Bus accident update: Video: बस हादसे में 7 पहुंची मृतकों की संख्या, इनमें 4 महिला व 2 पुरुष शामिल, 32 गंभीर घायल गुमला रेफर

गुमला में बस हादसे में मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसमें अब 7 लोगों की मौत हो गई है। शोक में यहां पर चार महिलाओं और दो पुरुष शामिल हैं। इनमें से शांति देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी और सोनामति देवी की जान गई है। वहीं, विजय भुइयां और सुखना भुइयां की भी मौत हो गई है।

यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसमें 86 लोग घायल हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर है। महुआडांड़ अस्पताल में इन सभी घायलों को भर्ती कराया गया है| इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे गुमला को हिलाकर रख दिया है।
 
बस हादसे में जिंदगी क्या बन जाती है 🤕? यह तो बिल्कुल भी समझ नहीं आता कि बस में क्यों इतने लोग एक साथ फंस गए। चार महिलाओं की मौत, 2 पुरुषों की मौत, 86 घायल... यह तो कोई हालचल नहीं लगती। बस के दीवारें कैसे इतनी कमजोर? 🤔 निकलने का समय निकालकर सुरक्षा चिंताएं निरोधित कर लेते।
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि बस में ऐसी भी चीजें होती हैं। यह तो बहुत ही दुखद बात है, बस में इतने लोगों की मौत हो गई। मुझे लगता है कि सरकार तुरंत विनिमय कराएं और घायल लोगों को जल्द से जल्द इलाज कराएं। यह घटना पूरे गुमला को हिलाकर रख दी है, मैंने अपने घर से भी बाहर निकलकर वहां जाना चाहता था, लेकिन मेरी बहन बोल रही है कि वाह, तुम बस में जाओ तो वहीं पर खड़ा रहता। मुझे लगता है कि हमारे पास बस सेवाएं अच्छी नहीं होती हैं, यह तो बहुत बड़ी समस्या है।
 
मैं तो बिल्कुल हैरान हूँ, ये कैसे हो सकता है? गुमला में बस हादसे में इतनी जान गई है, यह तो बहुत बड़ी दर्दनाक घटना है... मेरा दिल सारी गुमला की महिलाओं और पुरुषों के लिए खolic हो गया है 🤕, विशेषकर शांति देवी, प्रेमा देवी और सीता देवी, उनकी मौत तो बहुत बड़ा झटका है। और विजय भुइयां और सुखना भुइयां की भी जान गई, यह तो बहुत दुखद है... 86 लोग घायल हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर है, मेरी नमस्कारें इन सभी को जल्दी ठीक होने का इरादा है 🤞, यह घटना पूरे गुमला को दुखी कर दिया है।
 
मैंने जैसे ही सुना तो मेरे मन में यही सवाल आया कि बस चल रही थी, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ में क्यों सभी ने साथ में स्टॉप करने का फैसला नहीं किया। यह तो हादसे के बारे में जरूर बात है और गुमला के लोगों के दिल को टूटने से भी निराश होना चाहिए। बस चल रही थी, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ में सुरक्षा कोई नहीं सुनता? मैं बोलता हूँ तो लोग मुस्कराते हैं, लेकिन यही जिंदगी है।
 
यह दुर्भाग्य कैसे बढ़ता रहता है 🤕! बस हादसे में तो 86 लोग घायल हुए हैं और जान गईने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ गई है। चार महिलाएं शोक में गिरी हैं और उनकी पहचान हुई है... यह बहुत दुखद है! 🤰♀️ मेरी कोई बात नहीं है, बस तो इतनी दुर्घटना होने से पहले भी लोगों की जिंदगी पूरी तरह से गुम ह जाती है।
 
बस हादसे में तो मैंने पहले भी कहा था कि इलेक्ट्रिक बसों में सुरक्षा की बात नहीं होती। अब यह घटना हुई और देखा जा रहा है कि घायलों की संख्या तो बढ़ गई ही, बस इतने ही नहीं! 😬 मैंने कहा था कि सरकार को इन बसों को सुरक्षित बनाने के लिए दो-चार साल का समय देना चाहिए, लेकिन देखा जा रहा है कि यह घटनाएं लगातार ही हो रही हैं। मैं समझ नहीं पाऊं कि इलेक्ट्रिक बसों में इतनी बातें नहीं की जा सकती। 🤔
 
मैंने यह सुनकर बहुत दुख हुआ, 7 लोगों की मौत हो गई? इसके लिए मुझे शर्मान्त व्यक्ति ने नहीं कहा। बस हादसे में इतने लोग घायल भी हुए। उनकी भर्ती के बाद तुरंत इलाज करवाना चाहिए, इससे उनकी जिंदगी बचाई जा सकती है।
 
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