राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर जोर दिया है, लेकिन इसे क्यों कहा गया है? इसके पीछे की रोचक कहानी और इसके महत्व को जानने के लिए हमें पहले इसके बारे में बताएं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कामाख्या से हावड़ा की ओर चलने वाली नई पीढ़ी की ट्रेन है, जिसकी शुरुआत हाल ही में हुई थी। इस ट्रेन को आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, यह ट्रेन सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय रेलवे गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन रेखा है। अब यह लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इसी तेज़ प्रगति का प्रतीक माना गया है। राष्ट्रपति ने दिल्ली से मिजोरम की राजधानी आइजोल तक शुरू हुई सीधी रेल कनेक्टिविटी को पूर्वोत्तर भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार ट्रेन आइजोल पहुंची, तो वहां लोगों में दिखा उत्साह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रेलवे की अन्य बड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु के पंबन ब्रिज को भारत की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेन संचालित हो रही हैं, जो नए भारत की तेज, आधुनिक और आत्मनिर्भर तस्वीर को दर्शाती हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कामाख्या से हावड़ा की ओर चलने वाली नई पीढ़ी की ट्रेन है, जिसकी शुरुआत हाल ही में हुई थी। इस ट्रेन को आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, यह ट्रेन सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय रेलवे गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन रेखा है। अब यह लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इसी तेज़ प्रगति का प्रतीक माना गया है। राष्ट्रपति ने दिल्ली से मिजोरम की राजधानी आइजोल तक शुरू हुई सीधी रेल कनेक्टिविटी को पूर्वोत्तर भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि जब पहली बार ट्रेन आइजोल पहुंची, तो वहां लोगों में दिखा उत्साह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रेलवे की अन्य बड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु के पंबन ब्रिज को भारत की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेन संचालित हो रही हैं, जो नए भारत की तेज, आधुनिक और आत्मनिर्भर तस्वीर को दर्शाती हैं।