छात्रों को मिलेगा पोस्टल बैलेट का अधिकार? सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई; वोटर लिस्ट से नाम कटने पर भी अदालत सख्त।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को पोस्टल बैलेट से वोट देने की सुविधा देने की मांग की गई है। यह याचिका एक ऐसी है जिसमें कहा गया है कि जो छात्र अपने गृह क्षेत्र से बाहर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं, उन्हें मतदान के दिन घर जाकर वोट नहीं डाल पाते।
पीठ ने कहा है कि चार हफ्ते में जवाब मांगा है, ताकि यह पता चले कि क्या सरकार और चुनाव आयोग इस सुविधा को लेकर कुछ बात कह सकते हैं।
साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना और हटाना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन यह बहुत सावधानी से और ठोस आधार पर करना चाहिए।
छात्रों को वोट देने में मदद करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने किया है। इससे छात्रों को अपने गृह क्षेत्र से बाहर पढ़ रहे हुए भी मतदान का अधिकार मिल सकता है।
इस फैसले से लोकतंत्र पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को पोस्टल बैलेट से वोट देने की सुविधा देने की मांग की गई है। यह याचिका एक ऐसी है जिसमें कहा गया है कि जो छात्र अपने गृह क्षेत्र से बाहर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं, उन्हें मतदान के दिन घर जाकर वोट नहीं डाल पाते।
पीठ ने कहा है कि चार हफ्ते में जवाब मांगा है, ताकि यह पता चले कि क्या सरकार और चुनाव आयोग इस सुविधा को लेकर कुछ बात कह सकते हैं।
साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना और हटाना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन यह बहुत सावधानी से और ठोस आधार पर करना चाहिए।
छात्रों को वोट देने में मदद करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने किया है। इससे छात्रों को अपने गृह क्षेत्र से बाहर पढ़ रहे हुए भी मतदान का अधिकार मिल सकता है।
इस फैसले से लोकतंत्र पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए।