भारतीय किसानों को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दबाव से निपटने की चुनौतियां बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि तापमान में तेजी से वृद्धि और सूखती मिट्टी के कारण फसलों को पानी नहीं मिल पाता। यूरोप, अमेरिका समेत दुनिया के कई प्रमुख खाद्य उत्पादन क्षेत्रों में भीषण सूखे की आशंका बढ़ रही है।
इस अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि बसंत ऋतु में मिट्टी की नमी का स्तर भविष्य के सूखे की गंभीरता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोध के अनुसार अगर बसंत में मिट्टी पहले ही सूखी हो, तो गर्मियों में कृषि सूखा कहीं अधिक तीव्र रूप ले लेता है।
इसलिए अनुकूलन रणनीतियों पर ध्यान देना जरूरी है। किसानों को सूखा-सहिष्णु फसलों को अपनाना, जल प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक बनाना और सिंचाई के तरीकों में सुधार करना अनिवार्य होगा।
इस अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि बसंत ऋतु में मिट्टी की नमी का स्तर भविष्य के सूखे की गंभीरता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोध के अनुसार अगर बसंत में मिट्टी पहले ही सूखी हो, तो गर्मियों में कृषि सूखा कहीं अधिक तीव्र रूप ले लेता है।
इसलिए अनुकूलन रणनीतियों पर ध्यान देना जरूरी है। किसानों को सूखा-सहिष्णु फसलों को अपनाना, जल प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक बनाना और सिंचाई के तरीकों में सुधार करना अनिवार्य होगा।