मुझे ये सुनकर बहुत खेद हो रहा था! मारेडुमिल्ली जंगल की बहुत सारी बातें अच्छे निकलती हैं... तो फिर ये नक्सली क्यों ऐसे जंगल में रहते हैं? और उनके पास इतनी भुनियाँ हैं जो उन्हें खतरा नहीं देती? मुझे लगता है कि अगर हम अपने जंगलों को अच्छी तरह से रखें, तो ये नक्सली ऐसे खेलने का कोई reason नहीं रखते।
क्या शायद हमें अपने जंगलों को और अधिक सुरक्षित बनाने की जरूरत है? और नक्सलियों के लिए भी कुछ करने की जरूरत है ताकि वे बिना किसी परेशानी के जीवनयापन कर सकें। मुझे लगता है कि अगर हम दोनों पक्ष को समझें, तो शायद कोई समस्या नहीं रहेगी।