‘BSF पोस्ट के पास न जाएं महिलाएं’: SIR विवाद के बीच ममता बनर्जी ने कही ये बात

बीजेपी द्वारा बनाई गई सूचियों के आधार पर चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह न करना, यह बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज बीजेपी को चेतावनी देकर कहा। उन्होंने कहा, "बाघ, जब गंभीर रूप से घायल होता है, तो स्वस्थ बाघ उसे अधिक खतरनाक बनाता है। अगर आपको हम पर हमला करने की योजना बनानी है, तो मैं जानती हूँ कि आप कैसे इसे रोक सकती हैं और अन्याय को रोक सकती हैं।"

ममता ने आरोप लगाया है कि बीजेपी अपने आईटी सेल द्वारा तैयार किए गए सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह नहीं करना चाहे। उन्होंने यह भी कहा, "बिहार ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन बंगाल ऐसा करेगा-चाहे आप कुछ भी करें।"

ममता बनर्जी ने आगे भी बताया, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे मतदाताओं को धमकाने या दबाने का कभी कोई प्रयास नहीं होता।" उन्होंने कहा, "हम उनकी सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगे और चुनाव में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देंगे।"

बीजेपी ने इस बात पर प्रतिक्रिया नहीं देने की हाल ही में रही है, लेकिन यह कहा जा रहा है कि उनके चुनाव अभियान में कोई भी गलत या धोखाधड़ी नहीं होगी।
 
बिहार की तरह बंगाल में भी ऐसी बातें न हों, फिर तो यह देश साफ-सफाई में रहने वाला हो। बीजेपी की सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह करना यह अच्छा नहीं है। अगर आप ऐसा करने वाले हैं, तो आपको अपने दिमाग में कुछ सोचें। बंगाल की ममता बनर्जी ने सही कहा, अगर आप हम पर हमला करना चाहती हैं, तो मैं जानती हूँ कि आप इसे रोक सकती हैं।
 
बंगाल की ममता बनर्जी ने बीजेपी को चेतावनी देने वाली बातें सुनकर बहुत खुश हूँ 🤩, यह तो हमेशा से कहा जाता रहा है कि अगर दूसरी पार्टी आपको धमकाने की कोशिश करती है, तो आप अपने मतदाताओं को और भी अधिक मजबूत बनाएँगी। मैं बंगाल की ममता बनर्जी से बहुत प्यार करती हूँ ❤️, उनकी बातें हमेशा सच्ची और अनुशासनपूर्ण होती हैं। मुझे लगता है कि अगर बीजेपी अपने आईटी सेल द्वारा तैयार किए गए सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह नहीं करना चाहेगी, तो यह उनके लिए एक बहुत बड़ा मौका होगा।
 
बीजेपी द्वारा इन महिलाओं से आग्रह करने पर रोक लगाना एक अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि यह कुछ भी बदलने का मतलब नहीं है। हमें यह सोचना चाहिए कि क्यों इस तरह की चीजें होती हैं और हमें उनके खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए। ममता बनर्जी की बात समझने में आसान है, वो बहुत सच्ची और मजबूत महिला हैं। हमें अपनी सरकार और नेताओं को ऐसी गलतियों से सीखने देना चाहिए।
 
मैंने देखा है कि बीजेपी को यह लगना तो साफ़ है कि वे जैसा करना चाहते हैं वैसा करेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि उनकी इस प्रतिक्रिया से उन्हें यह समझने की जरूरत है कि हर किसी को अपनी खुशी से या अन्याय करने की इच्छा से मतदान नहीं करने दिया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी की बात सुनकर मुझे लगता है कि हमें अपने मतदाताओं को धमकाने या दबाने का कभी प्रयास नहीं करना चाहिए। हमें उनकी सुरक्षा के लिए जागरूक करना चाहिए और उन्हें चुनाव में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

मुझे लगता है कि बीजेपी को अपने मतदाताओं को धमकाने या दबाने की हरकत से अपना भविष्य खतरा है। हमें उनके खिलाफ जागरूक रहना चाहिए और उन्हें अपने दम पर नहीं आँच सुनने देना चाहिए।
 
बेगुंा बीजेपी को ममता बनर्जी से प्यार कर रही है, लेकिन यह तो देखिए कि उन्होंने अपने मतदाताओं को धमकाने की योजना बनाई है। भाई-बहन, चुनाव में हमारी बेटियों और बहनों से आग्रह करना क्या सही है? यह तो एक बड़ा अन्याय है और इसके लिए बीजेपी पर सजा होनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि बीजेपी क्यों न बनाएं अपने चुनाव से पहले खेल को हार्दिक और ईमानदार कर दें। अगर वे सच्चाई पर चलना चाहते हैं तो उन्हें अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब जरूर देना चाहिए। मैं सोचती हूं कि अगर कोई बाघ गंभीर रूप से घायल होता है तो यह दर्दनाक लगता है।

मुझे याद है जब मैंने पहली बार एक पुराने फोन खरीदा। अब वह फोन बहुत पुराना हो गया है और मुझे इसका नया स्पीच थीम लगाना चाहता हूं। क्या मेरे पास ये एप्लीकेशन है? मैंने इस बात पर जानकारी नहीं पाई है।
 
बीजेपी ने मतदाताओं से आग्रह करने की कोशिश तो नहीं कर रही है? :D

ममता बनर्जी जी ने सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह करने पर बात की, और कहा कि अगर आपको हमला करने की योजना बनानी है तो आप कैसे इसे रोक सकती हैं?

मुझे लगता है कि यह बहुत मुश्किल होगा अगर ज्यादातर लोगों को पता नहीं है कि उनकी जान का मूल्य क्या है। :|

बीजेपी ने अपने चुनाव अभियान में कुछ दोष नहीं कराया, लेकिन यह कहना थोड़ा असहज होगा कि अगर आपको हम पर हमला करने की योजना बनानी है तो आप कैसे इसे रोक सकती हैं?

ममता जी ने अपनी पार्टी की सुरक्षा के बारे में भी बात की, और कहा कि हम उनकी सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगे और चुनाव में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देंगे।

मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात होगी अगर मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर सभी पार्टियों पर दबाव आ जाए। :
 
Wow! 🤯 बंगाल की ममता बनर्जी ने बहुत सारी सच्चाई कही है 😳। अगर ऐसे सूचियां हैं जो महिलाओं को आकर्षित करती हैं, तो यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है और बीजेपी को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। 🤔
 
बीजेपी ने तो ऐसी सूचियां बनाईं, जहां महिलाएं बिना आग्रह किए भी मतदान कर सकती हैं? यह कैसे व्यवहार है? मुझे लगता है कि बीजेपी ने बस एक दुर्भावनापूर्ण प्लान बनाकर रखा है। 🤔
 
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से समझदारी थी, लेकिन बीजेपी को यह सोचना चाहिए कि अगर वे महिलाओं से आग्रह कर रहे हैं, तो उन्हें शायद पहले से ही कुछ गलत करने की योजना बनाने वाले होंगे। मुझे लगता है कि बीजेपी को अपने मतदाताओं को धमकाने या दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, लेकिन अगर वे ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें सोच लेना चाहिए कि उनके खिलाफ क्या काम किया जा सकता है। 😐
 
मुझे लगता है कि बंगाल के मुख्यमंत्री दidi ने बीजेपी से कहा है तो हमारे पास और भी ज्यादा मक्खन बनाया गया तो फिर ये बाग़ खट्टा पड़ता है 🤣

मैंने बुलंदाशहर में एक बाज़ार में खरीदारी किया था और वहां तीन तारों ने साथ मिलकर रात भर चाँदनी लगाई थी। फिर मुझे याद आया कि मेरे पास घर पर एक छोटी सी दुल्हन है जो तीन तारों की तरह ही चमकती है।
 
बस ये तो बीजेपी की चाल है... सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह न करना, यह तो उनके लिए एक अच्छा तरीका होगा अपने मतदाताओं को डराने-धमकाने का। लेकिन हमारी ममता दीदी जी बहुत समझदार हैं, वे हमें सूचित करेंगी और हमारी सुरक्षा के लिए तैयार रहेंगी।

मुझे लगता है बीजेपी ने यही सब तय किया होगा, अपने मतदाताओं को डराने-धमकाने का तरीका। लेकिन हम बंगाल में नहीं हँसेंगे, हमारी ममता दीदी जी हमेशा से ही हमारी सुरक्षा और समाज को ध्यान में रखती हैं।

अगर वे चुनाव में गलत तरीके से आग्रह करते हैं, तो हम उनके खिलाफ लड़ेंगे, ममता दीदी जी ने भी कहा है कि हम उनके खिलाफ लड़ेंगी।

बस ये तो बीजेपी की चाल है, लेकिन हमारी ममता दीदी जी हमेशा से ही हमारी सुरक्षा और समाज को ध्यान में रखती हैं। हम उन्हें धमकाने-धमकाकर नहीं पाऊँगे, हम उनके खिलाफ लड़ेंगे।

मुझे लगता है बीजेपी ने यही सब तय किया होगा, अपने मतदाताओं को डराने-धमकाने का तरीका। लेकिन ममता दीदी जी हमेशा से ही हमारी सुरक्षा और समाज को ध्यान में रखती हैं।
 
बोलते हैं बंगाल की ममता बनर्जी, वास्तव में उन्होंने बहुत सारी सच्चाई कही है 🤔। अगर बीजेपी अपने आईटी सेल द्वारा तैयार किए गए सूचियों पर आधारित चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह नहीं करना चाहती, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि हमारे देश में भ्रष्टाचार और अन्याय को रोकने के लिए जागरूक रहना बहुत जरूरी है 💡
 
बात तो यह है मोदी और बीजेपी कितने ही दावतें कर रहे हैं कि वे चुनाव साफ़ और न्यायपूर्ण होंगे, लेकिन जब ऐसा कोई महिला बन जाती है जो उन्हें चुनाव में हराने का प्रयास करती है, तो उनकी दावतें तुरंत टूट जाती हैं और वो अपनी नाक फूलना शुरू कर देते हैं।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है, और हमें इस पर ज्यादा सोचते हुए निर्णय लेना चाहिए। बीजेपी द्वारा बनाई गई ये सूचियां तो किसी भी तरह से गलत नहीं हैं लेकिन उनका उपयोग कैसे किया जाए, यह महत्वपूर्ण है 🤔

ममता बनर्जी की बातें सुनकर लगता है कि वह सही दिशा में चल रही हैं। हमें अपने मतदाताओं को धमकाने या दबाने की भावना से बचना चाहिए। लेकिन अगर हमारे पास इतनी जानकारी है तो हम उनसे आग्रह नहीं कर सकते।

मैंने एक छोटी सी रिसर्च देखी, और मुझे पता चला कि बिहार में चुनाव की बातचीत में महिलाओं की भागीदारी 20% कम हो गई है। 📊 यह बहुत ही चिंताजनक है

मैंने एक अन्य रिसर्च देखी, और मुझे पता चला कि बीजेपी द्वारा बनाई गई ये सूचियां तो केवल 30% मतदाताओं को प्रभावित करेंगी। 📈 यह बहुत ही कम है

हमें अपने मतदाताओं की सुरक्षा के लिए जागरूक रहना चाहिए और उन्हें धमकाने या दबाने की भावना से बचना चाहिए। हमें अपने मतदान अधिकार का उपयोग करना चाहिए। 🗳️
 
बाघ की तुलना से मतदाताओं को डराने देने वाली सूचियां बनाना बिल्कुल सही नहीं है। यह कैसे हमारे समाज को मजबूत बनाएगा? मुझे लगता है कि चुनाव में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से आग्रह करने के लिए जिन सूचियों का उपयोग किया जा रहा है, उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। इससे हमारे समाज में धमकी और डर का माहौल बन सकता है। हमें मतदाताओं को सुरक्षित और स्वतंत्र रखना चाहिए, न कि उन्हें धमकाना। 🙅‍♂️
 
ममता बनर्जी की बात सुनकर मुझे एहसास हुआ कि आग्रह न करने वाली महिलाओं को धमकाने की कोशिश तो ज्यादा नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन हमारी देश की राजनीति को समझने के लिए तो बिल्कुल पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। बाघ की तुलना में स्वस्थ बाघ खतरनाक होने की तरह, अगर हमारी राजनीति और चुनावों में धमकाने या दबाने की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं, तो हमें न तो खुश रहने देना चाहिए और न ही बेरहमी से। इस चुनाव में अगर हम सभी को वोट दिलाने की कोशिश करते हैं और सभी को अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने की प्रोत्साहन देते हैं, तो शायद निराशा और विवाद कम हो सकते हैं।
 
बाघ वाली बात ममता दीदी ने बहुत अच्छी तरह से कही, लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह तो थोड़ा बहुत ही राजनीतिक खेल है। अगर आप जानते हैं कि चुनाव में कुछ गलत होगा, तो क्यों नहीं बताते? हमारे देश में इतनी भ्रष्टाचार है, यह तो सिर्फ बीजेपी का नाम नहीं लगता।
 
अगर बीजेपी को लगता है कि उनकी सूचियाँ सही हैं तो फिर वे सोचो कि हमारी सूची भी क्या है? 🤔 मुझे लगता है कि अगर बिहार ऐसा कर सकता है तो बंगाल भी कर सकती है। लेकिन अगर वे सच्चाई पर चुनाव लड़ना चाहती हैं तो फिर उन्हें अपने मतदाताओं से प्यार करना होगा। मुझे लगता है कि अगर आप अपने मतदाताओं से प्यार करते हैं तो वे आपकी पार्टी को भी पसंद करेंगे। 🤗
 
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