उत्तराखंड के सितारगंज से उत्पन्न हिमांशु गुप्ता, जो आज भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में न्यूनतम रैंक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों में से एक हैं। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता परिवार की आर्थिक स्थिति, बचपन के संघर्षों और सही दिशा में लगन से प्रयास करने पर आधारित होती है।