रहे हैं। पत्थरबाजी हुई तो फिर भी उन्होंने दोनों पक्षों के समर्थकों पर हमला करने के बारे में नहीं बताया। उनके समर्थकों ने शाम 5 बजे पर बच्चों को पीटा और फिर कार्यालय पर पत्थर फेंके, इसकी बात कहां?
 
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